शीर्ष युक्तियाँ

क्या मेटल स्टॉक्स में आपको कारोबार करना चाहिए

क्या मेटल स्टॉक्स में आपको कारोबार करना चाहिए
Zee Business हिंदी 26-09-2022 ज़ीबिज़ वेब टीम

दिग्गज स्टील कंपनियों के शेयरों में 25% की गिरावट, सुमित मेहरोत्रा से जानें क्या आपको चाहिए खरीदना या अभी रहें दूर

मेटल कंपनियों के अच्छे नतीजों में इनपुट लागत की थोड़ी दिक्कत रही लेकिन सबके रियलाइजेशन बेहतर रहे हैं

सुमित मेहरोत्रा ने कहा कि मेटल कंपनियों पर भारी भरकम कर्ज है और कंपनियों ने कैपैक्स की भी घोषणा की है

मेटल शेयरों में बिकवाली का सिलसिला नहीं थम रहा है। निफ्टी मेटल इंडेक्स आज फिर 1.5 परसेंट नीचे कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। मेटल की मजबूती पर ग्रहण लगा हुआ है। इस सेक्टर की कंपनियों के बेहतर नतीजों के बावजूद बिकवाली जारी है। दिग्गज स्टील कंपनियों के शेयरों 25% तक गिरे हैं। इस पूरे सेक्टर पर सीएनबीसी-आवाज़ के सुमित मेहरोत्रा ने स्कैनिंग की है।

जानते हैं क्यों मेटल सेक्टर कभी गरम है तो कभी नरम, इस पर सुमित मेहरोत्रा की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट-

सुमित मेहरोत्रा ने कहा कि मेटल सेक्टर के शेयर इस सिंगल डिजिट पीई पर नजर आ रहे हैं। इसमें कई शेयर 7, 8 या 3 के पीई के वैल्यूएशन में नजर आ रहे हैं। इसलिए लोगों को लग सकता है कि इतना सस्ता सेक्टर है तो इसमें पैसा लगाने में दिक्कत कहां है। लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि जब मेटल कंपनियां कैपेक्स करती है। तब इनका साइकल रिवर्स होकर तेजी की तरफ जाता है तो इनके नतीजे अच्छे आते हैं।

संबंधित खबरें

सिर्फ 9 महीने में 236% मिला रिटर्न, इस एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी के शेयर पहुंचे रिकॉर्ड ऊंचाई पर, क्या है तेजी की वजह?

Balrampur Chini Share Price: शुगर स्टॉक्स में क्या करें निवेशक?

Stocks To Buy : शॉर्ट टर्म में ये 3 शेयरों से दमदार रिटर्न, जानिए कितनी होगी कमाई

इनके नतीजे अच्छे आते हैं तो ईपीएस बढ़ता है जिसकी वजह से पीई भी अच्छी होती है लेकिन जैसे ही साइकल घूमता है तो ईपीएस कमजोर होते हैं और पीई भी नीचे गिरती है कभी-कभी तो इसमें लॉस भी नजर आता है।

सुमित ने विस्तार से बताते हुए इस बार मेटल कंपनियों के नतीजे अच्छे आये हैं। इसमें इनपुट लागत की थोड़ी दिक्कत रही लेकिन सबके रियलाइजेशन बेहतर रहे हैं। यहां तक कि स्टील, कॉपर, निकेल, एल्युमिनियम और आयरन के भी रियलाइजेशन अच्छे नजर आये हैं। नंबर अच्छे आने बावजूद कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली है।

इस लिहाज से मुख्य तौर पर चार कंपनियों टाटा स्टील, हिडाल्को, वेदांता और जेएसपीएल के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इसमें से हिंडाल्को के शेयर में 33 प्रतिशत, वेदांता में 25 क्या मेटल स्टॉक्स में आपको कारोबार करना चाहिए प्रतिशत, टाटा स्टील में 24 प्रतिशत और जेएसपीएल में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

मेटल कंपनियों पर भारी कर्ज

कंपनियों के शेयर भागे हैं और कुछ कंपनियों ने डिविडेंड की घोषणा की है। हालांकि कंपनियों पर भारी कर्ज भी है। पिछले वित्त वर्ष के आंकड़ों के अनुसार टाटा स्टील पर करीब 76000 करोड़ रुपये का कर्ज है, जेएसडब्ल्यू स्टील पर 71000 करोड़ रुपये, हिंडाल्को पर 68000 करोड़ रुपये, वेदांता पर 54000 करोड़ रुपये और जेएसपीएल पर करीब 17000 करोड़ रुपये का कर्ज है।

सुमित मेहरोत्रा ने आगे कहा कि मेटल कीमतों में तेजी के चलते कंपनियों ने क्षमता विस्तार भी किया है। इस समय टाटा स्टील की मौजूदा क्षमता 34 मिलियन टन है जिसमें कंपनी 7 मिलियन टन का विस्तार करना चाहती है। ये शेयर इस समय 5 के मल्टीपल पर मिल रहा है। वहीं जेएसडब्ल्यू स्टील की मौजूदा क्षमता 28 मिलियन टन है जिसमें कंपनी 8.5 मिलियन टम का विस्तार करना चाहती है। इस समय ये शेयर 7 के मल्टीपल पर मिल रहा है।

इसी तरह वहीं जेएसपीएल की मौजूदा क्षमता 20 मिलियन टन है जिसमें कंपनी 5 मिलियन टन का विस्तार करना चाहती है। इस समय ये शेयर 7.4 के मल्टीपल पर मिल रहा है।

दूसरी तरफ हिंडाल्कों का कैपेक्स 60000 करोड़ रुपये का है जो कि 6.5 के मल्टीपल पर मिल रहा है वहीं वेदांता का 3600 करोड़ रुपये का कैपेक्स है और ये 8.5 के मल्टीपल पर उपलब्ध है।

सुमित मेहरोत्रा ने इस रिपोर्ट को पेश करते हुए कहा कि मेटल की कमजोरी की एक वजह कंपनियों पर कर्ज का बोझ ज्यादा होना है। दूसरी तरफ कंपनियों द्वारा कैपेक्स की भी ऐलान किया गया है। कंपनियों ने ऊंची कीमतों की वजह से कैपेक्स का ऐलान किया है। वहीं कंपनियों ने अच्छे नंबर पेश किये हैं और अच्छे नंबर्स की वजह से पीई सस्ता दिखाई दे रहा है।

इसलिए कुल मिलाकर सुमित ने कहा कि निवेशकों को सोच-समझकर और संभल कर ही मेटल में कोई कॉल लेना चाहिए।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

Best Stocks: गिरते बाजार में अभी खरीद सकते हैं ये 5 शेयर, लखपति को करोड़पति बनाने की ताकत!

रिसर्च फर्म सीएनआई रिसर्च (CNI Research) के सीएमडी किशोर ओस्तवाल (Kishor Ostwal) का मानना है कि अभी आई गिरावट ने स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट का बढ़िया अवसर दिया है. ओस्तवाल ने ये दावा भी किया कि इंटेरेस्ट रेट बढ़ने के बाद भी अब बाजार ऊपर चढ़ेगा.

अभी शेयर खरीदने का बढ़िया मौका

सुभाष कुमार सुमन

  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2022,
  • (अपडेटेड 16 जून 2022, 8:59 AM IST)
  • इस साल करीब 2000 अंक टूट चुका है निफ्टी
  • अक्टूबर के बाद बिकवाली की चपेट में बाजार

दुनिया भर के शेयर बाजार (Share Market) अभी बिकवाली की चपेट में हैं. भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) भी इससे अछूते नहीं हैं. विदेशी निवेशकों (FPI) की भारी बिकवाली, बढ़ती महंगाई, मंदी की आशंका आदि जैसे फैक्टर्स बाजार को संभलने का कोई मौका नहीं दे रहे हैं. बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) दोनों आज भी प्रेशर में कारोबार कर रहे हैं. पिछले पांच दिन में निफ्टी करीब 4 फीसदी टूटा है. इस साल अब तक निफ्टी करीब 2000 अंक यानी 11 फीसदी के नुकसान में है. लगातार आई गिरावट के चलते कई इन्वेस्टर्स घबराकर अपनी होल्डिंग्स बेच रहे हैं. हालांकि कई एक्सपर्ट बाजार में आए इस डिप को क्वालिटी स्टॉक्स खरीदने का बढ़िया मौका मान रहे हैं. उनका मानना है कि यह समय होल्ड करने और नया खरीदने का है.

रिसर्च फर्म सीएनआई रिसर्च (CNI Research) के सीएमडी किशोर ओस्तवाल (Kishor Ostwal) का मानना है कि अभी आई गिरावट ने स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट का बढ़िया अवसर दिया है. ओस्तवाल ने ये दावा भी किया कि इंटेरेस्ट रेट बढ़ने के बाद भी अब बाजार ऊपर चढ़ेगा. उन्होंने कहा कि अभी कई ऐसे सेक्टर हैं, जिनके स्टॉक्स खरीदने से आने वाले समय में बढ़िया रिटर्न मिल सकता है. उन्होंने कहा कि चीनी और गेहूं से जुड़े स्टॉक्स को खरीदना फायदे का सौदा है. उन्होंने पांच ऐसे शेयरों के बारे में भी बताया, जिनमें अभी इन्वेस्ट करना सही साबित हो सकता है.

टाइटन (Titan): टाटा समूह की इस कंपनी का शेयर आज के कारोबार में मामूली मजूबती में रहा है. हालांकि यह पिछले पांच दिन, एक महीने, छह महीने और इस साल अब तक के हिसाब से गिरा हुआ है. पिछले छह महीने में यह स्टॉक करीब 10 फीसदी गिरा है. इस साल जनवरी से अब तक इसके भाव में 16 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है. इसका 52-वीक हाई 2,768 रुपये है, क्या मेटल स्टॉक्स में आपको कारोबार करना चाहिए जबकि अभी यह 2,100 रुपये के आस-पास ट्रेड कर रहा है. इस तरह यह स्टॉक 'Buy The Dip' की लिस्ट में पसंदीदा बन जाता है.

सम्बंधित ख़बरें

11 रुपये वाला शेयर 86000 के पार, जानिए MRF क्यों है भारत का सबसे महंगा स्टॉक!
कल हो सकती है इस IPO की लिस्टिंग, ग्रे मार्केट में शेयर का धमाल
दिवाली के दिन खुलेगा स्टॉक मार्केट, ये शेयर खरीदना हो सकता शुभ!
Tata Steel, IndusInd के शेयर चढ़े, बाजार ने की ठोस शुरुआत
RIL, HDFC के शेयर हुए धड़ाम. वोलेटाइल ट्रेड में छठे दिन भी गिरा बाजार

सम्बंधित ख़बरें

एशियन पेंट्स (Asian Paints): इस ब्लूचिप स्टॉक का भाव अभी ऑल टाइम हाई से करीब 1000 रुपये नीचे आया हुआ है. कभी यह स्टॉक 3,590 रुपये के हाई तक गया था, लेकिन अभी 2,650 रुपये के आस-पास ट्रेड कर रहा है. इस साल अब तक इसका भाव 22 फीसदी से ज्यादा गिरा है, जबकि बीते छह महीने में इसमें 19.50 फीसदी की गिरावट आई है. पिछले एक महीने में ही इस स्टॉक में 11 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है.

इंफोसिस (Infosys): भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड इन्वेस्टर्स की पसंदीदा रही है. आज भी इस आईटी कंपनी का स्टॉक करीब 1.50 फीसदी तक की गिरावट में है और 1,420 रुपये के आस-पास है. एक समय इस स्टॉक का भाव 1,953.90 रुपये के हाई तक पहुंचा था. इस साल जनवरी से अब तक इंफोसिस का शेयर 25 फीसदी से ज्यादा गिरा है. इसी तरह बीते छह महीने में इसमें करीब 18 फीसदी की गिरावट आई है.

रेणुका शूगर (Renuka Sugar): ग्लोबल फूड क्राइसिस के मौजूद दौर में गेहूं के बाद सबसे ज्यादा भाव चीनी के ही बढ़े हैं. इसी कारण भारत सरकार ने गेहूं के बाद चीनी के एक्सपोर्ट पर भी पाबंदियां लगा दी हैं. सरकार चाहती है कि घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और कीमतें अधिक न बढ़ें. इसके अलावा इथेनॉल पर सरकार के फोकस से भी चीनी कंपनियों के स्टॉक आने वाले समय के लिए बेहतर संभावनाएं दिखा रहे हैं. आज इस स्टॉक का भाव करीब एक फीसदी मजबूती के साथ 50 रुपये के आस-पास है. यह भी अपने पीक से करीब 23 फीसदी नीचे है.

सेल (Sail): स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की गिनती नवरत्नों में होती है. बदली भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने भी मेटल खासकर स्टील स्टॉक्स की अहमियत बढ़ा दी है. सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए एक्सपोर्ट पर शुल्क बढ़ाया है. आज के कारोबार में इसका भाव भी करीब एक फीसदी गिरा हुआ है. दूसरी ओर ऑल टाइम हाई से इसकी कीमत 50 फीसदी से ज्यादा टूटी हुई है. कभी 145.90 रुपये तक पहुंचा यह स्टॉक अभी 70 रुपये के आस-पास ट्रेड कर रहा है.

(Disclaimer: शेयर बाजार में पैसे लगाने पर कई तरह के रिस्क होते हैं. स्टॉक मार्केट में पैसे लगाने से पहले आप खुद से रिसर्च जरूर करें या अपने पर्सनल फाइनेंस एडवाइजर की सलाह लें.)

स्‍टील स्‍टॉक्‍स पर ग्‍लोबल फैक्‍टर्स रहेंगे हावी? कैसे बनाएं स्‍ट्रैटजी, Tata Steel, JSW Steel में क्‍या करें निवेश

Zee Business हिंदी लोगो

Zee Business हिंदी 26-09-2022 ज़ीबिज़ वेब टीम

Stocks to Watch: महंगाई पर काबू पाने के लिए यूएस फेड समेत दुनियाभर के केंद्रीय बैंक ब्‍याज दरें बढ़ रहे हैं. इसके चलते ग्‍लोबल लेवल पर मंदी की आशंका गहराती जा रही है. वहीं, भारत समेत ग्‍लोबल बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा रही है. मेटल स्‍टॉक्‍स खासकर स्‍टील शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी मेटल में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 3 फीसदी से ज्‍यादा गिरावट है. इनमें टाटा स्‍टील, सेल, जेएसडब्‍ल्‍यू स्‍टील में 3.5 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट है. इस बीच, ग्‍लोबल ब्रोकरेज हाउस जेफरीज (Jefferies) ने स्‍टील सेक्‍टर पर अपनी इन्‍वेस्‍टमेंट स्‍ट्रैटजी जारी की है. ब्रोकरेज का मानना है कि स्‍टील कंपनियों के सामने ग्‍लोबल मैक्रो का रिस्‍क बना हुआ है.

स्‍टील सेक्‍टर पर क्‍या है जेफरीज की राय

ग्‍लोबल ब्रोकरेज हाउस जेफरीज का कहना है कि स्टील की कीमतों में शुरुआती दौर का दबाव पॉजिटिव है. जून तिमाही से फ्लैट इंडियन स्‍टील की कीमतों में औसतन 19 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. भारतीय स्‍टील की कीमतें अभी भी इम्‍पोर्ट पेयरटी के मुकाबले 6-11 फीसदी ऊपर बनी हुई है. ब्रोकरेज ने जनवरी में भारतीय स्‍टील सेक्‍टर को डाउनग्रेड किया था.

ब्रोकरेज का मानना है कि सेक्‍टर में कंस्‍ट्रक्टिव की बात करना अभी जल्‍दबादी है. सीजनल डिमांड आने की उम्‍मीद है लेकिन ग्‍लोबल मैक्रो फैक्‍टर एक बड़ा रिस्‍क बने हुए हैं. जेफरीज ने अपनी निवेश स्‍ट्रैटजी में कहा है कि निवेशकों को लोवर पीबी वैल्‍युएशंस और बेहतर कैश फ्लो आउटलुक के चलते JSW Steel पर Tata Steel को तरजीह देनी चाहिए.

किस शेयर में क्‍या है टारगेट

Tata Steel

टारगेट: ₹87 से बढ़ाकर ₹95

JSW Steel

(CMP: 23 सितंबर 2022)

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

शेयर बाजार में करना चाहते हैं निवेश तो मुनाफा कमाने के हैं ये 5 सीक्रेट

Best Share secrets: किसी भी कंपनी के शेयर में इन्वेस्ट करने से पहले उसके बिजनेस को समझना बहुत जरुरी है

शेयर बाजार में करना चाहते हैं निवेश तो मुनाफा कमाने के हैं ये 5 सीक्रेट

पहले लोग शेयर मार्केट (Share Market) में निवेश को जुआ खेलने के सामान मानते थे-अब ये पुरानी बात है. अब जैसे-जैसे लोगों की फाइनेंशियल लिटरेसी बढ़ रही है, लोग फिक्स्ड डिपाजिट के अलावा कई और निवेश के विकल्पों की तरफ ध्यान दे रहे हैं. कई स्टार्टअप आने की वजह से करोड़ो नये लोग मार्केट से जुड़े हैं और बाजार में अपनी भागेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं. लेकिन एक आम निवेशक को शेयर बाजार में निवेश से पहले इन बातों पर ध्यान देना चाहिए.

1. सही सेक्टर चुनना सबसे जरुरी

अगर आप मार्केट में नये हैं, तो आपके लिए सही सेक्टर का चयन सबसे महत्वपूर्ण है. सही सेक्टर चयन करने के लिए पहले ये समझने की कोशिश करें कि अभी या आने वाले दिनों में किस सेक्टर की ग्रोथ सबसे ज्यादा होगी. आप अपने अगल-बगल हो रही चीजों को ध्यान से ऑब्जरव करके पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं अभी कौन सा सेक्टर सबसे अधिक डिमांड में है.

उदहारण के लिए अगर आपको लगता है हमलोग डिजिटल दुनिया की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और आने वाले दिनों में लगभग सभी चीजें डिजिटल हो जाएगी. ऐसे में आप निवेश के लिए IT सेक्टर के स्टॉक्स पर रिसर्च करेंगे. वहीं, अगर आपको लगता हैं आने वाले दिनों में देश में कई कारखाने, इमारतों का निर्माण होगा, तो आपको इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स में निवेश करना चाहिए. मार्केट एनालिस्ट की माने तो अभी के समय के अनुसार भारत में IT, मेटल और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत सभी सेक्टर में ग्रोथ की आपार संभावना है.

अगर आप शेयर मार्केट में नये हैं तो आपके लिए लार्जकैप स्टॉक्स निवेश के लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकता हैं. लार्ज-कैप कंपनियां अच्छी तरह से स्थापित होती हैं और बाजार में बहुत बड़ी हिस्सेदारी कैप्चर करती हैं. लार्ज-कैप कंपनियों का मार्केट कैप 20,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक का होता है. रिलायंस, इंफोसिस, TCS जैसी कंपनियां लार्ज-कैप स्टॉक्स के बेहतरीन उदहारण है.

2. कंपनी के बिजनेस को अच्छे से समझें

नये रिटेल निवेशक को कभी भी टेलीविजन या कहीं और से मिले टिप पर खरीदारी नहीं करनी चाहिए. किसी भी कंपनी के शेयर में इन्वेस्ट करने से पहले उसके बिजनेस को समझना बहुत जरुरी है. शेयर खरीदने से पहले हमेशा कंपनी के बारे में डिटेल से पढ़े. कंपनी क्या करती है, कंपनी अपने कारोबार से कितना मुनाफा बना रही है, बाकी पियर्स (उसी सेक्टर की दूसरी कंपनियों) की तुलना में ये कंपनी क्यों सबसे अच्छी है, निवेश का डिसिजन लेने से पहले ऐसी तमाम बाते खुद से जरूर पूछे.

3.कंपनी के फाइनेंशियल को जरूर देखें

कंपनी के फाइनेंशियल को देखकर आप कंपनी के बारे में बहुत चीज चीजें पता कर सकते हैं. हर कंपनी साल में 4 बार (तीन-तीन महीनों पर) अपने तिमाही नतीजे की घोषणा करती है. कंपनी अपने क्वार्टरली रिजल्ट के माध्यम से अपने शेयरहोल्डर्स को अपने प्रॉफिट-लॉस और सारे पैसे का लेखा-जोखा देती है. किसी भी कंपनी का क्वार्टरली रिजल्ट आपको उस कंपनी के ऑफिसियल वेबसाइट पर आसानी से मिल जायेगा. कंपनी के भविष्य के लक्ष्य के बारे में जानने के लिए आपको कंपनी के इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन को देखना चाहिए.

4.क्योंकि कंपनी के फायदे में है आपका फायदा

सही स्टॉक चुनना का सबसे बेसिक तरीका है कि आप उन स्टॉक्स में निवेश करने की सोचे जो कंपनी अपने करोबार से लगातार अच्छा प्रॉफिट बना रही है और उम्मीद है कि आगे भी अच्छा मुनाफा बनाने में कामयाब रहेगी. चूंकि आप उस कंपनी का शेयर खरीद रहे हैं, आप उस कंपनी के मालिक है -भले ही बहुत छोटे हिस्से के ही क्यों ना हो. इसलिए कंपनी के प्रॉफिट में आपका भी हिस्सा है. कई कंपनियों अपने शेयरहोल्डर्स को प्रॉफिट में हिस्सेदारी देने के लिए समय- समय पर डिवीडेंड (Dividend) देती हैं.

जो कंपनियां डिवीडेंड नहीं देती, लेकिन लगातार अपने बिजनेस से अच्छा मुनाफा बना रही हैं, सामान्य तौर पर आपको वैसी कंपनी काफी अच्छा रिटर्न देते दिखेगी.

5.रिस्क मैनेजमेंट भी जरुरी

आपने शायद बहुत बार पढ़ा होगा मार्केट में होने वाले फायदे से ज्यादा आपको अपने हो सकने वाले नुकसान पर ध्यान रखना चाहिए. कोई भी ट्रेड लेने से पहले उस ट्रेड के रिस्क टू रिवॉर्ड रेश्यो (Risk to Reward Ratio) को जरूर देखें.

आसान भाषा में 'रिस्क टू रिवॉर्ड' रेश्यो का मतलब ऐसे समझे- आपने हो सकने वाले प्रॉफिट के लिए कितना पैसा दाँव पर लगाया है. चलिए एक उदाहरण ले लेते हैं, मान लीजिए आपने किसी कंपनी के एक शेयर को ₹100 में खरीदा. और उसके लिए आपने टारगेट प्राइस ₹120 का और स्टॉपलॉस ₹80 का रखा. तो - अगर वो शेयर ₹120 पर पहुंचता तो आपको 20 रूपये का फायदा होगा. लेकिन अगर इसके विपरीत अगर इसी शेयर का कीमत घटते हुए ₹80 पर पहुंच गया तो आपको 20 रूपये का नुकसान होगा. ऐसे में इस ट्रेड के लिए आपका 'रिस्क टू रिवॉर्ड रेश्यो' 20/20 मतलब 1:1 का होगा.

आमतौर पर 1:2 के 'रिस्क टू रिवॉर्ड रेश्यो' को अच्छा मना जाता हैं. मतलब अगर आप किसी शेयर में ₹20 रूपये का फायदा देख रहे हैं तो ये बात याद रखें की उस ट्रेड में आपको ₹10 से ज्यादा का नुकसान न हो.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

Stock Close: सेंसेक्स लगातार 5वें सत्र में टूटा, Adani Transmission 3% लुढ़का, IGL 7% चढ़ा

Stock Market Close on 27 September 2022: निफ्टी पर हीरो मोटोकॉर्प (Hero Motocorp) में 2.88 फीसदी, अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) में 1.96 फीसदी, टाइटन (Titan) में क्या मेटल स्टॉक्स में आपको कारोबार करना चाहिए 1.90 फीसदी, टाटा स्टील (Tata Steel) में 1.90 फीसदी और SBI Life में 1.41 फीसदी की टूट देखने को मिली.

Stocks Close

दूसरी ओर, सिप्ला (Cipla) में 3.41 फीसदी, टाटा कंज्यूमर्स (Tata Consumers) में 2.48 फीसदी, श्री सीमेंट्स (Shree Cements) में 2.36 फीसदी, पावरग्रिड में 2.19 फीसदी और इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) में 2.11 फीसदी का उछाल देखने को मिला. दिन के कारोबार के दौरान IGL के शेयरों में सात फीसदी का उछाल देखने को मिला.

रुपया पांच पैसे हुआ मजबूत

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे मजबूत होकर 81.57 के स्तर पर क्लोज हुआ. इससे पिछले सत्रों में रुपये में काफी अधिक कमजोरी देखने को मिल रही थी.

Sensex पर ये शेयर लुढ़के

BSE Sensex पर मंगलवार को टाटा स्टील (Tata Steel) के शेयरों में सबसे ज्यादा 2.25 फीसदी की टूट देखने को मिली. इसके अलावा टाइटन (Titan), एसबीआई (SBI), कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एचडीएफसी (HDFC), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), मारुति (Maruti), लार्सन एंड टुब्रो (L&T), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और सन फार्मा (Sun Pharma) के शेयर लाल निशान के साथ क्लोज हुए.

इन शेयरों में दिखी तेजी

सेंसेक्स पर पावरग्रिड (Powergrid), IndusInd Bank, Dr. Reddy's, HCL Tech, नेस्ले इंडिया (Nestle India) और एशियन पेंट्स में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला.

रेटिंग: 4.18
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 76
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *