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मुख्य व्यापारिक स्थिति

मुख्य व्यापारिक स्थिति
मीन राशि:- आज का दिन सामान्य रहेगा. लंबे समय से अटकी योजना पूरी हो सकती हैं. नौकरी के नए अवसर मिलने की संभावना रहेगी. कार्यभार अधिक होने से शारीरिक और मानसिक रूप से थकान महसूस करेंगे. खर्च की अधिकता रहेगी. परिवार में किसी से मनमुटाव हो सकता है. मित्रों की सलाह काम आएगी.

मुख्य व्यापारिक स्थिति

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भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार .

Solution : स्वाधीनता के बाद मुख्य व्यापारिक स्थिति हमारे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की विशेषताएँ निम्नलिखित
(i) इस व्यापार की वृद्धि मुख्य व्यापारिक स्थिति केवल मात्रा तथा मूल्य में ही नहीं हुई बल्कि दिशा में भी परिवर्तत हुई है।
अब इंग्लैंड तथा अन्य राष्ट्र संघ देशों के साथ हमारे व्यापारिक संबंध एक तरफा नहीं रह गए जैसा कि स्वाधीनता से पहले था।
(ii) अब हम विदेशों को कच्चा माल तथा तैयार उत्पाद भी निर्यात करते हैं।
(iii) हमारे प्रमुख उत्पाद हैं-कृषि तथा संबंधित उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद तथा अयस्क और खनिज। भारत पेट्रोलियम तथा संबंधित उत्पाद, मोती तथा बहुमूल्य रत्न, सोना और चाँदी आदि का आयात करता है।
(iv) अब हमारे व्यापारिक संबंध इंग्लैंड की अपेक्षा अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूरोप तथा तेल उत्पादक देशों के साथ हैं।
(v) सार्क (SAARC) देशों के साथ भी भारत के व्यापारिक संबंध बढ़ रहे हैं।
(vi) अमेरिका तथा अरब देशों के बाद चीन के साथ भारत के व्यापारिक संबंध बहुत अच्छे हैं।

शिक्षक नियुक्ति केस: SC में हाजिर हुए मुख्य सचिव, कोर्ट ने कहा – जिनकी नियुक्ति हो चुकी है, उन्हें जिले का विकल्प दें

सुप्रीम कोर्ट

Ranchi/Delhi: सुप्रीम कोर्ट में शिक्षक नियुक्ति मामले की सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, शुक्रवार की सुनवाई में झारखंड के मुख्य सचिव भी अदालत के समक्ष हाजिर हुए. कोर्ट ने सरकार को यह निर्देश दिया है कि जिनकी नियुक्ति हो चुकी है, उनकी अलग मेरिट लिस्ट तैयार करें और उन्हें यह विकल्प दिया जाए कि वे किस जिले में कार्य करना चाहते हैं. वहीं अदालत ने सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट में जिन अभ्यर्थियों ने रिट याचिका दाखिल की थी, उनकी अलग लिस्ट तैयार कर उनकी नियुक्ति करें. सोनी कुमारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि सरकार आदेश का पालन नहीं कर रही है. और अब नया कट ऑफ मार्क्स निर्धारित कर नियुक्ति करने जा रही है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सरकार को यथा स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था.

संकटग्रस्त विश्व व्यवस्था के बीच भारत की जी20 की अध्यक्षता दुनिया को रास्ता दिखा सकता है

संकटग्रस्त विश्व व्यवस्था के बीच भारत की जी20 की अध्यक्षता दुनिया को रास्ता दिखा सकता है

जी20 में अब भारत का वक्त शुरू हो चुका है… अगले साल यानी नवंबर 30, 2023 तक भारत 19 सबसे अमीर देशों और यूरोपीय संघ के समूह का नेतृत्व करेगा. ये सभी सकल विश्व उत्पाद का 85 प्रतिशत और दुनिया की आबादी का 60 प्रतिशत हिस्सा है. ऐसे वक्त में जब दुनिया परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, दुनिया के सबसे अमीर और राजनीतिक रूप से सबसे प्रभावशाली देशों के समूह का अध्यक्ष होने के नाते भारत के सामने कई अवसर और चुनौतियां पेश आएंगी.

रूस के खिलाफ प्रतिबंधों से मुश्किल बढ़ी

दुनिया इन दिनों आर्थिक संकट से गुजर रही है. कम संपन्न देश महामारी और ईंधन की उच्च कीमतों से परेशान हैं. यूक्रेन युद्ध ने गेहूं जैसे वस्तुओं के विशाल भंडार को अवरुद्ध कर दिया है. रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों ने सभी देशों के लिए व्यापार विकल्पों को कम कर दिया है. इससे सबसे कमजोर लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए मुख्य व्यापारिक स्थिति हैं. अनिश्चितताओं की स्थिति और बुरी करते हुए क्रिप्टो बाजार क्रैश कर गया है जिससे व्यक्तिगत निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. डॉलर के मूल्य में वृद्धि हुई है जिससे दूसरे देशों की मुद्राएं भारी दबाव में हैं. नतीजा यह हुआ है कि कई मध्य-आय और उभरती अर्थव्यवस्था डॉलर के माध्यम से व्यापार के विकल्प को तलाशने लगी हैं. भारत को जिन तात्कालिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा उनमें यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अपनी अध्यक्षता का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण होगा. जी20 समूह के अध्यक्ष के रूप में अपने पहले भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अपनी पुरानी सलाह मुख्य व्यापारिक स्थिति मुख्य व्यापारिक स्थिति फिर से दोहराई है. बाली में जी20 घोषणा में शामिल – “यह युद्ध का युग नहीं है” वाले बिन्दु को पीएम मोदी ने दोहराया है.

मुख्य व्यापारिक स्थिति

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी

* दक्षिण भारत का प्रमुख त्योहार है- कार्तिगाई दीपम्, जिसे दक्षिण भारतीय हिन्दू लंबे समय से मनाते आ रहे हैं.
* इस अवसर पर श्रद्धालु शाम को अपने घरों और आसपास तेल के दीपक जलाकर खुशियां मनाते हैं.
* कार्तिकाई दीपम का नाम कृत्तिका नक्षत्र से लिया गया है, इसलिए इसे कार्तिकाई कहा जाता है क्योंकि इस दिन कृत्तिका नक्षत्र प्रबल होता है.
* धर्मधारणा के अनुसार भगवान श्रीविष्णु और ब्रह्मा के समक्ष अपनी अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए भगवान शिव ने स्वयं को प्रकाश की अनन्त ज्योत में बदल लिया था, इसलिए कार्तिगाई दीपम भगवान शिव की सर्वोच्च सत्ता के सम्मान के रूप में मनाया जाता रहा है.
* धर्म में दीपक का विशेष महत्व है क्योंकि यह अंधकार की नकारात्मकता को दूर करता है और यदि अखंड दीपक प्रज्वलित किया जाए तो पूजा-साधना के शुभ परिणाम शीघ्र प्राप्त होते हैं!

भूमिगत खदान में बढ़ता अवैध खनन: अंडरग्राउड माइनिंग से नुकसान में सीसीएल में सिर्फ एक में हो रहा है खनन

भूमिगत खदान में बढ़ता अवैध खनन - Dainik Bhaskar

सीसीएल को हर साल भूमिगत ( अंडरग्राउंड) कोल माइंस से करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। कंपनी को ओपेन कास्ट से फायदा मुख्य व्यापारिक स्थिति हो रहा है। यही वजह है कि कंपनी को कुल मिलाकर फायदा हो रहा है। सीसीएल के पास इस वक्त एक अंडरग्राउंड माइंस है। इसी माइंस से खनन हो रहा है।
खर्च ज्यादा उत्पादन कम
उत्पादन खर्च की तुलना करें तो ओपेन कास्ट से माइनिंग की तुलना में अंडरग्राउड माइनिंग में 10 गुना अधिक खर्च होता है। सीसीएल के पास चार अंडरग्राउंड माइनिंग है लेकिन सिर्फ एक पर ही काम चल रहा है। सीसीएल कंपनी के पास सात कोल फील्ड एरिया में कुल 43 खदानें हैं। इसमें 38 ओपेन कास्ट है। अंडर ग्राउंड खदान में केवल चुरी वाला अंडर ग्राउंड माइंस चालू है लेकिन वहां भी उत्पादन ज्यादा नहीं हो रहा है।
आंकड़ों से समझें क्यों नहीं होता खनन
सीसीएल में अंडर ग्राउंड खदान से एक मिलियन टन कोयला का उत्पादन भी नहीं होता है। आंकड़े की बात करें तो सीसीएल ने अंडर ग्राउंड खदान से सिर्फ 0।75 मिलियन टन कोयला का उत्पादन किया। वहीं कुल उत्पादन करीब 68।84 मिलियन टन था। कंपनी का कुल उत्पादकता 9।37 टन था। इसमें ओसीपी का उत्पादकता 10।16 तथा अंडर ग्राउंड माइंस का 1।17 टन रहा। यूजी की तुलना में ओसीपी का उत्पादकता करीब 10 गुना अधिक था। हालांकि, कंपनी ने 2020-21 की तुलना में अंडर ग्राउंड माइंस से करीब 78 फीसदी अधिक उत्पादन किया था।
भूमिगत खदानों में बढ़ता अवैध खनन
अवैध खनन मुख्य रूप से ऐसी ही खदान में होता है जो बंद हैं। भूमिगत खदान में खनन से कई मजदूरों की मौत हुई है। सीसीएल कुजू कोलियरी के पास बंद भूमिगत खदान में कोयला काटने मुख्य व्यापारिक स्थिति गये 32 वर्षीय मजदूर की जहरीली गैस से दम घुटने ती वजह से मौत हो गयी। मजदूर साइकिल से कोयला रामगढ़-रांची ले जाते हैं। कोयला ढोनेवाले मजदूरों का कहना है कि वह रोजगार का साधन नहीं रहने से जान पर खेल कर कोयला बेचते हैं। सीसीएल कुजू क्षेत्र की कई बंद खदानों के इर्द-गिर्द बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता है।

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