विदेशी मुद्रा विश्लेषण

मुद्रा आउटलुक

मुद्रा आउटलुक
पिछले दशक में धीमी रही अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार

IMF India Economy Growth Report Analysis

मुद्रा आउटलुक

संयुक्त राष्ट्र संघ , अन्य अंतराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय संगठन

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' रिपोर .

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष विश्व बैंक भारतीय रिजर्व बैंक यू.एन.सी.टी.ए.डी.मुद्रा आउटलुक

Solution : वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WE-O) एक सर्वे है। इस सर्वे का आयोजन और प्रकाशन अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा किया मुद्रा आउटलुक जाता है। छमाही स्तर पर प्रकाशित होने वाले इस सर्वे को आंशिक रूप से वर्ष में दो बार अद्यतन (अपडेट) किया जाता है। यह निकट भविष्य और मुद्रा आउटलुक मध्यम अवधि के संदर्भ में, भविष्य में अधिकतम चार वर्षों के अनुमानों के साथ विश्व अर्थव्यवस्था का चित्रण करता है।

IMF Report: भारत की रैंकिंग नहीं सुधरी, दुनिया धीमी पड़ गई है! सिक्के का दूसरा पहलू देखिए

IMF World Economic Outlook 2022

2001-11 में 3.7 गुना बढ़ी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था, अगले 10 साल में सिर्फ 1.7 गुना।

  • 2001-11 के बीच सबसे तेजी से बढ़ी थी भारत की अर्थव्‍यवस्‍था
  • उस वक्‍त की मुद्रा आउटलुक उभरती अर्थव्यवस्‍थाओं मुकाबले धीमी रही रफ्तार
  • 2011-21 में भारत की रफ्तार घटी, बाकी दुनिया और सुस्‍त हुई
  • 2023 में 6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी भारत मुद्रा आउटलुक की इकॉनमी: IMF

यह वही दशक था जब भारत की अर्थव्‍यवस्‍था सबसे तेजी से बढ़ी। यह बात अलग है कि उस दौर में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार दुनिया की बाकी उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं के मुकाबले धीमी थी। उससे पहले के दशकों, 1991-2001 और 1981-91 के बीच भारत की रफ्तार बाकी विकासशील अर्थव्‍यवस्‍थाओं के औसत से बेहतर रही या फिर थोड़ी सी कम।

IMF report: आईएमएफ ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.8 प्रतिशत किया, जानें वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के बारें में

World Economic Outlook report: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वर्ष 2022 में भारत की आर्थिक विकास के अनुमान को मुद्रा आउटलुक घटाकर 6.8 % कर दिया है. हाल ही में आईएमएफ ने अपनी वार्षिक वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट जारी की है. पढ़े रिपोर्ट में और क्या है?

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट

World Economic Outlook report: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वर्ष 2022 में भारत की आर्थिक विकास के अनुमान को घटाकर 6.8 % कर दिया है. आईएमएफ ने अन्य वैश्विक एजेंसियों के अनुमानों की तरह, भारत की विकास दर को कम करके आंका है. हाल के वैश्विक घटनाक्रमों को देखते हुए इस तरह के अनुमान जारी किये जा रहे है. हाल के लगभग सभी वैश्विक वित्तीय एजेंसियों ने भारत सहित विश्व के अन्य देशों लिए इस तरह के अनुमान जारी कर रहे मुद्रा आउटलुक मुद्रा आउटलुक है.

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट:

  • हाल ही में आईएमएफ ने अपनी वार्षिक वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट जारी की है जिसमे कहा गया है कि वर्ल्ड इकोनॉमी अपेक्षा से अधिक मंदी का सामना कर रही है जिसका सीधा प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर देखा जा रहा है.मुद्रा आउटलुक
  • वैश्विक विकास:इस रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक विकास दर वर्ष 2021 में 6.0 प्रतिशत थी जो घटकर 2022 में 3.2 प्रतिशत के अनुमान पर है. साथ ही वर्ष 2023 में 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
    मुद्रास्फीति: इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति कई दशकों की तुलना में अधिक हुई है. इसके लिए हाल की वैश्विक उथल-पुथल को जिम्मेदार ठहराया गया है.
  • वैश्विक मुद्रास्फीति:रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक मुद्रास्फीति 2021 में 4.7 प्रतिशत से बढ़कर 2022 में 8.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है. लेकिन साथ ही 2023 में 6.5 प्रतिशत और 2024 तक 4.1 प्रतिशत तक घटने का अनुमान लगाया गया है.
  • राजकोषीय नीति:रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे उबरने के लिए राजकोषीय नीति को लेकर कड़े फैसले लेने की आवश्यकता होगी.
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा जारी यह वर्ष की दूसरी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट है.
  • चीन की अर्थव्यवस्था:चीन की अर्थव्यवस्था के लिए विकास दर अनुमान 3.2 प्रतिशत है, जो 2021 में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर से कम है.

क्यों दर्ज की जा रही गिरावट?

भारत सहित वैश्विक अर्थव्यवस्था में दर्ज की जा रही गिरावट का मुख्य कारण रूस-यूक्रेन युद्ध को मुद्रा आउटलुक माना जा रहा है. साथ ही अभी विश्व कोविड-19 महामारी से पूरी तरह से उबर नहीं पाया है. जिसका सीधा प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर देखा जा रहा है.

संयुक्त राज्य अमेरिका में, मौद्रिक और वित्तीय स्थितियों को सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर देखा जा रहा है. क्योंकि रिपोर्ट में अगले वर्ष के लिए अमेरिका के विकास दर के अनुमान को भी घटाया गया है. चीन में निरंतर लॉकडाउन और हाल की कमजोर आर्थिक क्षमता को देखते हुए, अगले साल के विकास के अनुमान को घटाकर 4.4 प्रतिशत कर दिया है. इन पूर्वानुमानों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव देखा जा रहा है.

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के बारे में:

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा मुद्रा आउटलुक वर्ष में दो बार प्रकाशित की जाती है. इसे वर्ष में अप्रैल और अक्टूबर महीनें में जारी की जाती है. इस रिपोर्ट में मध्यम अवधि के लिए आर्थिक विकास विश्लेषण और आर्थिक विकास पूर्वानुमान जारी किया जाता है. IMF इसके अतिरिक्त वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट भी जारी करता है.

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IMF ने World Economic Outlook जारी किया

IMF ने ग्लोबल ग्रोथ आउटलुक को भी कम किया है। इसने चेतावनी दी है कि, दुनिया मंदी की ओर बढ़ रही है। 2022 में वैश्विक आर्थिक विस्तार 3.2% तक धीमा होने की उम्मीद है। यह विस्तार अप्रैल 2022 में 3.6% की तुलना में धीमा है।

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