विदेशी मुद्रा विश्लेषण

फोरेक्स ट्रेडिंग क्या होता है

फोरेक्स ट्रेडिंग क्या होता है
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फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे करे ?

अगर आप के मन में भी ये सवाल है के ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे शुरू करे? तो आप सही जगह पर है| तो जानते है फोरेक्स ट्रेडिंग सूरु करने के क्या स्टेप्स है| हमारी राय में सबसे पहले आपको फोरेक्स मार्किट के बारे में बुनियादी बातो को सिख लेना चाहिए| इससे फायदा ये होगा के आपको नुकसान कम और प्रॉफिट ज्यादा होने के चान्सेस होंगे| अगर आप को फोरेक्स की जानकारी है तो फोरेक्स ट्रेडिंग के लिए आपको एक अच्छे ब्रोकर के साथ फॉरेक्स अकाउंट खोल सकते है । इसके लिए आप रिसर्च करे और बेस्ट फोरेक्स ब्रोकर चुने। फिर ट्रेडिंग खाता खोलने के लिए, ब्रोकर वेबसाइट पर जाएं, और ऑनलाइन अकाउंट बना ले।

फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे करे ?

अगर फोरेक्स ट्रेडिंग में आप बिलकुल ही नए है तो ऐसे में; फोरेक्स ट्रेडिंग के फंडामेंटल्स जानना समझदारी की बात है | इस पोस्ट में हम लिवरेज क्या होता है ? पिप्स क्या होती है ? स्प्रेड्स क्या होता है ? और मार्जिन क्या होता है इसका क्या महत्त्व है इन जैसे बहोत ही बेसिक बातो को समझेंगे|

सुरुवात में फोरेक्स ट्रेडिंग समझना काफी कठिन लग सकता है | हालांकि, एक बार जब वे इस गतिविधि के बुनियादी तत्वों को पकड़ लेते हैं, तो सब कुछ आसान हो जाता है। इसी बात को ध्यान में रखकर हमने इस पोस्ट में फोरेक्स के मूल नियम और तत्‍वों को आसानी से समझाने की कोशिश की है |

लिवरेज क्या होता है?

तो हम उन में से प्रत्येक को समझने का प्रयास करते है | उत्तोलन - अगर सही ढंग से कहा जाए तो ये उधार के पैसे है| अब सवाल ये आता है के ये पैसे हमे कब मिलते है और कैसे काम में आते है उत्तोलन फंड की गुणा राशि है| ये अनुपात में होती है जैसे 1:50, 1:100, 1:200 और इसी तरह के अनुपात में मापा जाता है।

तो, अब समझते है के ये राशि कब मिलती है और इसका ट्रेडिंग में क्या फायदा होता है| मान लीजिये अगर आप $1,000 जमा करते हैं, और आपको ट्रेडिंग अप्प के द्वारा लिवरेज १:५० है तो आपको अपने खाते में $5,000 प्राप्त होंगे।

लेकिन सोचने वाली बात ये है के क्या सही में हमे ट्रेडिंग अप्प इतनी सारी राशि मुफ्त में दे देगी ? नहीं, जैसे मैने सुरु में ही बोलै था के ये उधर के पैसे है जो हमें हमारे ट्रेडिंग अप्प द्वारा ट्रेड करने के लिये मिलते है जो हमे लौटने भी पड़ते है|

"लिवरेज के फायदे और नुक्सान"

लिवरेज फोरेक्स ट्रेडिंग क्या होता है का सबसे बड़ा फायदा ये है के अगर हमारे पास राशि की कमी है तो लिवरेज की मद्त से हम फिर भी ट्रेड कर सकते है| जिससे हमे फायदा पहले की मात्रा में ज्यादा हो सकता है |

लिवरेज का नुक्सान ये है के, लिवरेज उधार का पैसा है जो हमे चुकाना ही पड़ेगा चाहे हमें फायदा हो या नुक्सान | ट्रेडिंग अप्प लिवरेज पर कुछ मात्रा में व्याज भी लेती है जो हमे चुकानी पड़ती है | अगर हम लिवरेज ब्रोकरेज फर्म को अदा नहीं कर पाये तो ये हमारी ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट में से सिक्योरिटीज को बेच कर उतनी राशि वसूल कर सकती है |

विदेशी मुद्रा व्यापार में एक पिप क्या है?

विदेशी मुद्रा व्यापार समझने के लिए पिप एक बढ़िया इंडिकेटर है| इसकी वजह भी बहोत ही साफ़ है| हम सब ये तो जानते है के फोरेक्स ट्रेडिंग में करेंसी पेअर को ट्रेड किया जाता है| जिसमे करेंसी की कीमत बदलती रहती है| और करेंसी में होने वाले सबसे छोटे बदलाव को ही फोरेक्स ट्रेडिंग में पिप कहा जाता है|

आम तौर पर पिप ०. ०००१ मूल्य परिवर्तन के बराबर होता है| जैसे Eur -USD पेअर के लिए अगर ट्रेडिंग रेट 1.4999 से बढ़कर 1.5001 हो जाती है, तो आपको टू-पाइप मूवमेंट मिलता है।

लेकिन, हर बार पिप की कीमत 0.0001ही हो ये जरुरी नहीं | जैसा की हमने पहले ही बताया के फोरेक्स ट्रेडिंग क्या होता है ये स्मॉलेस्ट करेंसी वैल्यू चेंज को दिखता है| तो अगर करेंसी पेअर अलग हो तो पिप्स की कीमत भी अलग होगी|

उदहारण के लिए USD-JPY पेअर बहोत ही जल्द बदलती है ये Eur -USD जितनी स्थिर नहीं, जैसे करेंसी की ट्रेड वैल्यू 103.34 से 103.36 तक बदलती है तो ऐसे में इन्हे 0.01 चेंज के रूप में देखा जाएगा| इसलिए इस उदहारण में 0.01 पिप होगी |

विदेशी मुद्रा व्यापार में स्प्रेड का क्या अर्थ है?

विदेशी मुद्रा व्यापार में प्रसार विदेशी मुद्रा दलाल की बिक्री (पूछना) दर और खरीद (बोली) दर के बीच का अंतर है जब विनिमय या व्यापारिक मुद्राएं होती हैं।

स्प्रेड, आस्क और बिड मूल्य के बीच का अंतर है, इसलिए यह निम्नलिखित कारकों के आधार पर संकरा या चौड़ा हो सकता है: मुद्रा जोड़ी, दिन का समय व्यापार शुरू होता है, बाजार में अस्थिरता, और आर्थिक स्थिति।

विदेशी मुद्रा व्यापार में मार्जिन क्या है?

विदेशी मुद्रा बाजार में मार्जिन ट्रेडिंग एक या एक से अधिक मुद्राओं में पोजीशन बनाने के लिए ब्रोकर के साथ राशि का विभाजीत होना मतलब मार्जिन कहलाती है|

मार्जिन बहोत हद तक लिवरेज से जुडी हुई है |

आइये हम मार्जिन को एक उदहारण से समझते है; मान लीजिये के आपको EUR / USD पेअर के $१०००० का ट्रेड करना है ; तो इसके लिए आपको पुरे $१०००० जमा करने की जरुरत नहीं है| मार्जिन की मदत से आप काम राशि से ट्रेड कर सकते है और बाकी की राशि ब्रोकर जमा करता है| लिवरेज के साथ भी यही होता है|

मार्जिन ट्रेडिंग क्या है ? इक्विटी मार्किट या फिर फोरेक्स मार्किट में ट्रेडिंग करते वक़्त अगर हम मार्जिन का इस्तेमाल करते है तो इसे मार्जिन ट्रेडिंग कहा जाता है |

मार्जिन ट्रेडिंग के फायदे और नुक्सान :

मार्जिन ट्रेडिंग का यह फायदा है के आप सिमित राशि से भी ट्रेड कर सकते हो|

मार्जिन ट्रेडिंग का नुक्सान यह है के इसमें एक निश्चित जोखिम होता है| जैसे अगर हमारा ट्रेड नुक्सान का १००% के करीब पोहचता है तो ऐसे में ब्रोकर हमें और डिपाजिट या पोजीशन क्लोज करने के लिए बोलेगा जिससे पूरा व्यापार बंद हो जाएगा और जमा खो जाएगा।

निष्कर्ष: इस पोस्ट में हमने फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे करे ? इस बात को बहोत ही सरल ढंग से समझने की कोशिस की है| यह पोस्ट लिखते वक़्त हम ये मानकर चल रहे है के; ये पोस्ट हर किसी के लिए लाभदायक रहे|

हमारा यह मानना है के अगर किसी ट्रेडर को फोरेक्स मार्किट की बेसिक बाते पता न हो तो उसे फोरेक्स ट्रेडिंग करने से बचना चाहिए | सबसे पहले चीजों चीजों को सीखना सही रहेगा | हमारा नॉलेज ही हमारी जीत की गुरंटी हो सकती है| इसलिए हमने एक्चुअल ट्रेडिंग के अलावा सिखने की ऊपर ज्यादा ध्यान दिया है |

फोरेक्स ट्रेडिंग कैसे करे? इस पोस्ट को और बेहतर कैसे बनाये इसके लिए आप अपने सुझाव् हमे कमेंट करे| धन्यवाद् !

Forex ट्रेडिंग क्या है? | What is Forex in Hindi

forex kya hai

दोस्तों आप में से बहुत से लोग ट्रेडिंग करते होंगे और ट्रेडिंग कई तरह की होती है उन्ही में से एक फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग होती है, लेकिन क्या आपको पता है कि फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग क्या होती है और ये कितने तरह की होती है अगर नही, तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग से रिलेटेड पूरी इनफार्मेशन देते हैं.

forex kya hai

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Table of Contents

Forex ट्रेडिंग क्या है (What is Forex in Hindi)

फॉरेक्स का अर्थ होता है विदेशी मुद्रा का विनिमय विदेशी मुद्रा की खरीदारी करना और ट्रेडिंग का अर्थ होता है किसी भी चीज़ का बिज़नेस करना.

फॉरेक्स ट्रेनिंग एक ऐसी ट्रेडिंग होती है जिसमे हम किसी भी दूसरे देश की करेंसी का एक जोड़ा खरीदते हैं बस जोड़े में दो करेंसी होती है इन करेंसीज का मार्केट में मूल्य घटता और बढ़ता रहता है तो ऐसे में फॉरेस्ट ट्रेडिंग करने वाला व्यक्ति टेक्निकल एनालिसिस करके अंदाजा लगाता है की आज कनसी किस रेट में नीचे जाने वाला है और किस रेट में ये ऊपर आने वाला है फॉरेक्स ट्रेडिंग में हम अच्छा पैसा लगाकर इनकम भी कमा सकते हैं फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग दुनिया की सबसे बड़ी मार्केट है जहाँ दुनिया की सभी करेंसी की ट्रेडिंग होती है। जहाँ तक बात भारत फॉरेक्स ट्रेडिंग की है तो यहाँ निवेशकों के मन में फॉरेक्स ट्रेडिंग की वैधता (लीगल) को को लेकर जरूर संदेह है.

भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग करना पूरी तरह से कानूनी काम है लेकिन यह केवल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय सिक्योरिटी विनिमय बोर्ड द्वारा तय पूर्व निर्धारित सीमाओं के तहत कि यूज किया जाता है.

ऐसे में अगर यदि कोई व्यक्ति भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग शुरू करना चाहता है तो उसे इसके बारे में अच्छी जानकारी भी होनी चाहिए.

फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे काम करता है

जिस तरह से इक्विटी ट्रेडिंग में हमारे प्रॉफिट और लॉस के लिए हमारे द्वारा लिए गए किसी भी शेयर के मूल्य बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं ठीक उसी प्रकार से फॉरेक्स ट्रेडिंग भी हमारे देश के शेयर मार्केट में होने वाले इक्विटी ट्रेडिंग के जैसा ही होता है

फोरेक्स ट्रेडिंग में हमारे फायदे और नुकसान के लिए किसी भी विदेशी करेंसी का एक्सचेंज रेट या अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उसके घटते बढ़ते हुए मोहल्ले इसका बहुत मायने रखते हैं उदाहरण मन कोई व्यक्ति हैं जो फॉरेक्स ट्रेडिंग करता है और वह डॉलर के बढ़ते हुए मूल्य में अच्छा प्रॉफिट लेना चाहते हैं तो मान लीजिये की उसने 70 के हिसाब से 1000 यूएस डॉलर खरीद लिये जिनकी वैल्यू 7000 रूपये होती है और ये मान लीजिए कि कल उनमें 300 की वृद्धि हो रही है और जब वो उन $1000 का बेचता है तब उसे 73000 रूपये मिलते हैं फॉरेक्स ट्रेडिंग में अच्छा प्रॉफिट कमाने के लिए उसे अच्छी तरह से एक्सचेंज रेट का टेक्निकल लाइन से करना होगा.

फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए बेस्ट करेंसी कौन सी है

फॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए सभी देशों की मुद्राएं में से सबसे अच्छी करेंसी है

इन देशों की करंसी मैं अगर आप फॉरेक्स ट्रेडिंग करते हैं तो यह आपके लिए काफी बेनिफिट वाला हो सकता है.

हमारे देश भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग कैसे करें?

हमारे देश में बहुत से लोग शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करते हैं लेकिन उन्हें फॉरेक्स ट्रेडिंग के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी न होने के कारण वह फॉरेक्स ट्रेडिंग नहीं कर पाते हैं हमारे भारत देश में बहुत सारी बड़ी बड़ी कंपनियां हैं और बड़े बड़े बैंक हैं जो फॉरेक्स ट्रेडिंग करते है और अच्छा प्रॉफिट भी कमाते हैं फॉरेक्स ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेंट कर कोई भी अच्छी इनकम कमा सकता है जैसे कि आप शेयर मार्केट में करते हुए इसमें बहुत ही कम रिस्क होता है पर ये आपको अच्छा प्रॉफिट भी देता है जिसके लिए आपको ब्रोकर आपको अच्छा मार्जिन भी देते हैं जिस कारण से अब कम इन्वेस्टमेंट करते हैं अधिक से अधिक फॉरेक्स ट्रेडिंग कर सकते हैं

फॉरेक्स ट्रेडिंग की सावधानियां क्या-क्या है?

फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए आपको ये सावधानियां रखना जरूरी है-

  • फॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए आपको इसके बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए
  • फॉरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए आप पहले से ही मार्केट में एक इन्वेस्टर ग्रुप में काम कर रहे हो तो आप इसमें अच्छा प्रॉफिट कमा सकते हैं
  • आज के टाइम में तो फर्स्ट थिंग करने के लिए बहुत से कोर्स भी आते हैं आप उन कोशिशों कर सकते हैं
  • अगर आप फॉरेस्ट ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको टेक्निकल एनालिसिस का अच्छा ज्ञान होना चाहिए और आप को मार्केट का पूर्वानुमान लगाना भी आना चाहिए
  • फॉरेक्स ट्रेडिंग शुरू करने के लिए आपके पास एक अच्छा बैंक बैलेंस भी होना चाहिए जिससे अगर आपको कभी ट्रेडिंग करने में कोई घाटा हो तो आप उसे कवर कर सकते हैं.

इसे भी पढ़े?

आज आपने क्या सीखा?

हमे उम्मीद है कि हमारा ये (forex kya hai) आर्टिकल आपको काफी पसन्द आया होगा और आपके लिए काफी यूजफुल भी होगा क्युकी इसमे हमने फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग से रिलेटेड पूरी जानकारी दी है.

हमारी ये (forex kya hai) जानकारी कैसी लगी कमेंट करके जरुर बताइयेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगो के साथ भी जरुर शेयर कीजियेगा.

Read in English

साथियों फोरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग करने से पहले आपको फोरेक्स मार्केट को समझना पड़ेगा। हम पहले फोरेक्स मार्केट को समझेंगे, की फोरेक्स क्या है ? इसमें ट्रेडिंग कैसे करते है ? ट्रेडिंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है ? कैंडल क्या इशारे कर रही है ? उन इशारों को कैसे समझे ? क्या अब प्राइस ऊपर जायेगा या नीचे जायेगा ? ऐसे ही आपके मन में हजारों सवाल होंगे। इन सभी सवालों के जवाब आपको इस सीरीज में मिलने वाले है। बस आपको जरुरत है हमारे साथ बने रहने की।

दोस्तों यह सीरीज इतनी सरल भाषा में है की यदि कोई बच्चा भी इस पोस्ट को पढ़ रहा है तो उसे भी समझ में आ जायेगा की फोरेक्स मार्केट क्या है ? और इससे पैसे कैसे कमाते है? इस सीरीज को पढ़ते समय आपको ऐसा लगेगा की आपके साथ यह साइट ( only4us.in ) आपसे बात कर रही है। यह साइट आपके सपनो को पहले से जानती है और उनको पूरा करने में आपका पूरा सहयोग कर रही है। आपको ऐसा लगेगा की यह साइट सिर्फ आपके लिए ही है। और हाँ यदि आपको इस पोस्ट से थोड़ा सा भी ज्ञान मिला तो इसे शेयर जरूर करना। और कमेंट में हमें यह बताना की आपको किस टॉपिक पर अगली पोस्ट चाहिए। तो चलिए शुरू करते है।

सबसे पहले आपको यह जानना है की फोरेक्स किस चिड़िया का नाम है। अब आप सोचेंगे की मैंने इसे चिड़िया क्यों कहा, तो आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की यदि आपने सही तरीके से फोरेक्स में काम किया तो आपके लिए फोरेक्स एक ऐसी चिड़िया बन जाएगी जो आपको रोज सोने के अंडे देगी। जी हाँ आपने सही पढ़ा सोने के अंडे। यहाँ सोने के अंडे से मतलब आपकी साइड इनकम से है।

फोरेक्स यह दो शब्दों से मिल कर बना है फॉरेन + एक्सचेंज। कई लोग इसे FX भी कहते है। वैसे फोरेक्स का मतलब होता है OTC मार्किट। ( ग्लोबल, ओवर-द-काउंटर मार्केट ) फोरेक्स एक ऐसी जगह है जहाँ ट्रेडर, निवेशक, कम्पनिया, बैंक आदि यह लोग यहाँ निवेश करते है। और विश्व स्तर पर करेन्सियां खरीदते और बेचते है। तथा मुनाफा कमाते है। यह मार्केट 24 घंटे और सप्ताह में 5 दिन खुलता है शनिवार और रविवार यह मार्केट बंद रहता है।

जिस जगह हम फॉरेन करेंसी को खरीदते और बेचते है उस जगह को फोरेक्स मार्केट कहते है। मतलब एक ऐसा मार्केट जहाँ पर विदेशी मुद्राओं का क्रय - विक्रय या आदान प्रदान होता है। जब किसी करेंसी के मूल्य में उतार चढाव होता है तो उसी समय उनके बढ़ते और घटते मूल्य में व्यापार होता है। यहाँ पर ध्यान रखने वाली बात यह है की आपको यह अनुमान लगाना पड़ता है की कौन सी करेंसी के प्राइस ऊपर जायेंगे और कौन सी करेंसी के प्राइस नीचे। यह अनुमान कैसे लगाया जाए। यही हमें समझना है यदि आपने यह समझ लिए तो बस आप पैसे कमाते जाओगे।

फोरेक्स मार्केट में करेंसी को ख़रीदा और बेचा जाता है। वहां पर आप किसी भी करेंसी को जोड़े में खरीद और बेच सकते है। यह दुनिया का सबसे बड़ा फोरेक्स ट्रेडिंग क्या होता है मार्केट होता है। इंडिया में शेयर मार्केट का एक महीने का कुल बिज़नेस जितना होता है। फोरेक्स मार्केट में लगभग उतना ही बिज़नेस एक दिन में होता है। मतलब फोरेक्स मार्केट यह करेंसी का समुन्द्र है। जिसमे आप जितनी करेंसी चाहो उतना निकाल सकते हो। बस जरुरत है आपको थोड़े से नॉलेज की।

यदि आपने बिना नॉलेज के ही फोरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग शुरू कर दिया तो आप अपनी करेंसी अपना पैसा गँवा भी सकते है। इसलिए आप पहले नॉलेज ले। जानकारी एकत्रित करे उसे अच्छे से समझे और फिर शुरू करें फोरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग। दोस्तों जानकारी कही से भी मिले यदि वह आप के काम की है, आपका उस जानकारी से फायदा होने वाला है तो आप वह जानकारी ले सकते हो।

करेंसी को खरीदते और बेचते है तो उसे फोरेक्स ट्रेडिंग कहते है। जब किसी करेंसी के मूल्य में उतार चढाव होता है तो उस स्थिति में व्यापार का निर्माण होता है। उस समय जो करेंसी का क्रय - विक्रय होता है उसी को फोरेक्स ट्रेडिंग कहते है।

इस सवाल को हम एक उदहारण से समझने की कोशिश करते है। मान लीजिये आप इंडिया के बाहर कही घूमने गए। और जब आप घूम फिर कर वापस आये तो आपके पास $1000/- डालर बच गए। आप जब घूमने गए थे तब $ डालर का भाव इंडिया के हिसाब से 78.13 /- रुपये था। जब आप वापस आये तब $ डालर का भाव 78.89/- हो गए। अब आपके पास जो $ 1000/- बचे है, उसमे आप का प्रॉफिट हुआ 760/- रुपये का। ये कैसे हुआ। बैठे-बैठे आपके पैसे कैसे बढ़ गए। यही फोरेक्स मार्केट का कमाल है। आप अपने घर में बैठे-बैठे दुनिया की किसी भी करेंसी में ट्रेडिंग कर के पैसे कमा सकते है।

फोरेक्स मार्केट, एक ऐसा मार्केट है जो 24 घंटे और सप्ताह में 5 दिन चालू रहता है। शनिवार और रविवार 2 दिन यह बंद रहता है। आप अपनी सुविधा के अनुसार अपना समय चुन सकते है। और फोरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग शुरू कर सकते है। और एक साइड इनकम बना सकते है।

फोरेक्स ट्रेडिंग मार्केट काम कैसे करते है यह समझने के लिए मै आपको एक उदहारण देता हूँ। इसके जरिये आप आसानी से समझ जायेंगे। फोरेक्स ट्रेडिंग हमेशा दो करेंसी के जोड़े में होती है। जैसे GBP/USD, EUR/USD, CAD/USD आदि। यदि आप नए है तो ये जोड़ियां आपको समझ में नहीं आ रही होंगी। आगे हम इस विषय पर बात करेंगे। पहले समझते है की फोरेक्स ट्रेडिंग काम कैसे करता है।

मान लीजिये आपने फोरेक्स ट्रेडिंग में डॉलर के बदले 2000 यूरो लिया हैं। जिस वक्त आपने यूरो ख़रीदा उस वक्त डॉलर/यूरो (USD/EUR) का एक्सचेंज रेट 1.45 था मतलब आपने 2000 यूरो खरीदने के लिए 2900 डॉलर दिए। कुछ समय पश्चात् एक्सचेंज रेट में थोड़ी सी हलचल हुई और रेट में परिवर्तन हुआ और एक्सचेंज रेट बढ़कर 1.55 हो गया। अब ध्यान देने वाली बात यह है की जब आप 2000 यूरो बेचोगे तो आपको 3100 डॉलर मिलेगा। इस तरह आपको कुल 200 डॉलर का फायदा होगा। इसी तरह अगर यूरो बेचने के वक्त एक्सचेंज रेट 1.35 हुआ तो आपको उन्हीं 2000 यूरो के बदले 2700 डॉलर मिलेंगे यानी आपको 200 डॉलर का नुकसान होगा।

एक तरह से समझा जाये तो कौन सी करेंसी के प्राइस बढ़ने वाले है और कौन सी करेंसी के प्राइस कम होने वाले है। इसका सिर्फ अंदाजा लगा कर हमें फोरेक्स ट्रेडिंग करना होता है। और यह अंदाज लगाना हमें सिखने से तथा अनुभव से आता है। बस इतनी सी चीज आपने, मन लगाकर ईमानदारी से सिख लिया तो समझो आप ने बहुत कुछ सिख लिया।

फोरेक्स में ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे करे?

how to start trading

वर्तमान समय में फोरेक्स ट्रेडिंग लोगो के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है. कुछ लोग फोरेक्स ट्रेडिंग और करेंसी ट्रेडिंग को अलग-अलग समझते है लेकिन ये दोनों एक ही है. यहाँ तक कि कुछ लोग तो फोरेक्स ट्रेडिंग को ही अपना फुल-टाइम करियर बना रहे है और कुछ लोग इसे पार्ट-टाइम की तरह ले रहे है जिससे उनकी एक्स्ट्रा इनकम हो जाएं.

बहुत से लोगो को फोरेक्स ट्रेडिंग की इतनी जानकारी नहीं है. अगर आप भी उन्ही लोगो में से है और इसके बारे में जानकारी लेने की इच्छा रखते है तो हमारा आज का आर्टिकल पूरा पढ़े. इस आर्टिकल में आप फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? से लेकर फोरेक्स में ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे करे, सभी जानेंगे.

फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है?

चाहे आपको यूरो को डॉलर्स से एक्सचेंज करना हैं या फिर डॉलर को रुपए से, ये सब फोरेक्स ट्रेडिंग का ही हिस्सा है. फोरेक्स ट्रेडिंग करेंसी एक्सचेंज के लिए ग्लोबल मार्किट में इस्तेमाल होने वाला एक टर्म है.

इसमें आप किसी भी देश की करेंसी एक्सचेंज करके पैसा कमा सकते है बशर्ते उस देश की करेंसी रेट क्या चल रहा है. जैसे कि आप जानते है भारत में रुपए का रेट डॉलर से कम रहता है तो अगर आप आज डॉलर खरीद कर कुछ समय बाद डॉलर का रेट बढ़ने के बाद बेचते है तो आपको अच्छा मुनाफा होगा.

फोरेक्स ट्रेडिंग आज के समय में 5.3 ट्रिलियन डॉलर के रोजाना लेन-देन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा फाइनैंशल मार्केट बन चूका है.

क्या आप जानते है फॉरेक्स ट्रेडिंग काम कैसे करती है ?

आपकी जानकारी के लिए बता दे फॉरेक्स ट्रेडिंग और इक्विटी ट्रेडिंग में कुछ ज्यादा फर्क नहीं है. केवल इक्विटी ट्रेडिंग में कमाई या नुकसान के लिए शेयर का मूल्य निर्णायक भूमिका में होता है। तो वहीँ फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग में एक्सचेंज मूल्य निर्णायक भूमिका में होता है।

अगर किसी व्यक्ति को फॉरेक्स ट्रेडिंग से कमाई करनी है तो वह अपने अनुभव और जानकारी के बलबूते और कोई भी मुद्रा खरीदकर बिज़नस कर सकता है.

भारत में फोरेक्स ट्रेडिंग लीगल होने के बाद कई तरह के प्लेटफार्म आ चुके है जहाँ पर कोई भी व्यक्ति फोरेक्स ट्रेडिंग कर सकता है और आधिक से आधिक मुनाफा कमा सकता है जिनमे से MT4 भी एक है. इस पर ट्रेडिंग करना बहुत ही आसान है.

चलिए, एक उदाहरण से समझते है:-

मन लीजिये, निखिल चाहता है कि बढ़ती हुई डॉलर की कीमतों से कुछ मुनाफ़ा कमाया जाए जिससे कि उसकी अच्छी एक्स्ट्रा इनकम हो जाए.

फ़िलहाल डॉलर कि कीमत 70 रुपए है और निखिल इस फील्ड की अच्छी जानकारी और अनुभव रखता है तो उसके आधार पर वो अनुमान लगाता है कि आने वाले 3 महीने में डॉलर की कीमत 73 रुपए हो जाएगी.

ऐसे में निखिल 1000$ खरीद लेता है और 3 महीने बाद जब डॉलर 73 रुपए होता है उन्हें सेल कर देता है. इस तरह निखिल ने 1000$ पर 3000 रुपए तक की कमाई कर ली.

फोरेक्स में ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे करे

पहले भारत में फोरेक्स ट्रेडिंग करना आसान नहीं था लेकिन भारत में फोरेक्स ट्रेडिंग लीगल होने के बाद भारत के लोगो के लिए ट्रेडिंग करना आसान हो गया है. लेकिन अभी भी भारतीय रिज़र्व बैंक ने फोरेक्स ट्रेडिंग करने के लिए काफी शर्ते व नियम लागू किये हुआ है.

चलिए, आपको बताते है कि फोरेक्स ट्रेडिंग कैसे कर सकते है:-

  • अगर आप फोरेक्स ट्रेडिंग करना चाहते है तो इसके लिए सबसे जरुरी है कि सबसे पहले आप किसी SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर के पास ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करवा ले.
  • ध्यान रहे, ट्रेडिंग अकाउंट रजिस्टर्ड ब्रोकर के पास ही खुलवाए.
  • ट्रेडिंग अकाउंट किसी डिस्काउंट ब्रोकर के पास ही खुलवाएं क्यूंकि यहाँ पर चार्जेज काफी कम लगते है.
  • भारत में करेंसी ट्रेडिंग डेरिवेटिव्स मार्किट यानी फ्यूचर एंड आप्शन में होती है.
  • NSE करेंसी ट्रेडिंग सोमवार से शनिवार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक करवाती है.
  • ये बात ध्यान रखे कि किसी भी करेंसी का रेट देश में चल रही घटनाओं पर आधारित होता है जैसे ब्याज दर, GDP, महंगाई दर, बेरोज़गारी, राजनैतिक स्थिरता या अन्य कोई आकस्मिक घटना,

दोस्तों, तो ये थी फोरेक्स में ट्रेडिंग की शुरुआत कैसे करे के बारे में जानकारी. आशा करते है इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए लाभदायक साबित होगी. और जानकारी लेने के लिए हमारे पेज के साथ जुड़े रहे.

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Akash Kumar Sharma

Akash Kumar responsibilities include conducting thorough research on International Trending topics, generating ideas for new contents

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