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एमए क्या है?

एमए क्या है?

BA/MA English Language Me Career kaise banaye in 2022

Career in BA/MA English Language- क्या आप बीए इंग्लिश या एमए इंग्लिश में कैरियर बनाना चाहते हैं तो आप बहुत सही पोस्ट पढ़ रहे हैं। क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको BA/MA English Language Me Career kaise banaye इसके बारे में डिटेल में बताएंगे। जैसेकि BA English Language Me Career Scope क्या है? इस कोर्स के बाद जॉब के क्या अवसर हैं? कोर्स के बाद जॉब कहां मिलेगा। इन सभी के बारे में इस पोस्ट में आपको डिटेल में जानकारी मिलेगी। जिससे आप इस फील्ड के बारे में सही तरह से जान और समझ पाएंगे और अपने कैरियर का सही डिसीजन ले सकेंगे। चलिए अब हम आपको बताते हैं कि BA/MA English Language Me Career kaise banaye.

BA/MA English Me Career kaise banaye

इस फील्ड में कैरियर बनाने के लिए कैंडिडेट को किसी भी स्ट्रीम से कम से कम 12वीं पास होना चाहिए। इसके बाद BA in English या बीए ऑनर्स कोर्स कर सकते हैं। बीए के बाद इसमें MA भी किया जा सकता है। BA कोर्स की ड्यूरेशन 3 साल होती है। आज के समय मे लगभग हर डिग्री कॉलेज और यूनिवर्सिटी में ये कोर्स उपलब्ध हैं। इस कोर्स की फीस की बात करें तो 5 हजार से 15 हजार के बीच प्रतिबर्ष इसकी फीस होती है।

ज्यादातर कॉलेज में आपको BA English में डायरेक्ट ही एडमिशन मिल जाता है। जो ज्यादा रेपुटेड और फेमस कॉलेज हैं, वंहा पर तो आपको एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम से गुजरना पड़ सकता है।

Career Scope in BA/ MA English Language

वर्तमान समय मे इंटरनेशनल मार्किट के लिए सबसे अधिक शक्तिशाली भाषा अंग्रेजी ही है। इसलिए अगर आपको अच्छी इंग्लिश आती है या आपकी अंग्रेजी पर पकड़ है, तो देश-विदेश कहीं भी जाकर लोगों से कम्युनिकेट करने के साथ ही आप अच्छी- खासी नौकरी भी कर सकते हैं। इसी विशेषता के कारण ही इंग्लिश को अंतरराष्ट्रीय भाषा के तौर पर जाना जाता है। अच्छे इंग्लिशजानकर के लिए देश के अलावा विदेशों में भी आकर्षक career के चांस हैं।

अंग्रेजी से BA या MA करने के बाद आप मीडिया सेक्टर में भी कैरियर बना सकते हैं। यंहा पर आप इंग्लिश TV Channel, इंग्लिश न्यूज़पेपर, इंग्लिश न्यूज़ पोर्टल में न्यूज़ रिपोर्टर, एडिटर, एंकर, कॉपीराइटर, ट्रांसलेटर और कंटेंट राइटर के तौर पर कैरियर बना सकते हैं।

इसके अलावा आप खुद का इंग्लिश स्पीकिंग और पर्सनालिटी डेवलोपमेन्ट सेंटर खोल कर अच्छी आमदनी कर सकती हैं। इसके साथ ही आज के समय में मल्टीनेशनल कंपनियों में, रिटेल सेक्टर में भी इंग्लिश लैंग्वेज में एक्सपर्ट लोगों की काफी डिमांड रहती है। यही नही आप क्लास 1 से लेकर ग्रेजुएशन तक के स्टूडेंट्स को कोचिंग पढ़ा कर आमदनी कर सकते हैं। आजकल तो ऑनलाइन का जमाना है ऐसे में अगर आप इंग्लिश स्पीकिंग के अच्छे जानकार हैं तो आप ऑनलाइन इंग्लिश की क्लास या कोर्स बनाकर अच्छे दामों में सेल कर सकते हैं।

आज के समय मे स्कूल और एमए क्या है? कॉलेज तथा यूनिवर्सिटी सारे इंग्लिश मीडियम हो चुके हैं, ऐसे में यंहा पर भी आपके लिए बेहतरीन रोजगार के अवसर हो सकते हैं। हायर एडुकेशन के सेक्टर में जैसे कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज मे आप इंग्लिश स्पीकिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट ट्रेनर के तौर पर जॉब कर सकते हैं। इन दिनों तो लगभग हर कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में इंग्लिश ट्रेनर हायर किये जाते हैं। इसलिए और भी English के एमए क्या है? क्षेत्र में जॉब के अवसर बढ़े हैं।

इसके साथ हिबआजकल किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में अंग्रेजी ज्ञान से संबंधित पेपर जरूर होते हैं। अगर आप आईएएस या पीओ, एसएससी जैसी प्रतिष्ठित सेवा की बात करें, तो उसमें भी अंग्रेजी से संबंधित पेपर में पास होना जरूरी होता है। ऐसे मे आप इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या कोचिंग कराने वाले संस्थानों में जॉब कर सकते हैं। इस सेक्टर में अच्छे ट्यूटर को तो लाखों रुपए सैलरी मिलती है।

इसके साथ ही स्कूल से लेकर कॉलेज व विश्वविद्यालय में टीचर तौर पर काम करने के अवसर भी मिलते है। इस विषय से बीए या बीए ऑनर्स करने के बाद बीएड करके किसी भी सरकारी या गैर सरकारी स्कूल में टीचर के तौर पर अपनी सेवाएं दे सकते हैं। वंही दूसरी तरफ एमए, एमफिल और पीएचडी करने के बाद किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के तौर पर भी कैरियर बना सकते हैं।

इंग्लिश में BA करने के बाद आप एनजीओ, कॉरपोरेट सेक्टर, टूरिज्म, दूतावास,पब्लिकेशन , बिजनेस, टीवी , रेडियो ब्रॉडकास्टिंग एडवरटाइजमेंट, बीपीओ, इंटरप्रेटर आदि सेक्टर में आसानी से जॉब पा सकते हैं। यही नही आज के समय मे अंग्रेजी के जानकारों के लिए बीपीओ में काफी अच्छे अवसर हैं। इस फील्ड में आने के लिए सिर्फ अंग्रेजी बोलना ही काफी है। इसमें आने के लिए डिग्री या डिप्लोमा होना कोई जरूरी नही है।

आज के समय मे हर अच्छी नौकरी की चाहत रखने वालों के लिए जरूरी है कि आपको अच्छी एमए क्या है? इंग्लिश आती हो। चाहे आप इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाना चाहते हो या मैनेजमेंट या ह्यूमैनिटीज सभी सेक्टरों में उचाई तक जाने में इंग्लिश की काफी अहम भूमिका होतो है। इसलिए इंग्लिश में एक्सपर्ट लोगों के लिए इस क्षेत्र में कैरियर की बेहतरीन संभावनाएं हैं।

यही नही इस समय लोगों में अंग्रेजी के प्रति काफी क्रेज है बढ़ रहा है। यही वजह है कि अंग्रेजी बोलने और सीखने की एमए क्या है? ललक घर-घर में देखने को मिल रही है। कुछ लोग इंग्लिश स्पोकन की क्लास चलाकर हजारों- लाखों की कमाई भी कर रहे हैं।

मास्टर ऑफ आर्ट्स क्या है? MA (Master Of Arts) Course कैसे करें? Full एमए क्या है? Form, Qualification, Admission Process, Career, Salary, Syllabus, Fees, Entrance Exam, Scope आदि से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी मे

आज हम जानेंगे एम.ए कोर्स (M.A Course) कैसे करें पूरी जानकारी (How To Do Master Of Arts Course Details In Hindi) के बारे में क्यों की बहुत से स्टूडेंट को Arts विषय के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और आर्ट्स विषय में कौन कौन से कैरियर ऑप्शन उपलब्ध है। इस सभी चीजो के बारे में सही जानकारी ना होने की वजह से student Arts नहीं लेते है। यदि आपने भी अपनी बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल कर ली है और आगे पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन आगे पढ़ाई के लिए जानकारी चाहिए तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए है।

आज के इस लेख में जानेंगे कि MA Course Kya Hota Hai, M.A Course के लिए Qualifications, MA Meaning In Hindi, M.A Course Kaise Karen, M.A (Master Of Arts) Course के लिए Eligibility, M.A Course के लिए Admission Process, एम.ए कोर्स के लिए तैयारी कैसे करें, M.A Entrance Exams, M.A Course की Fees, Master Of Arts Course करने के बाद Career & Scope, M.A Course के बाद Salary, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

एम ए कोर्स क्या हैं क्यों करें? | MA Course Details in Hindi

एम ए कोर्स MA Course दृवर्षीय कार्यक्रम है जो एक विषय से किया जाता हैं। उस एक विषय का चयन आप अपनी रुचि के अनुसार कर सकते हैं। एम ए (MA) की फूलफोम Master of Arts होती है। बीए (BA) करने के पश्चात हम एम ए के कार्यक्रम में हिस्सा लेने योग्य बन जाते हैं।

आप निश्चित समय के पश्चात जितने विषयों से चाहें उतने विषयों से बार-बार इस कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। जैसा कि आपने सुना होगा कि कई लोग अलग-अलग विषयों से या एक ही विषय से दो दो बार एम ए कर लेते हैं। आज हम एम ए कोर्स क्या हैं, एम ए करने के लाभ फीस योग्यता आदि के संबंध में अध्यन कारिंगे। MA Course Details.

एम ए कोर्स क्या हैं? | What is MA Course

MA Course Details Kya hai Hindi

एम ए दृवर्षीय पाठ्यक्रम के अंतर्गत आने वाले प्रोग्राम या कार्यक्रम हैं। जिसके अंतर्गत 4 सेमेस्टर का आयोजन कराया जाता हैं। आप प्रत्येक विषय से एम ए कोर्स कर सकते हैं। यह कोर्स करने के पश्चात आप यूजीसी NET की परीक्षा पास कर P.HD जैसे कोर्स करने योग्य बन जाते हैं। जिससे भविष्य में आप अपने विषय से संबंधित प्रोफेसर बन सकते हैं।

एम ए (Master of Arts, MA) शिक्षा के उच्च शिक्षा का एक कोर्स हैं जो छात्र को उनके विषय में निपुर्ण होने की डिग्री प्रदान करता है।

एम ए कोर्स के विषय | Subjects of MA Course

एम ए कोर्स में प्रत्येल सेमेस्टर में 4 विषय होते हैं अर्थात एक विषय के 4 उपविषय। जिनके अंतर 4 यूनिट होती है और प्रत्येक यूनिट के अंदर 4-5 प्रकरण (Topics) होते हैं। प्रत्येक सेमेस्टर में 4 परीक्षाएं आयोजित करायी जाती हैं।

एम ए कोर्स को पूर्ण करने हेतु आपको प्रत्येक विषय में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होता हैं। इसी के साथ प्रत्येक सेमेस्टर मे चार विषयों के चार प्रैक्टिकल होते है एवं मौखिक प्रैक्टिकल लिया जाता हैं।

एम ए कोर्स करने हेतु क्या-क्या योग्यता होनी चाहिए?

एम ए कोर्स करने हेतु बीए कोर्स 50 प्रतिशत अंको के साथ पूर्ण होना आवश्यक है और अगर आप अनुसूचित जाति या जनजाति से हैं तो आपको बीए में 45 प्रतिशत अंको से उत्तीर्ण होना अनिवार्य हैं।

अगर आपके निर्धारित प्रतिशत से कम आती भी है तो आप एक बार विश्वविद्यालय जाकर इससे संबंधित रियायतों से संबंधित सूचना प्राप्त कर सकते हैं।

एम ए कोर्स की फीस क्या हैं?

अगर आप एम ए किसी सरकारी विद्यालय से कर रहे हैं तो 8000 से 10000 तक का कुल खर्चा आ सकता हैं। यह राशि कम होने की संभावना अधिक हैं। इसके अंतर्गत चारों सेमेस्टर में फीस देनी होती हैं। 1st और 3rd सेमेस्टर में 2400 के आसपास एवं 2nd और 4rth सेमेस्टर में 1100-1200 के आस-पास होती हैं। इसके अलावा Examination Fees अलग से होती हैं।

एम ए कोर्स करने के फायदे | Benefits of MA Course

एम ए कोर्स (MA Course) हमें अपने विषय में निपुर्णता प्रदान करने का कार्य करता है। यह कोर्स हमे प्रोफेसर बनने में सहायता करता है। यह करने के पश्चात हम यूजीसी NET की परीक्षा पास कर विश्वविद्यालय में पढ़ाने योग्य बन जाते हैं। P.HD जैसे कोर्स करने हेतु योग्य बन जाते हैं।

एम ए कोर्स कर हम उच्च स्तर के छात्रों को शिक्षित करने योग्य बन जाते हैं और साथ ही हमारे ज्ञान में विस्तार होता हैं और इस कोर्स को करने के बाद आप SSC से जुड़ी अनेक परीक्षाओं में हिस्सा ले सकते हैं।

एम ए कोर्स करने हेतु मुख्य विश्वविद्यालय जो इस प्रकार हैं –

● BHU बनाराश हिन्दू विश्वविद्यालय

● Central यूनिवर्सिटी ऑफ उड़ीसा

● लोयोला कॉलेज , चेन्नई

● मसीह विश्वविद्यालय, बैंगलोर

एम ए कोर्स हमे अपने विषय मे निपुर्णता प्रदान करता है और साथ ही हमें व्यवसायिक चुनने के अवसरों में वृद्धि करने का कार्य करता है।

तो दोस्तों आज आपने कोर्स से संबंधित (MA Course Details in Hindi) समस्त जानकारी के बारे में जाना। अगर आपको इससे संबंधित कोई भी सूचना चाहिए हो तो आप हमसे पूछ सकते हैं।

एम ए कोर्स की संपूर्ण जानकारी | MA Course Fees, Subject and Admision

एम ए कोर्स की संपूर्ण जानकारी | MA Course Fees, Subject and Admision

नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है एग्जाम्स फ्लिक्स पर। क्या आप भी MA कोर्स (MA Course) के बारे में जानना चाहते हैं? क्या आप ही जानना चाहते हैं कि MA क्या होता है? M.A. को कौन कर सकता है? एम ए में एडमिशन किस तरीके से होगा? एम ए कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है? m.a. की फीस कितनी होती है तथा एम ए करने के क्या फायदे हैं।

अगर आप भी इन सभी बातों के बारे में जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

M.A. क्या होता है?

MA एक पोस्टग्रेजुएट कोर्स है जिस का फुल फॉर्म होता है मास्टर ऑफ आर्ट। M.A. का जो कोर्स होता है वह 2 साल का होता है, या फिर आप ऐसे कह सकते हैं कि m.a. का जो कोर्स होता है वह 4 सेमेस्टर का होता है। 6 महीने में एक सेमेस्टर होता है।

अगर आप m.a. का कोर्स कर लेते हैं तो आर्ट्स में आपकी परास्नातक कंप्लीट हो जाएगी। पोस्ट ग्रेजुएशन को हिंदी में परास्नातक बोलते हैं।

M.A. का कोर्स कौन कर सकता है?

M.a. का कोर्स को सभी स्टूडेंट कर सकते हैं, जिन्होंने अपनी ग्रेजुएशन कंप्लीट कर ली है। चाहे किसी भी स्ट्रेन से किया, कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा। अगर आपकी ग्रेजुएशन कंप्लीट है तो आप M.A. में एडमिशन ले सकते हैं। मैंने यहां पर एडमिशन शब्द यूज किया है तो अब बारी आती है एडमिशन कैसे होता है m.a. में।

एम ए में एडमिशन कैसे होता है?

बहुत सारे ऐसे कॉलेज और बहुत सारी यूनिवर्सिटी है जहां पर आपको MA में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है। एंट्रेंस एग्जाम में अगर आपकी रैंक अच्छी आती है और मेरिट लिस्ट में आपका नाम आता है तो आपका एडमिशन हो जाएगा।

बहुत सारे कॉलेज ऐसे भी है जहां पर आपको एंट्रेंस एग्जाम नहीं देना पड़ता है, डायरेक्ट वहां पर आपका एडमिशन हो जाएगा।

कितने परसेंटेज मार्क होनी चाहिए एम ए में एडमिशन लेने के लिए?

अगर हम लोग एंट्रेंस एग्जाम की बात करें तो उसमें कम से कम आपका 45% या फिर 50% मार्क होने चाहिए। यह कहीं थोड़ा सा कम या फिर ज्यादा हो सकता है। लेकिन बहुत सारे ऐसे कॉलेज है जहां पर आपका डायरेक्ट एडमिशन हो जाता है। वहां पर परसेंट उतना ज्यादा मैटर नहीं करता है। अगर आपका परसेंटेज कम भी है तभी आपका एडमिशन हो जाएगा।

M.A. के कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है?

जैसे आपने पहले ही पड़ा है कि MA का मतलब होता है मास्टर ऑफ आर्ट्स यानीकि आर्ट्स की कोई भी एक सब्जेक्ट को चुनकर आप मास्टर कर सकते हैं। इसका यह मतलब है कि आप किसी पार्टिकुलर सब्जेक्ट को बहुत विस्तार से पढ़ाई कर सकते हैं और उसने अपनी अध्ययन, अपनी जानकारी को और अच्छा कर सकते हैं।

अगर आप मास्टर कंप्लीट कर लेते हैं तो उसके बाद आप पीएचडी कर सकते हैं।

M.A. कोर्स की फीस कितनी होती है?

अगर हम Government कॉलेज की बात करें तो गवर्नमेंट कॉलेज में MA कोर्स की फीस बहुत ज्यादा नहीं होती है। अगर एक नॉर्मल सा गवर्नमेंट कॉलेज है तो उसमें एम ए की जो फीस होगी वह 4000 से 5000 होगी, 1 साल की। हो सकता है कि यह फीस थोड़ा सा कम या ज्यादा हो सकता है। अलग-अलग कॉलेज में, अलग अलग शहरों में, अलग अलग राज्य में फीस थोड़ा सा ऊपर नीचे हो सकता है।

वहीं पर अगर हम प्राइवेट कॉलेज की बात करें तो प्राइवेट कॉलेज में MA का फीस 20,000 से 25,000 रुपए हो सकती है 1 साल की। इसमें भी कॉलेज के ऊपर डिपेंड करता है किसी काम या फिर ज्यादा फीस होगा।

इस पोस्ट में हमने एम ए कोर्स के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें जानी है। अगर आपके मन में कोई और भी सवाल है तो नीचे कमेंट करके जरूर पूछें।

पी.एम.ए. क्या है?

पी.एम.ए. पॉजिटिवमेंटल एटीट्यूड का संक्षिप्त रूप है; लेकिन यह जीवन के आशावादी दृष्टिकोण से भी बढ़कर बहुत कुछ है। जब आप इसे अच्छी तरह समझते हैं और इसे सही तरह से लागू करते हैं तो आप देखेंगे कि यह वास्तव में एक चौतरफा प्रक्रिया है। उसमें शामिल हैं—

  1. सोचने का एक सही और संतुलित तरीका,
  2. एक सफल चेतना,
  3. जीवन का एक समावेशी दर्शन और
  4. सही कार्यों व प्रतिक्रियाओं द्वारा इसे करते रहने की क्षमता।

नेपोलियन हिल ने पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड को इस तरह से परिभाषित किया है, ‘‘यह मन की एक विश्वासपूर्ण, सही और रचनात्मक अवस्था है, जो कोई भी व्यक्ति चुनने के अपने तरीके द्वारा निर्माण करता है और उसे बनाए रखता है। इसे वह अपने अनुकूलन प्रेरणा के आधार पर अपनी इच्छा-शक्ति के संचालन द्वारा करता है।’’

डब्ल्यू-क्लेमेंट स्टोन ने आगे बताया, ‘‘पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड किसी भी परिस्थिति या परिस्थितियों के प्रति सही उचित सोच, क्रिया या प्रतिक्रिया है। उदाहरण के लिए-विचार, कार्य और प्रतिक्रिया, जो ईश्वर के नियमों या आपके साथी मनुष्य के अधिकारों का हनन नहीं करते हैं, जिनके पास पी.एम.ए. है।’’

स्टोन ने आगे इसकी व्याख्या की है, ‘‘आप अपने वंश, परिवेश, शरीर, चेतन व अवचेतन मन, विशेष स्थिति, समय एवं स्थान की दिशा और इससे भी बढ़कर बहुत सारी चीजें, जिसमें ज्ञात-अज्ञात शक्तियाँ भी शामिल हैं, के फल हैं, जब आप पी.एम.ए. के साथ सोचते हैं तो आप इनमें से कोई या सभी तथ्यों को प्रभावित, नियंत्रित प्रयोग कर सकते हैं, उनके साथ तालमेल बिठा सकते हैं और भाग्य बदल सकते हैं। आप शरीर के साथ मस्तिष्क हैं।’’

इसलिए पी.एम.ए. क्या है? पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड की धारणा को बनानेवाले इन तीन शब्दों के अर्थों की जाँच कीजिए ः

पॉजिटिव (सकारात्मक)—पी.एम.ए. ‘प्लस’ विशेषताओं जैसे ईमानदारी, विश्वास, प्यार, निष्ठा, आशा, आशावादिता, साहस, पहल, उदारता, परिश्रम, दयालुता और अच्छी सहज बुद्धि से जुड़ी एक शक्ति है, बल है।

मेंटल (मानसिक)—पी.एम.ए. मस्तिष्क से जुड़ा एक बल है, न कि शरीर से। आप शरीर के साथ मस्तिष्क हैं। आपकी नियंत्रण क्षमता आपके मस्ष्तिक में है।

एटीट्यूड (भाव)—पी.एम.ए. सही भावों पर निर्भर करता है, जो आपकी भावनाएँ हैं या आपके मनोभाव एमए क्या है? हैं। मनोभाव का संबंध आपकी आपके प्रति, दूसरों के प्रति, स्थितियों व परिस्थितियों या वस्तुओं के प्रति मौलिक भावनाओं से है।

शब्द ‘पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड’ के तीन आरंभिक अक्षरों से बना पी.एम.ए. वह चेपक है, जो आपकी सभी अतिरिक्त विशेषताओं को बाँधता है, वह शक्ति-स्रोत, जो आपको एक ऐसा व्यक्ति बनाता है, जो कोई चीज और सबकुछ हासिल कर सकता है, जब तक कि आपकी इच्छा या आप जो कुछ भी करते हैं, वह ईश्वर के नियमों का उल्लंघन नहीं करता है या दूसरों के अधिकारों का हनन नहीं करता है। सीधे शब्दों में, पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड मस्तिष्क की वह सही दशा है, जो आवश्यक रूप से सही कार्यों व प्रतिक्रियाओं की ओर प्रेरित करती है।

पी.एम.ए. वह सहारा देनेवाली चीज या स्थिरक है, जिसकी हमें और आप सभी को अपने जीवन की किन्हीं भी प्रतिकूलताओं का सामना करने के लिए जरूरत होती है। जहाज पर स्थिरक आघात को सहनेवाले एक उपक्रम के रूप में काम करता है—एक प्रकार का सहारा देनेवाला उपक्रम, जो उफनते समुद्र में भी जहाज को स्थिर बनाए रखता है। मुझे ऐसे ही उफनते समुद्र में की गई एक यात्रा की याद आती है; लेकिन जहाज में लगे स्थिरक के कारण वह यात्रा अति सुखद थी और किसी भी तरह तकलीफदेह नहीं थी। कई वर्षों पहले इस प्रकार की एक यात्रा में जहाज में कोई स्थिरक नहीं था और यह यात्रा अत्यंत उथल-पुथल भरी थी। सही में उथल-पुथलपूर्ण यात्रा, लेकिन स्थिरक, चाहे वह जाइरोस्कोप हो या कुछ और, यदि उसका प्रयोग नहीं किया जाता है तो वह बेकार है।

और पी.एम.ए. के साथ भी यही बात है। इसे भी विकसित किया जाना चाहिए और इसका प्रयोग किया जाना चाहिए। वे लोग, जो अपने जीवन और काम के प्रति पॉजिटिव मेंटल एटीट्यूड विकसित नहीं करते हैं, वे खुश नहीं रहते हैं। कई लोगों को मानसिक बीमारियाँ हो जाती हैं और वे शीघ्र घबरा जाते हैं; क्योंकि वे जीवन में आनेवाली परेशानियों के सामने हथियार डाल देते हैं। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति अपने प्रियजनों और साथियों के लिए भी मुसीबतें खड़ी करते हैं।

सकारात्मक विचारों का विकास करके और नकारात्मक विचारों को निकाल करके आप एक प्रभावशाली व प्राकृतिक स्थिरक का प्रयोग करते हैं, जो किसी भी मशीनी जाइरोस्कोप से कहीं अधिक श्रेष्ठ होता है। आप में अपने विचारों को दिशा देने, अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने और इस तरह अपने-अपने भाग्य को बदलने की शक्ति है।

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Napoleon Hill

Napoleon Hill was born in 1883 in Wise County, Virginia. He began his writing career at age 13 as a ‘mountain reporter’ for small town newspapers and went on to become America’s most beloved motivational author. His work stands as a monument to individual achievement and is the cornerstone of modern motivation. His most famous work, Think and Grow Rich, is one of the best-selling books of all time. Hill established the Foundation as a nonprofit educational institution whose mission is to perpetuate his philosophy of leadership, self-motivation, and individual achievement.

Author: Napoleon Hill Napoleon Hill was born in 1883 in Wise County, Virginia. He began his writing career at age 13 as a ‘mountain reporter’ for एमए क्या है? small town newspapers and went on to become America’s most beloved motivational author. His work stands as a monument to individual achievement and is the cornerstone of modern motivation. His most famous work, Think and Grow Rich, is one of the best-selling books of all time. Hill established the Foundation as a nonprofit educational institution whose mission is to perpetuate his philosophy of leadership, self-motivation, and individual achievement.

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