फोरेक्स टुटोरिअल

रुझान रेखाएं

रुझान रेखाएं
– जिन जातकों के हाथ में भाग्‍य रेखा, जीवन रेखा से निकले तो वे लोग भी अपार धन-संपत्ति के मालिक बनते हैं। इनके जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है।

<< image.alt ></p>
<h2>रुझान रेखाएं</h2>
<p>Please Enter a Question First</p>
<p>Sexual Reproduction In Flowering Plants</p>
<p>जब नाभिका, निभाग तथा बीजाण्डद् .</p>
<p>Updated On: 27-06-2022</p>
<p>Video Solution: जब नाभिका, निभाग तथा बीजाण्डद्वार सभी एक सीधी रेखा में स्थित होते है तो बीजाण्ड कहलाता है : -</p>
<p>UPLOAD PHOTO AND GET THE ANSWER NOW!</p>
<p>एम्फीट्रोपस कम्पाइलोट्रोपस ऑर्थोट्रोपस प्रतीप बीजाण्ड</p>
<p>Step by step video solution for [object Object] by Biology experts to help you in doubts & scoring excellent marks in Class 12 exams.</p>
<p>Get Link in SMS to Download The Video</p>
<p>Aap ko kya acha nahi laga</p>
<p>Question Details till 16/11/2022</p>
<p>नमस्कार दोस्तों रस में है जब नाविका विभाग तथा भी जानवर सभी एक सीधी रेखा में स्थित होते हैं तो विजेंट कहलाता है आइए देखते हैं पहला दिया हमसे ट्रूपर्स एस्ट्रो पास में जो होता है भी जानदार जानदार निभा विपरीत ध्रुवों पर होते हैं विपरीत ध्रुवों पर होते हैं तो इस तरह का जो बीजांड होता है वह ब्यूटी में से कुल में देखने को मिल सकता है इस तरह का डिजाइन एमपी 333 हमारा उत्तर नहीं होगा दूसरा दिया कंपाइलर प्रॉपर यह क्या होता है उसमें जो बता दी जान भी जान द्वार निभा</p>
<h2>रुझानों में खिरहर-रेखा में मुख्य मुकाबला, अन्य प्रत्याशी खेल बनाने-बिगाड़ने में रहे!</h2>
 
<p>सीतामढ़ी। बिहार विधानपरिषद चुनाव में सीतामढ़ी-शिवहर सीट के लिए गुरुवार को चुनाव परिणाम से पहले हार-जीत के दावे हर तरफ होते रहे। मतदाताओं के रुझानों के अनुसार, मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ एनडीए से रेखा कुमारी व प्रतिद्वंदी राजद से शैलेंद्र कुमार उर्फ कब्बू खिरहर के बीच है। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि दलीय नेताओं का भीतरघात कितना बड़ा फैक्टर साबित हो पाया है। हालांकि, राजद से ज्यादा एनडीए के लिए भीतरघात का अधिक डर है। दूसरी ओर महिला मतदाता भी आधे से अधिक हैं। अन्य प्रत्याशी भी हारने-जीतने वाले प्रत्याशियों का खेल बिगाड़ने के काम आ सकते हैं। इस चुनाव में पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। जदयू व राजद के अलावा कांग्रेस से शिवहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मो. अशद की पत्नी नूरी बेगम, निर्दलीय रेखा कुमारी व वार्ड सदस्य महासंघ के संस्थापक सह प्रदेश अध्यक्ष रामप्रवेश यादव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। एनडीए से प्रत्याशी रेखा कुमारी के हमनाम निर्दलीय रेखा कुमारी को राजनीतिक गलियारे में राजद का डमी उम्मीदवार करार दिया जा रहा है। उधर, रुझानों से इतर तमाम प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। मतगणना का दौर शुरू होने के साथ ही रुझान रेखाएं  प्रथम वरीयता के मत ही जीत-हार का फैसला कर सकते हैं। अगर इसमें फैसला नहीं हो पाया तो द्वितीय वरीयता जीत-हार का पैमाना होगी। हालांकि, इसकी नौबत आने की संभावना कम ही लगती है। जबकि, वार्ड सदस्य महासंघ के संस्थापक सह प्रदेश अध्यक्ष रामप्रवेश यादव का कहना है कि द्वितीय वरीयता के आधार पर ही जीत-हार का फैसला होगा और इस चुनाव में सबसे ज्यादा मतदाता वार्ड सदस्य हैं, जो उनको जीत दिलाएंगे। जदयू के चुनाव प्रभारी व एमएलसी देवेश चंद्र ठाकुर ने इन संभावनाओं से इतर एनडीए प्रत्याशी की जीत का दावा किया है। वहीं राजद के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद डा. अर्जुन राय का कहना है कि यह चुनाव 80-20 का है और उनका प्रत्याशी भारी बहुमत से चुनाव जीत रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी नूरी बेगम भी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। 70 प्रतिशत मतदाताओं के वोट के लिए वह आशान्वित हैं और यहीं उनकी जीत के प्रति आश्वस्त होने का आधार है।</p>
<h2>No Results Found</h2>
<p><img src=

यह निर्धारित करने के लिए Google रुझान Google वेब खोजों के नमूने का विश्लेषण करता है कि निश्चित अवधि में कितनी खोजें की गईं हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आप ज़िका वायरस के बारे में स्टोरी कर रहे हैं और आप देखना चाहते हैं कि इस विषय पर खोजों में हाल में वृद्धि हुई है या नहीं, तो पिछले 90 दिन चुनें। रुझान उन पैरामीटरों के भीतर ज़िका वायरस की सभी खोजों के नमूने का विश्लेषण करता है।

<< image.alt ></p>
<p>

जब आप रुझान पर किसी शब्द की खोज करते हैं, तो आपको समय के साथ (लगभग) वास्तविक समय में शब्द की लोकप्रियता दिखाते हुए ग्राफ़ दिखाई देगा। ग्राफ़ पर अपने माउस होवर करने से एक नंबर प्रकट होगा, जो दर्शाता है कि Google पर की गई खोजों की कुल संख्या के सापेक्ष विशेष शब्द के लिए कितनी खोजें की गई हैं।

बेशुमार दौलत दिलाती है हाथ की ये रेखा, कभी नहीं होती धन की कमी, कहीं आपके हथेली में भी तो नहीं

This line of hand gives immense wealth हस्तरेखाशास्त्र के अनुसार व्यक्ति के हाथ पर बनने वाली रेखाओं से का संबंध उसके जीवन में होने वाली घटनाओं से होता है। हथेली पर बनी रेखाओं से भी व्यक्ति के भाग्य के बारे में बहुत कुछ जाना जा सकता है। हथेली पर बनी रेखाएं व्यक्ति की आर्थिक स्थिति के बारे में भी जानकारी देती हैं। व्यक्ति की हाथ पर कई रेखाएं होती हैं जो इशारा करती हैं कि व्यक्ति जीवन में कितना धन कमाएगा। कुछ भाग्यशाली लोगों के हाथों में कुछ ऐसी विशेष रेखाएं होती हैं जो इशारा करती हैं कि व्यक्ति भविष्य में बहुत धन-संपत्ति कमाएगा। आइए जानते हैं कि वो कौन सी रेखाएं हैं जो व्‍यक्ति को जल्‍द ही अमीर बना देती हैं।

मालामाल कर देती हैं हाथ की ये रेखाएं

This line of hand gives immense wealth हस्‍तरेखा शास्‍त्र में हाथ रुझान रेखाएं की कुछ रेखाओं, निशानों, आकृतियों, पर्वतों को बेहद शुभ बताया गया है। ये रेखाएं जिन लोगों के हाथ में हों, उन्‍हें मालामाल कर देती हैं।

– जिन जातकों की हथेली में गुरु, शुक्र, चंद्रमा और बुध पर्वत अच्‍छी तरह उभरे हुए हों, उनके हाथ में राजलक्ष्मी योग बनता है। यह योग जातक को कम उम्र में ही ढेर सारी धन-दौलत का मालिक बनाता है।

– जिन लोगों के हाथ में भाग्‍य रेखा चंद्र पर्वत से निकल रही हो, ऐसे लोग न केवल खूब धन-दौलत पाते हैं, बल्कि ख्‍याति भी पाते हैं। ऐसे लोगों का धार्मिक कार्योा में भी रुझान होता है।

– दुर्लभ ही लोगों के हाथ में एक से ज्‍यादा भाग्य रेखाएं होती हैं। इन जातकों का यदि शनि ग्रह भी अच्‍छा फल दे तो ये लोग जीवन में अपार धन, सुख-समृद्धि पाते हैं। इन्‍हें हर काम में सफलता मिलती है। कह सकते हैं कि किस्‍मत इन पर पूरी तरह मेहरबान रहती है।

ऐसी रेखाएं देती हैं प्‍यार का संकेत

हस्‍तरेखा शास्‍त्र के अनुसार, यदि किसी व्‍यक्ति के हाथ में विवाह की रेखा एक से अधिक हो तो उसका अपनी पत्‍नी के प्रति प्रेम बहुत ही गहरा होता है। वहीं अगर किसी जातक के हाथ में विवाह रेखा पहले तो गहरी हो लेकिन आगे चलकर रुझान रेखाएं हल्‍की होती जा रही हो तो ऐसे जातक का प्रेम धीरे-धीरे उदासीनता की रुझान रेखाएं ओर बढ़ता जाता है। लेकिन रेखा अगर हल्‍की हो और आगे चलकर गहरी हो तो प्रेम दिन-ब-दिन बढ़ता ही जाता है।

ये रेखाएं देती हैं एक्‍स्‍ट्रा मैर‍िटल अफेयर का संकेत

हस्‍तरेखा शास्‍त्र के अनुसार, अगर शुक्र पर्वत पर द्वीप हो और एक रेखा उससे निकलकर बुध पर्वत पर जाकर समाप्‍त होती हो तो विवाहेत्‍तर संबंध होने की संभावना रहती है। वहीं विवाह रेखा पर बनने वाला द्वीप इस बात का संकेत होता है क‍ि अनैतिक संबंध के कारण पति-पत्नी में झगड़ा होगा और उसके चलते सेपरेशन हो सकता है। वहीं अगर किसी व्‍यक्ति की विवाह रेखा दो भागों में बंटी हो और एक शाखा हृदय रेखा को छुए तो भी व्‍यक्ति के विवाहेत्‍तर संबंध होने की संभावना रहती है।

ऐसी रेखा द‍िखे तो हो जाएं सतर्क

हस्‍तरेखा शास्‍त्र के अनुसार, अगर विवाह रेखा आगे चलकर दो शाखाओं में बंटे तो जीवनसाथी में अलगाव की स्थिति बन जाती है लेकिन सेपरेशन नहीं होता। वहीं अगर यह रेखा अनेक शाखाओं में बंटी हो तो समझ लें कि रिश्‍ते में प्रेम का अंत हो गया है। इसके अलावा अगर विवाह रेखा के अंत में दो शाखाएं हो जाएं तो यह पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद का सूचक है। यही नहीं यह विवाद इतना अधिक बढ़ जाता है कि बात तलाक तक पहुंच जाती है। अगर विवाह रेखा कटी-फटी हो तो यह भी व‍िवाह टूटने का संकेत होता है।

Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म. पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐप

रेटिंग: 4.92
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 78
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *