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अमेरिकी सत्र

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Image Source : AP Foreign Minister S Jaishankar US Visit

अमेरिकी सत्र

अमेरिका में मंदी की आशंका के कारण वैश्विक स्तर पर गिरे बाजार

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज दबाव की स्थिति बनी हुई है। वहीं ग्लोबल मार्केट में भी एक दो शेयर बाजारों को छोड़कर ज्यादातर जगहों पर गिरावट का रुख नजर आ रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए थे, लेकिन यूएस फ्यूचर्स में बढ़त बनी हुई थी। इसी तरह आज एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख नजर आ रहा है।

अमेरिकी बाजार में पिछले कारोबारी सत्र में 0.7 से लेकर 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। पिछले सत्र के कारोबार में यूएस मार्केट के 11 में से 7 सेक्टर्स गिरावट के साथ बंद हुए, वहीं 4 सेक्टर्स में शामिल शेयर मामूली बढ़त हासिल करने में सफल रहे। ओवरऑल यूएस स्टॉक मार्केट के 56 प्रतिशत शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

माना जा रहा है कि इसी हफ्ते अमेरिका में महंगाई और अमेरिकी सत्र खुदरा बिक्री के आंकड़े आने वाले हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी बाजार पर दबाव बना हुआ है। महंगाई के आंकड़े अगर प्रतिकूल हुए तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में सख्ती के साथ बढ़ोतरी करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा। इसी वजह से अमेरिकी बाजार के निवेशक फिलहाल काफी सतर्क होकर सौदा करने की नीति अपना रहे हैं, जिसके कारण अमेरिकी बाजार दबाव की स्थिति में आ गया है।

आपको बता दें कि इस साल नैस्डैक में अभी तक 33.8 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है, वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स में भी इस साल 25 प्रतिशत तक गिरावट आ चुकी है। इसमें अभी और 20 प्रतिशत तक की गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है।

अमेरिकी बाजार के विशेषज्ञों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी आने की आशंका जताई है। एक दिन पहले ही जेपी मॉर्गन चेज एंड कंपनी के सीईओ जैमी डिमोन ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में साफ किया था कि अमेरिका और उसके साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था बहुत ही गंभीर दौर में पहुंच चुकी है। उन्होंने आशंका जताई थी कि आने वाले 6 से 9 महीने के दौरान अमेरिका की अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ जाएगी। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी आने की आशंका के कारण वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में दबाव की स्थिति बनी हुई है।

आज एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख नजर आ रहा है। शंघाई कंपोजिट और स्ट्रेट टाइम्स इंडेक्स को छोड़कर ज्यादातर शेयर बाजारों के सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। एसजीएक्स निफ्टी में 90 अंक की गिरावट आ चुकी है, वहीं निक्केई इंडेक्स भी 2.अमेरिकी सत्र 34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,480.97 अंक के स्तर पर कारोबार करता नजर आ रहा है। ताइवान के बाजार में फिलहाल 3.69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा चुकी है और अमेरिकी सत्र ये बाजार 13,197.26 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं हांगकांग का हेंगसेंग इंडेक्स 1.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,979.66 अंक के स्तर पर पहुंचकर कारोबार कर रहा है, जबकि कोस्पी इंडेक्स भी अभी तक 2.35 प्रतिशत टूट चुका है। दूसरी ओर स्ट्रेट टाइम्स इंडेक्स फिलहाल 0.08 प्रतिशत की मजबूती दिखा रहा है, जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.15 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,978.75 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

ग्लोबल मार्केट अमेरिकी सत्र के सुस्त संकेतों की वजह से भारतीय शेयर बाजार भी प्रभावित हुआ है। इसी कारण आज प्री ओपनिंग सेशन में मजबूती दिखाने के बावजूद कारोबार शुरू होने के बाद भारतीय शेयर बाजार लगातार गिरता चला गया।

सितंबर में अमेरिका की यात्रा करेंगे जयशंकर और पीयूष गोयल, संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक महासभा सत्र को करेंगे संबोधित

नई दिल्लीः विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल विभिन्न (Piyush Goyal) बहुपक्षीय तथा द्विपक्षीय बैठकों के लिए इस महीने अमेरिका (America) की यात्रा करेंगे. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत ने यूक्रेन युद्ध (Ukraine) के बाद दुनियाभर के देशों के साथ अपनी भागीदारी बढ़ा दी है. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के वार्षिक महासभा सत्र को संबोधित अमेरिकी सत्र करने के लिए न्यूयॉर्क (New York) जाएंगे. संयुक्त राष्ट्र में इस बार भारत का ध्यान सुरक्षा परिषद अमेरिकी सत्र के सुधारों, आतंकवाद से निपटने के तरीकों, शांतिरक्षा, जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा एवं आपूर्ति श्रृंखला के मुद्दों पर केंद्रित होगा, जो यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर अहम हो गए हैं.

  • महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा
  • बैठक में भाग लेने की संभावना
महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा

न्यूयॉर्क से जयशंकर अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन तथा बाइडन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात करने के लिए वाशिंगटन डीसी जाएंगे. अमेरिकी सांसदों तथा विचारकों से मुलाकात करने के अलावा विदेश मंत्री की भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रतिष्ठित नेताओं से भी मुलाकात करने की योजना है. जयशंकर को इस महीने के आखिर में अमेरिका की अमेरिकी सत्र यात्रा करनी है लेकिन उच्च स्तरीय यात्रा गोयल के साथ शुरू होगी, जो 8-9 सितंबर को भारत-प्रशांत आर्थिक समृद्धि रूपरेखा (IPEF) की मंत्री स्तरीय बैठक में भाग लेंगे.

बैठक में भाग लेने की संभावना

गोयल सिलिकॉन वैली के कोरपोरेट क्षेत्र के नेताओं के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करने के लिए सैन फ्रांसिस्को भी जाएंगे. इसके साथ ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह तथा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह की यात्रा की योजना बनायी जा रही हैं. इनके 22-23 सितंबर को पिट्सबर्ग में स्वच्छ ऊर्जा पर मंत्री स्तरीय बैठक में भाग लेने की संभावना है.

UN General Assembly: यूएन महासभा के उच्च स्तरीय सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर

UN General Assembly: संयुक्त राष्ट्र महासभा के इस सप्ताह यहां शुरू हो रहे उच्च स्तरीय सत्र में भारत मुख्य रूप से आतंकवाद पर अंकुश, शांति रक्षा, जलवायु परिवर्तन रोकने संबंधी कार्यक्रम और कोविड-19 टीके का समान वितरण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

Shilpa

Edited By: Shilpa
Updated on: September 19, 2022 13:17 IST

Foreign Minister S Jaishankar US Visit- India TV Hindi

Image Source : AP Foreign Minister S Jaishankar US Visit

Highlights

  • यूएन सत्र के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे जयशंकर
  • द्विपक्षीय बैठकों से करेंगे दौरे की शुरुआत
  • वाशिंगटन डीसी की यात्रा भी दौरे में शामिल

UN General Assembly: अमेरिकी सत्र विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र के लिए न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। इस यात्रा पर वह द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय बैठकों समेत 50 से अधिक आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कम्बोज ने रविवार को ट्वीट किया, ‘संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र में भाग लेने के लिए यहां आए हमारे विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर का स्वागत करके खुशी हुई। वह इस सप्ताह के दौरान कई द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे या उनकी सह-अध्यक्षता करेंगे।’

संयुक्त राष्ट्र महासभा के इस सप्ताह यहां शुरू हो रहे उच्च स्तरीय सत्र में भारत मुख्य रूप से आतंकवाद पर अंकुश, शांति रक्षा, जलवायु परिवर्तन रोकने संबंधी कार्यक्रम और कोविड-19 टीके का समान अमेरिकी सत्र वितरण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा। जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें वार्षिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए रविवार को न्यूयॉर्क पहुंचे जो खुली बहस के साथ 20 सितंबर को शुरू होगा। जयशंकर सत्र से इतर सप्ताह में 50 से अधिक द्विपक्षीय और बहुपक्षीय आधिकारिक बैठकों के बाद 24 सितंबर को विश्व नेताओं को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से संबोधित करेंगे।

द्विपक्षीय बैठकों से होगी यात्रा की शुरुआत

वह अल्बानिया, मालटा, मिस्र और इंडोनेशिया के अपने समकक्षों, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र के अध्यक्ष साबा कोरोसी और कई अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों के साथ अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे। वह फ्रांस-भारत-संयुक्त अरब अमीरात त्रिपक्षीय बैठक में भी हिस्सा लेंगे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने अमेरिकी सत्र अमेरिकी सत्र ट्विटर पर पोस्ट किए एक वीडियो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए पांच ‘एस’-सम्मान, संवाद, सहयोग, शांति और समृद्धि का मंत्र महासभा के 77वें सत्र में भारत का ‘मार्गदर्शक’ होगा।

एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात करेंगे जयशंकर

जयशंकर की 18 से 28 सितंबर की अमेरिकी यात्रा में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के बाद वाशिंगटन डीसी की भी एक यात्रा शामिल होगी, जबकि न्यूयॉर्क में वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से मुलाकात करेंगे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत का मौजूदा दो साल का कार्यकाल इस साल दिसंबर में समाप्त हो जाएगा जब भारत परिषद की अध्यक्षता करेगा।

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डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार चौथे सत्र में अब तक के निचले स्तर पर, 80 से अब कुछ ही कदम दूर

रुपया आज गिरकर 79.74 के नए निचले स्तर पर आ गया, जो पिछले सत्र में 79.66 के पिछले निचले स्तर को पार कर गया था। घरेलू मुद्रा बुधवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 79.62 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुई।

डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार चौथे सत्र में अब तक के निचले स्तर पर, 80 से अब कुछ ही कदम दूर

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज लगातार चौथे सत्र के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में निरंतर वृद्धि जारी है। रुपया आज गिरकर 79.74 के नए निचले स्तर पर आ गया, जो पिछले सत्र में 79.66 के पिछले निचले स्तर को पार कर गया था। घरेलू मुद्रा बुधवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 79.62 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुई। बता दें विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय मुद्रा पर और दबाव डालते हुए भारतीय इक्विटी को डंप करना जारी रखा।

मंदी की बढ़ती आशंकाओं से अमेरिकी डॉलर की सुरक्षित पनाहगाह है। वहीं, अमेरिकी मुद्रास्फीति में तेजी ने भी बुरा हाल कर रखा है। बुधवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जून में 41 साल के उच्च स्तर 9.1% पर पहुंच गया, जो आंशिक रूप से यूक्रेन युद्ध और बढ़ती मांग के कारण आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं के कारण था।


अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी होने के बाद, कुछ बाजार के जानकारों का अनुमान है कि फेड इस महीने अपनी अगली बैठक में उधारी लागत में एक प्रतिशत अंक बढ़ा सकता है। शुक्रवार को, अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों ने मजबूत संख्या दिखाई, इससे फेड को और वृद्धि के लिए और अधिक जगह मिल गई।मौद्रिक नीति को सख्त करने के लिए फेड का अभियान डॉलर को ऊपर धकेलना जारी रखता है।

मूडीज की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि COVID-19 महामारी, चीन में लॉकडाउन और यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने इस साल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को विकृत करने और कीमतों को बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से भेजा।

एजेंसी को उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में ऊर्जा और खाद्य कीमतें चरम पर हो सकती हैं और इसके बाद नीचे की ओर आ सकती हैं, लेकिन यह धारणा इस आधार पर है कि यूक्रेन में सैन्य संघर्ष नहीं बढ़े।

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