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अमीर कहाँ निवेश करते हैं?

अमीर कहाँ निवेश करते हैं?
नकदी रखें
सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक और कुंजी है कि हमेशा नकदी का भंडार अपने हाथ में रखें. बफे ने 2014 बर्कशायर हैथवे की वार्षिक रिपोर्ट में कहा, "हम हमेशा कम से कम 20 बिलियन डॉलर और आमतौर पर कहीं अधिक की नकदी बनाए रखते हैं. एक व्यवसाय के लिए और एक व्यक्ति के लिए नकदी ऑक्सीजन की तरह है. जब बिल का भुगतान करना होता है तो केवल नकद ही वैध मुद्रा होती है.” ऐसे में निवेश करते वक्त सारा पैसा इंवेस्ट न करते हुए नकदी भी अपने पास रखनी अमीर कहाँ निवेश करते हैं? चाहिए, ताकी मुश्किल वक्त में काम आ सके.

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Tips to Become Rich: अमीर बनने का सपना करना है पूरा तो इस तरह करनी होगी फाइनेंशियल प्‍लानिंग

अगर वाकई अमीर होने के सपने को सच साबित करना है, तो पहले आपको फाइनेंशियल प्‍लानिंग अच्‍छी तरह से करनी होगी और बचत और निवेश पर खासतौर पर फोकस करना होगा.

अमीर बनने का सपना तो हर कोई देखता है, लेकिन इसे सब पूरा नहीं कर पाते. उसका कारण है कि सबको पैसों का मैनेजमेंट करना ठीक से नहीं आता. अगर वाकई इस सपने को सच साबित करना है, तो पहले आपको फाइनेंशियल प्‍लानिंग अच्‍छी तरह से करनी होगी और बचत और निवेश पर खासतौर पर फोकस करना होगा. सही समय और सही जगह पर किया हुआ निवेश ही भविष्‍य में आपकी पैसों की जरूरत को पूरा कर सकता है और आपकी लाइफ को बेहतर बना सकता है. यहां जानिए अमीर बनने के लिए किस तरह करनी चाहिए फाइनेंशियल प्‍लानिंग.

फिजूल खर्च रोकें

सबसे पहले तो आपको फिजूल खर्च पर लगाम लगाना होगा. फिजूल खर्च आपके बजट को बिगाड़ता है और इससे आप पैसों की बचत नहीं कर पाते. फिजूल खर्च को रोकने के लिए हर महीने एक बजट तैयार करें और उसके हिसाब से ही अपने खर्चों को नियंत्रित करें. इसके अलावा अगर आपको लगता है कि आपकी आमदनी कम है, तो आपको आमदनी का नया सोर्स ढूंढना चाहिए, ताकि आप ज्‍यादा से ज्‍यादा बचत कर सकें.

आपको सुनकर बेशक अटपटा लग रहा होगा, लेकिन ये सच है अमीर कहाँ निवेश करते हैं? कि ऑनलाइन पेमेंट आपके लिए सुविधाजनक जरूर है, लेकिन इसके कारण आपकी फिजूल खर्ची बहुत ज्‍यादा होती है. अगर अमीर कहाँ निवेश करते हैं? आप कैश में पेमेंट करते हैं, तो आप तब तक ही खरीददारी कर सकते हैं, जब तक आपके वॉलेट में नकदी मौजूद है. यानी कैश पेमेंट कहीं न कहीं आपके फिजूल खर्च को रोकने में मददगार है.


निवेश की आदत डालें

हर महीने निवेश करने की आदत डालें. अगर आप हर महीने निवेश करते हैं, तो निवेश भी आपके घर के बजट का हिस्‍सा बन जाता है यानी जब भी आप बजट बनाते हैं, तो निवेश को अलग करने के बाद बची हुई राशि में बनाते हैं. इस तरह निवेश आपको बचत करना सिखाता है. अगर आप समय रहते सही जगह पर निवेश करें, तो इससे काफी अच्‍छा अमाउंट जोड़ सकते हैं. आज के समय में एसआईपी को निवेश का सबसे बेहतर जरिया माना जाता है क्‍योंकि पिछले कुछ सालों में इसने काफी अच्‍छा रिटर्न दिया है.

अगर आप इनकम टैक्‍स स्‍लैब में आते हैं, तो फाइनेंशियल ईयर शुरू होने के साथ ही टैक्‍स की प्‍लानिंग शुरू कर दीजिए. ऐसी तमाम स्‍कीम्‍स हैं, जो आपको अच्‍छा खासा रिटर्न भी देती हैं और टैक्‍स में छूट भी देती हैं. समय रहते इन स्‍कीम्‍स का चुनाव करें.

Investment: आंख बंद करके शेयर मार्केट में लगाया पैसा तो हो सकते हैं कंगाल, Warren Buffett की करोड़पति बनाने वाली टिप्स ने किया मालामाल

Warren Buffett Tips: शेयर बाजार में आंख बंद करके निवेश किया जाए तो कंगाल होने में भी देर नहीं लगेगी. ऐसे में दुनिया में मशहूर शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे (Warren Buffett) के इंवेस्टमेंट टिप्स को फॉलो किया जा सकता है. Warren Buffett के Investment Tips करोड़पति बनाने में भी मदद कर सकते हैं.

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COP27 ने लॉस एंड डैमेज पेमेंट समझौते को तो अपनाया, लेकिन क्या अमीर देश भुगतान करेंगे?अमीर कहाँ निवेश करते हैं?

COP27 ने लॉस एंड डैमेज पेमेंट समझौते को तो अपनाया, लेकिन क्या अमीर देश भुगतान करेंगे?

के वी रमेश | Edited By: अदिति शर्मा

Updated on: Nov 23, 2022 | 11:56 PM

शर्म-अल-शेख में संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन की 27वीं बैठक को विफल करने की कोशिश के बाद अमीर देश आखिरकार अनिच्छा से अमीर कहाँ निवेश करते हैं? ही नुकसान और क्षति पर चेतावनी के साथ सहमत हो गए. मगर उन्होंने भुगतान को लेकर अपनी निश्चित प्रतिबद्धता नहीं दर्शाई है. हालांकि इसके बावजूद सीओपी27 पहले की तरह निराशाजनक नहीं रहा. इसमें औद्योगिक राष्ट्रों ने पृथ्वी को प्रदूषित करने की अपनी जिम्मेदारी ना-नुकुर करते हुए स्वीकारी जो इनके प्रदूषण के कारण इस सदी के अंत तक शायद मनुष्यों के रहने लायक नहीं रह जाए. अनिच्छा से ही मगर वह खतरनाक जलवायु परिवर्तन के कारण गरीब देशों को होने वाले नुकसान और क्षति के भुगतान के लिए एक कोष में योगदान करने पर सहमत हो गए. यह जलवायु परिवर्तन पश्चिमी देशों के जीवाश्म ऊर्जा के बेरोकटोक इस्तेमाल के कारण हो रहा है जिसने उन्हें समृद्ध बनाया मगर पर्यावरण की कीमत पर.

ज्यादातर पीड़ित देश काफी गरीब और असुरक्षित

प्रतिबद्ध पर्यावरण समूहों और अमीर कहाँ निवेश करते हैं? कार्यकर्ताओं के साथ गरीब देशों की यह जीत बड़ी है. मगर पीड़ित देशों को हुए नुकसान की क्षति पूर्ति निकट भविष्य में प्रदूषण फैलाने वाले देश करेंगे यह संभव नहीं लगता. ज्यादातर पीड़ित देश काफी गरीब और असुरक्षित हैं. मगर अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण अमीर देश इन स्थितियों से निपट सकते हैं. उनके पास पर्यावरण को फायदा पहुंचाने वाली ग्रीन तकनीक है जिसमें वे निवेश करते जा रहे हैं. गरीब देश ऐसा नहीं कर सकते.

लेकिन सीओपी27 में पहले की तरह एक बार फिर से औद्योगिक राष्ट्रों का लालच और स्वार्थ सामने आया. आधी दुनिया में प्रदूषण फैलाने वाले देशों ने अपने यहां कि औद्योगिक इकाइयों के पक्ष में कई ऐसे तर्क दिये जिससे उन्हें गरीब देशों को मुआवजा नहीं देना पड़े. उनकी पूरी कोशिश रही की प्रदूषण फैलाने वाला मुआवजा दे वाली नीति उन पर लागू नहीं हो जबकि अपने देश में प्रदूषण फैलाने वालों पर वह यही नीति अपनाते हैं.

सबसे ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने वाले पांच देशों में भारत सबसे नीचे

इसके अलावा औद्योगिक राष्ट्रों के प्रतिनिधि एक और हथियार लेकर पहुंच गए. उनका तर्क रहा कि तीन दशकों में उत्सर्जन ऐतिहासिक उत्सर्जन भार की तुलना में अधिक खतरनाक रहा. ऐसे में भारत और चीन जैसे देशों को भी नुकसान और क्षति फंड में योगदान देना चाहिए. विकासशील देशों ने इसका यह कहते हुए विरोध किया कि उनका प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन अमेरिका की तुलना में बहुत कम है. दरअसल, सबसे ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने वाले पांच देशों में भारत 1.9 टन प्रति व्यक्ति के साथ सबसे नीचे है. अमेरिका के लिए यह आंकड़ा 15.5 अमीर कहाँ निवेश करते हैं? है जबकि दूसरे स्थान पर रहने वाले रूस के लिए 12.5. बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन इकाइयों के बावजूद चीन प्रति व्यक्ति केवल 8.1 टन उत्सर्जन करता है. 6.5 के साथ यूरोपीय संघ चौथे नंबर पर है.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या गरीब देशों को राहत पहुंचाने के लिए पश्चिम देश प्रस्तावित नुकसान और क्षति के वैश्विक फंड में योगदान करेंगे? कुछ अनुमानों के मुताबिक यह प्रति वर्ष 3-4 अरब डॉलर तक हो सकता है. 2009 में कोपेनहेगन में आयोजित सीओपी15 में जलवायु फंड के लिए हर साल 100 अरब डॉलर का योगदान देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया. लेकिन अनुदान, आसान ऋण और वाणिज्यिक ऋण जैसे योगदानों पर एक सरसरी नजर डालें तो यह उस आंकड़े लक्ष्य से काफी कम है. 2009 में 100 बिलियन डॉलर फंड रखा गया, मगर 2022 में भी केवल 95 बिलियन डॉलर ही जुटाया जा सका.

HNIs : अमीर इन फंड्स पर लगा रहे हैं बड़े दांव, जान लीजिए निवेश बढ़ाने की वजह

Moneycontrol लोगो

Moneycontrol 05-09-2022 Moneycontrol Hindi

© Moneycontrol द्वारा प्रदत्त HNIs : अमीर इन फंड्स पर लगा रहे हैं बड़े दांव, जान लीजिए निवेश बढ़ाने की वजह हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और अल्ट्रा एचएनआई (UHNIs) ने अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स (AIFs) में अपना अलोकेशन खासा बढ़ा दिया है। सेबी से मिले डाटा से यह जानकारी सामने आई है। जून, 2022 में यह 42.5 फीसदी बढ़कर 6.94 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो जून 2021 में 4.87 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसका ज्यादातर हिस्सा AIF Category-II funds में गया और यह जून 2022 में 43.7 फीसदी बढ़कर 5.6 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2021 में 3.9 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था। कितनी कैटेगरी के होते हैं एआईएफ AIFs तीन तरह के होते हैं- Category I, Category अमीर कहाँ निवेश करते हैं? II and Category III और वे पूल्ड प्राइवेट फंड्स में निवेश करते हैं। उनकी निवेश सीमा ज्यादा होती है और सामान्य रूप से उन्हें नियमित म्यूचुअल फंड्स की तुलना में ज्यादा जोखिम भरा माना जाता है, क्योंकि वे अनलिस्टेड सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं और ज्यादातर उधार ली गई रकम को इस्तेमाल कर सकते हैं। AIF Category II फंड्स को अपने ऑपरेशनल खर्च के अलावा उधार ली गई रकम को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती है। पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में पैसे हो जाएंगे डबल, जानिए कैसे उठाएं फायदा AIF Category-I funds ऐसे सेक्टर के स्टार्टअप्स सहित शुरुआती स्तर के बिजनेसेज में निवेश करते हैं, जिन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर समझा जाता है। इसलिए, इसका समग्र इकोनॉमी पर ज्यादा निगेटिव असर पड़ सकता है। इस फंड में निवेश को प्रोत्साहन के लिए इंसेंटिव की पेशकश की जा सकती है। युवाओं का दखल बढ़ने का दिख रहा असर TrustPlutus Wealth (India) के मैनेजिंग पार्टनर- प्रोडक्ट्स और सीओओ विशाल चांदीरमानी ने कहा कि इसके पीछे कई फैक्टर्स अमीर कहाँ निवेश करते हैं? काम करते हैं। उन्होंने मनीकंट्रोल को बताया, “कई एचएनआई फैमिलीज के युवा अब निवेश के कुछ फैसलों में शामिल हो रहे हैं और उनमें निवेश के मौकों को लेकर जागरूकता बढ़ी है। मीडिया में स्टोरीज उन्हें प्रोत्साहित कर रही हैं, जो स्टार्टअप्स में काम करने वाले कर्मचारियों के करोड़ों कमाने से जुड़ी होती हैं।” PPF अकाउंट पर भी आप ले सकते हैं लोन, जानिए क्या हैं इसके नियम और शर्तें ब्याज दरों की भी रही भूमिका ब्याज दरें कम होने का भी असर दिखा है। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ महीनों को छोड़ दें तो अमीर कहाँ निवेश करते हैं? बीते दो साल से कोविड महामारी के बाद ब्याज दरें रिकॉर्ड लो पर पहुंच गई थीं। इसलिए, एचएनआई फैमिलीज ऐसे इनवेस्टमेंट्स पर विचार कर रही हैं। डेट म्यूचुअल फंड्स 5-6 फीसदी के पोस्ट टैक्स रिटर्न की पेशकश करते हैं, इसलिए ये खास आकर्षक नहीं है।”

90% से 95% तक ले सकते हैं लोन

बैंक FD पर जमा रकम का 90% से 95% तक लोन के रूप में देते हैं. वहीं अगर ओवरड्राफ्ट की सुविधा मौजूद है तो आप इस फैसिलिटी के तहत जमा रकम का 90 प्रतिशत तक ले सकते हैं. लोन की इस रकम को सिक्‍योर्ड लोन की श्रेणी में रखा जाता है क्‍योंकि लोन के बदले बैंक उस एफडी को गिरवी रख लेता है. FD पर उठाए गए लोन पर आमतौर पर FD की दर से 2% अधिक ब्याज लगता है. लेकिन इसके लिए प्रोसेसिंग फीस नहीं लगती है. ब्‍याज सिर्फ उतनी ही रकम पर लगता है, जितनी रकम उधार के रूप में ली जाती है. अगर आप लोन को समय से नहीं चुका पाते तो आपकी अमीर कहाँ निवेश करते हैं? एफडी की रकम से उस लोन को कवर कर लिया जाता है.

इंश्‍योरेंस कवर

डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) की ओर से आपको एफडी पर इंश्‍योरेंस कवर की भी सुविधा दी अमीर कहाँ निवेश करते हैं? जाती है. मान लीजिए कि किन्‍हीं कारणों से बैंक दिवालिया हो जाती है, तो ऐसे में आपको रिटर्न के साथ इंश्‍योरेंस कवर के तहत पांच लाख तक की रकम मिलती है यानी पैसे डूबने की टेंशन नहीं होती.

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