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विषयगत निवेश क्या है?

विषयगत निवेश क्या है?

और जानिए

यह पोर्टल मध्य प्रदेश में जलवायु परिवर्तन एवं सम्बंधित विषयों पर ज्ञान के सृजन, संचय और प्रसार का कार्य करेगा. राज्य में कई विभाग और संस्थाएं सम्बंधित विषयों पर कार्यरत विषयगत निवेश क्या है? हैं जैसे कि नगर व ग्राम निवेश, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, वानिकी, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, प्रदूषण नियंत्रण इत्यादी. ये सभी विभाग व संस्थाएं स्वतंत्र रूप से बड़ी मात्रा में ज्ञान का सृजन कर रहीं हैं. इसी तरह के अध्ययन व शोध निजी संस्थाओं, व्यक्तियों, एजेंसियों, गैर सरकारी संगठनों और शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा भी किये जा रहे हैं. ज्ञान के इस विशाल भण्डार को एक साथ संरक्षित, समन्वित और प्रसारित करने की आवश्यकता है. इन संस्थानों के साथ-साथ, एप्को स्वयं भी जलवायु परिवर्तन विषय पर कार्यरत है, और सम्बंधित मुद्दों पर ज्ञान का सृजन कर रहा है. यह ज्ञान प्रबंधन पोर्टल इस पूरी ज्ञान राशि को एक साथ एक मंच पर लाने का कार्य कर रहा है.

इस पोर्टल से किस तरह के लाभ होंगे और किसे होंगे ?

ये पोर्टल शासकीय विभागों, नागरिक समाज, गैर-सरकारी संगठनों, समाज विकास के कार्यकर्ताओं और व्यक्तियों को मदद करेगा. विशेष रूप से वे व्यक्ति व संगठन जो कि जलवायु परिवर्तन और इससे जुड़े मुद्दों पर कार्यरत हैं. ये पोर्टल स्थानीय स्तर पर कार्यरत संस्थाओं,और समुदायों को बेहतर नियोजन और क्रियान्वयन के लिए मदद करेगा और विकास संबंधी नियोजन व क्रियान्वयन में जलवायु परिवर्तन की चिंताओं के विषयगत निवेश क्या है? समावेश को गति देगा.

यह पोर्टल विभिन्न विभागों और विकास कार्यक्रमों को किस तरह से लाभ पहुंचाएगा?

जैसा कि स्पष्ट है, जलवायु परिवर्तन राज्य में मानव जीवन के प्रत्येक पहलू पर प्रभाव विषयगत निवेश क्या है? डालेगा, इस दृष्टि से सभी विभागों को अपने नियोजन व क्रियान्वन की प्रक्रियाओं में जलवायु परिवर्तन की चिंताओं को शामिल करना चाहिए. यह पोर्टल ज्ञान के एक सक्रिय भण्डार के रूप में कार्य करेगा और विभिन्न विभागों को उनके कार्यक्रमों से सम्बंधित शोध, अध्ययन और समाचारों को उपलब्ध कराकर उनकी मदद करेगा. चूंकि यह पोर्टल मध्यप्रदेश को समर्पित है, अतः शोध व अध्ययन मुख्यतः मध्यप्रदेश से ही सम्बंधित होंगे. इस कारण ये पोर्टल प्रदेश के विकास व जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर बहुत विशेषीकृत जानकारी उपलब्ध कराएगा.

मध्यप्रदेश शासन और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यू.एन.डी.पी.) इस कार्य में किस प्रकार से भागीदार हैं ?

मध्यप्रदेश जलवायु परिवर्तन संबंधी कार्यों में एक अग्रणी राज्य है. प्रदेश, भारत का पहला राज्य है जिसने जलवायु परिवर्तन पर “राज्य कार्य योजना” का निर्माण किया है, और राज्य की सुभेद्यता का आकलन किया है. यह तथ्य बताता है कि मध्यप्रदेश शासन जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर कितना गंभीर और सक्रिय है. पर्यावरण नियोजन व संरक्षण संस्थान (एप्को) ने एक जलवायु परिवर्तन इकाई की स्थापना भी की है जो कि राज्य में जलवायु परिवर्तन विषय पर समर्पित ढंग से कार्य कर रही है. यह ज्ञान प्रबंधन पोर्टल इसी प्रक्रिया का हिस्सा है. यह संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और एप्को का संयुक्त प्रयास है जिसे एक तरफ संयुक्त राष्ट्र संघ का वित्तपोषण व तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त है, वहीं दूसरी तरफ एप्को उपलब्ध ज्ञान को संचित व सृजित करके स्थानीय मुद्दों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है.

इस पोर्टल पर ज्ञान व सूचनाओं का सृजन किस प्रकार होता है ?

यह पोर्टल विभिन्न स्त्रोतों से सूचनाएं इकट्ठी करता है. यहाँ विभिन्न विभागों, संस्थाओं और एजेंसियों द्वारा किये गये शोध और अध्ययन साझा किये जायेंगे. साथ ही राज्य के मुद्दों से जुड़े शोध और अध्ययन भी किये जायेंगे जिनसे जलवायु परिवर्तन संबंधी वैश्विक मुद्दों और स्थानीय मुद्दों के बीच की समझ का अंतर कम किया जा सके, और उन्हें मध्यप्रदेश के अपने अनुभवों के प्रकाश में सही सन्दर्भों में समझा जा सके. इस प्रकार ये पोर्टल राज्य के लिए उपयोगी ज्ञान के सृजन व प्रसारण के लिए एक ऐसीं ज्ञान प्रबंधन संस्था का सृजन करता है जिसकी आधारशिला स्थानीय विभागों, पेशेवरों, और स्वतंत्र कार्यकर्ताओं के अनुभव पर रखी गयी है.

मिरे एसेट म्यूचुअल फंड ने इलेक्ट्रिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस थीम पर लॉन्‍च किए दो नए फंड ऑफर

मिरे एसेट म्यूचुअल फंड ने इलेक्ट्रिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस थीम पर लॉन्‍च किए दो नए फंड ऑफर

भारत में सबसे तेजी से बढ़ रहे फंड हाउस में शामिल मिरे एसेट म्यूचुअल फंड ने अपने दो नए फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। इनमें पहला एनएफओ में मिरे एसेट ग्लोबल इलेक्ट्रिक एंड ऑटोनॉमस व्हीकल्स ईटीएफ फंड ऑफ फंड है। (यह एक ओपेन एंडेड फंड ऑफ फंड स्कीम है। यह स्कीम उन विदेशी इक्विटी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में निवेश करती है जो इलेक्ट्रिक और आटोनॉमस यानी स्वायत्त वाहनों और उनसे संबंधित प्रौद्योगिकी, घटकों और सामग्रियों के विकास में शामिल कंपनियों पर आधारित हैं)।

जबकि दूसरा एनएफओ मिरे एसेट ग्लोबल एक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड टेक्नोलॉजी ईटीएफ फंड ऑफ फंड है। (यह एक ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड स्कीम है, जो ग्लोबल एक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड टेक्नोलॉजी ईटीएफ की इकाइयों में निवेश करती है) ये दोनों फंड भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग में लॉन्च होने वाले अपने तरह के पहले फंड हैं, जो भविष्य की तकनीक में शामिल कंपनियों पर आधारित हैं।

मिरे एसेट ग्लोबल इलेक्ट्रिक एंड ऑटोनॉमस व्हीकल्स ईटीएफ फंड ऑफ फंड (ईवी एफओएफ) विदेशी ईटीएफ में निवेश करेगा, जो अलग अलग देशों में इलेक्ट्रिक और ऑटोनॉमस व्हीकल्स और संबंधित तकनीक, घटकों और सामग्रियों के विकास पर आधारित हैं। जबकि मिरे एसेट ग्लोबल एक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड टेक्नोलॉजी ईटीएफ फंड ऑफ फंड (एआई एफओएफ) ग्लोबल एक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड टेक्नोलॉजी ईटीएफ की इकाइयों में निवेश करेगा। ग्लोबल एक्स एक प्रमुख ETF प्रदाता है, जिसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है। यह वर्तमान में थीमैटिक यानी विषयगत ETF में 40 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम (AUM) का प्रबंधन करता है। ग्लोबल एक्स ईटीएफ मिरे एसेट फाइनेंशियल ग्रुप का सदस्य है। (स्रोत: GlobalX, 30 जून, 2022 तक)

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16 अगस्त से 30 अगस्त तक खुले रहेंगे

दोनों एनएफओ सब्सक्रिप्शन यानी निवेश के लिए 16 अगस्त, 2022 को खुलेंगे और 30 अगस्त, 2022 को बंद होंगे। दोनों फंड का प्रबंधन मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के हेड-ईटीएफ प्रोडक्ट्स, श्री सिद्धार्थ श्रीवास्तव द्वारा किया जाएगा।

कम से कम कितना निवेश

इन फंड में कम से कम 5,000 रुपये का प्रारंभिक निवेश करना जरूरी होगा और उसके बाद 1 रुपये का गुणक में निवेश किया जा सकता है।

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फंड की प्रमुख खासियत

· विभिन्न देशों और इकोसिस्टम में इलेक्ट्रिक और ऑटोनॉमस वाहनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड टेक्नोलॉजी वाली कंपनियों में निवेश के साथ इन फंड में डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो का लाभ मिलेगा।

· Indxx आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डाटा सूचकांक (AIQ इंडेक्स) (AI FoF के लिए बेंचमार्क सूचकांक ) पोर्टफोलियो में 83 कंपनियां हैं, जो 20 उद्योगों में फैली हुई हैं। उनका कुल बाजार पूंजीकरण 13.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (13.2 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर) है।

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· एआईक्यू सूचकांक ने पिछले 7 सालों में (31 जुलाई 2022 तक) 20.4 फीसदी रिटर्न दिया है। **

· इन फंड के जरिए निवेशकों के लिए वैश्विक बाजारों में निवेश करने का एक अनूठा अवसर माना जा सकता है।

*स्रोत: 29 जुलाई, 2022 तक ब्लूमबर्ग डाटा; एफबीआईएल की विनिमय दर का उपयोग इंडेक्स वैल्यू को यूएस डॉलर से भारतीय रुपये में बदलने के लिए किया गया है। अगर भारतीय रुपये में उस मुद्रा के मुकाबले मजबूत होता है, जिसमें निवेश किया जाता है तो विदेशी संपत्ति के मूल्य में गिरावट आती है। जिसके परिणामस्वरूप ऐसी विदेशी संपत्ति में निवेश करने वाले फंड पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। पिछला प्रदर्शन भविष्य में बना रह भी सकता है और नहीं भी। इंडेक्स रिटर्न टोटल रिटर्न वेरिएंट में है। ऊपर दिखाया गया डाटा सूचकांक से संबंधित है और सूचकांक की किसी भी योजना के प्रदर्शन को नहीं दिखाता है।

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** AIQ सूचकांक का मतलब Indxx आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डाटा सूचकांक है। स्थापना के बाद से एआईक्यू सूचकांक का रिटर्न: 18.5% (आधार तिथि: 31 जनवरी 2014); 1 साल का रिटर्न: -20.7% है।

वैश्विक थीम में निवेश का मौका

एनएफओ की घोषणा करते हुए मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ श्री स्वरूप मोहंती ने कहा कि मिरे एसेट भारतीय निवेशकों के लिए वैश्विक निवेश उत्पादों को पेश करने में सबसे आगे रहा है। उन्होंने कहा कि हम भारत में ये थीम विकास विषयगत निवेश क्या है? के प्रारंभिक चरण में हैं, लेकिन विश्व स्तर पर ये फोकस में हैं। हमारा मानना है कि इन फंडों के जरिए निवेशकों को वैश्विक थीम में निवेश का मौका मिलेगा।

“उन्होंने कहा कि हम भारतीय निवेशकों को इस तरह के अनूठे वैश्विक पेशकश में निवेश का मौका देना चाहते हैं. हम ऐसी स्कीम सही समय पर लाना चाहते हैं, ताकि बड़े पैमाने पर निवेशकों के सही निवेश चक्र में पैसा लगाने का मौका मिले और साथ ही उनके निवेश को व्यापक और प्रासंगिक बनाया जा सके।"

निवेश के लिए बेहतर समय

मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के हेड-ईटीएफ प्रोडक्ट्स श्री सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने कहा कि नए फंड ऑफर ऐसे समय में आए हैं, जब वैल्यूएशन निवेशकों के लिए आकर्षक लग रहा है। वहीं अधिकांश देशों का इन तकनीक का उपयोग करने की दिशा में पर्याप्त झुकाव दिख रहा है।

मिरे एसेट ग्लोबल इलेक्ट्रिक एंड ऑटोनॉमस व्हीकल्स ईटीएफ फंड ऑफ फंड और मिरे एसेट ग्लोबल एक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड टेक्नोलॉजी ईटीएफ फंड ऑफ फंड निवेशकों के लिए रेगुलर प्लान और डायरेक्ट प्लान दोनों में उपलब्ध होगा। एनएफओ के बाद, न्यूनतम अतिरिक्त खरीद राशि 1000 रुपये और उसके बाद 1 रुपये के गुणक में निवेश किया जा सकता है।

रिटेल निवेशकों को थीम आधारित पैसिव इंडेक्स फंड में निवेश क्यों करना चाहिए?

सरलता, कम लागत और सक्रिय (एक्टिव) फंडों के लगातार घट रहे अल्फा (रिटर्न) की वजह से पैसिव (निष्क्रिय) इंडेक्स फंडों की लोकप्रियता बढ़ रही है.

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मार्च 2020 तक, 110 पैसिव फंडों और 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक एयूएम के साथ, निष्क्रिय फंडों की ग्रोथ काफी उत्साहवर्धक रही है.

बीते कई सालों में वैश्विक स्तर पर पैसिव इनवेस्टिंग विकसित हुई है. यह साधारण मार्केटकैप आधारित फंडों से भौगोलिक क्षेत्रों, बाजार सेगमेंट, बहुकारक फंडों और थीम आधारित फंडों जैसे कि प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, खपत आदि की दिशा में बढ़ रही है.

हालांकि, भारत में पैसिव निवेश काफी हद तक मार्केटकैप आधारित कारक तक ही सीमित है, जबकि काफी कम संख्या में पैसिव फंड गुणवत्ता और अस्थिरता जैसे अन्य कारकों पर आधारित हैं.

दरअसल, पैसिव फंडों को काफी हद तक पारंपारिक लार्जकैप फंडों के विकल्प के तौर पर देखा जाता है, जो निफ्टी आधारित इंडेक्स फंडों और ईटीएफ की ग्रोथ को बताता है.

हालांकि निवेशकों को पैसिव फंडों से परे अन्य विशेष श्रेणियों की तरफ भी देखना चाहिए. उन्हें विशेषतौर पर सक्रिय प्रबंधित थीमेटिक (विषयगत) फंडों की जगह पैसिव थीम आधारित इंडेक्स फंडों पर विचार करना चाहिए.

अगस्त 2020 तक इंडस्ट्री में 80 सक्रिय प्रबंधित थीम/सेक्टर आधारित फंड मौजूद थे, जिनका कुल एयूएम 54,000 करोड़ रुपये से अधिक है. यह 3 साल पहले के 37,000 करोड़ रुपये के एयूएम से अच्छी वृद्धि को दर्शाता है. हमारा मानना है कि थीम/सेक्टर आधारित फंडों में निवेश करते समय पैसिव निवेश का पक्ष कई वजहों से काफी मजबूत है.

सबसे पहले, सक्रिय थीम आधारित फंडों ने मध्यम से लंबी अवधि में अपने निर्धारित बेंचमार्क की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है. बैंकिंग और वित्त जैसी कई श्रेणियों में इसकी प्रदर्शन और भी निराश करता है. वास्तव में तीन साल के औसत रोलिंग रिटर्न के आधार पर ज्यादातर फंडों ने बेंचमार्क की तुलन में खराब रिटर्न दिया है.

यह आश्चर्यजनक नहीं है, क्योंकि फंड मैनेजरों के पास अल्फा रिटर्न उतपन्न करने के लिए गिनी-चुनी कंपनियों का छोटा सा संसार है और बड़ी संख्या में कंपनियां अच्छे से शोधित लार्जकैप कंपनियों दायरे में शामिल हो रही हैं. अल्फा रिटर्न देने के लिए इस तरह के फंडों के पोर्टफोलियो में औसतन 20-25 शेयर ही होती है, जो इन फंडों का जोखिम बढ़ाते हैं.

साथ ही, विषयगत इंडेक्स फंड स्वास्थ सेवा, खपत और वित्तीय सेवा जैसे क्षमता दर्शाने वाली थीम्स में निवेश का किफायती तरीका हो सकते हैं, जिनके पास लंबी अवधि में कोई अनुकूलता दिखा सकते हैं.

पैसिव निर्माण के जरिए इसी तरह की थीम/सेक्टर आदि शुद्ध 100 फीसदी निवेश किया जा सकता है. इसके विपरीत, सेबी के दिशानिर्देशों के अनुसार, सक्रिय प्रबंधित थीमेटिक फंडों में 20 फीसदी निवेश थीम से बाहर भी किया जा सकता है. सक्रिय फंड इस प्रावधान का बखूबी इस्तेमाल करते हैं.

अंत में, कई थीमेटिक फंड वैश्विक स्तर पर निवेश करते हैं, जिसके लिए गहन शोध और विशेषज्ञता की जरूरत होती है. यह ज्यादातर म्यूचुअल फंडों के लिए कठिन है क्योंकि भारत के बाहर न तो उनकी मौजूदगी है और न ही इस तरह के अनुसंधान के लिए समर्पित शोध टीम है.

इस समस्या को इंडेक्सिंग उन शेयरों में निवेश करके हल करता है जो पूर्व निर्धारित मानदंड के आधार पर इंडेक्स का हिस्सा होते हैं. यह बाजार को ही इस तरह के निवेश के लिए फंड मैनेजर बनाता है.

हमारा मानना है कि थीम में निवेश करना अपने आप में काफी सक्रिय एसेट आवंटन का फैसला है, जिसे साधारण थीम आधारित फंड में निवेश कर हासिल किया जा सकता है, जिसमें सक्रिय निवेश का मिला-जुला अनुभव है.

एक महत्वपूर्ण सवाल है कि थीमेटिक इंडेक्स फंडों में किसे निवेश करना चाहिए? यह श्रेणी उन निवेशकों के लिए हैं जो लंबी अवधि के लिए संरचनात्मक रूप से ठोस थीम्स में रणनीतिक आवंटन करना चाहते हैं.

इसके अलावा, जो निवेशक प्रदर्शन में बदलाव को पकड़ने के लिए समग्र आवंटन की तलाश कर रहे हैं. जैसे किसी सेक्टर में लंबे समय की कमजोरी के बाद वापस उछाल. वे इस श्रेणी को देख सकते हैं.

आज हम स्वास्थ सेवा का उदाहरण ले सकते हैं. बीते पांच साल में इस थीम ने कमजोर प्रदर्शन किया है और आने वाले समय में वाजिब तौर पर बढ़िया प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है और प्रदर्शन में उलटफेर अभी से ही नजर आ रहा है.

वैल्यूएशन किफायती है और लंबे समय में ग्रोथ के अवसर आकर्षक हैं. स्वास्थ के प्रति जागरूकता, बढ़ती जीवनशैली से जुड़ी बीमारी और उपचार के लिए नए इलाज जैसी कई अनुकूलताओं के चलते ऐसा संभव नजर आ रहा है.

ऐसे परिदृश्य में ऐसा एक हेल्थकेयर इंडेक्स फंड आदर्श होगा जो स्वास्थ्य सेवा कम लागत, स्वास्थ्य सेवा के विषय में अनपेक्षित प्रदर्शन प्रदान कर सके. इसमें वैश्विक निवेश भी शामिल है, जो सक्रिय फंडों में शामिल नहीं होता, मगर स्वास्थ्य सेवा जैसी थीम में काफी महत्वपूर्ण होता है, जिसमें अमेरिका जैसे बाजारों पर काफी शोध/खर्च होता है.

जाहिर तौर पर, थीम आधारित फंडों में अंतर्निहित जोखिम होते हैं, चाहे वे सक्रिय हों या निष्क्रिय. उनका सह-संबंध व्यापक बाजारों से नहीं होता, जिसका अर्थ है कि प्रदर्शन अलग दिशा में जा सकता है.

प्रदर्शन चक्रीय हो सकता है, जिसमें कोई दफा कम रिटर्न भी मिलता है. निवेशकों को या तो समझदारी के साथ उचित समय पर प्रवेश या निकासी करनी चाहिए या फिर लंबी अवधि के लिए रणनैतिक निवेश करना चाहिए, जिसमें वे धैर्य के साथ अस्थिरता को झेल सकें.

जैसा कि निष्क्रिय फंडों की यात्रा जारी है, थीम आधारित इंडेक्स फंड इस विकास की कहानी में एक और दिलचस्प आयाम जोड़ सकते हैं और निवेशक पोर्टफोलियो में एक और उपयोगी विकल्प हो सकते हैं.

(नोट: राधिका गुप्ता एडलवाइज एसेट मैनेजमेंट की एमडी और सीईओ हैं. इस लेख में दिए गए विचार उनके निजी हैं. ईटी मार्केट्स हिंदी का उनके विचारों के साथ सहमत होना अनिवार्य नहीं है.)

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क्या आप अपने अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टिंग दायित्वों को भूल गए हैं?

क्या आप अपने अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टिंग दायित्वों को भूल गए हैं?

जैसा एक और अमेरिकी आयकर दाखिल करने की समय सीमा बीत जाती है, आप यहां आ सकते हैं विषयगत निवेश क्या है? यह अहसास कि आपके टैक्स रिटर्न में कई आवश्यक अमेरिकी फॉर्म शामिल नहीं थे अंतरराष्ट्रीय निवेश और परिसंपत्तियों से जुड़े: पुर्तगाली बैंक और निवेश खाते। पुर्तगाली व्यवसाय के हित। निवेश या स्थानान्तरण गैर-अमेरिकी निवेशों में। सौभाग्य से, IRS कुछ विशेष प्रदान करता है अमेरिकी व्यक्तियों के लिए प्रकटीकरण कार्यक्रम इस बात पर निर्भर करते हैं कि वे रहते हैं या नहीं यूएस

वन के अंदर ऐसा कार्यक्रम ऑफशोर स्ट्रीमलाइंड प्रोग्राम है। एक अमेरिकी व्यक्ति जिसने अभी तक नहीं किया है आईआरएस द्वारा संपर्क किया गया या ऑडिट किया गया हो, स्वेच्छा से खुद को प्रस्तुत कर सकता है यह सरलीकृत कार्यक्रम। समय की शुरुआत में वापस जाने के बजाय, यह कार्यक्रम के लिए केवल यह आवश्यक है कि अमेरिकी व्यक्ति पिछले तीन वर्षों के लिए प्रस्तुत करे आयकर रिटर्न (यह मानते हुए कि यह 15 अप्रैल, 2022 के बाद किया गया है, यह होगा कैलेंडर वर्ष (2021, 2020, और 2019) और FBar के पिछले छह वर्षों के लिए (2016-2021)। इस सबमिशन के हिस्से के रूप में, अमेरिकी व्यक्ति को समझाने की जरूरत है उन्हें क्यों लगता है कि उन्हें बिना किसी दंड के योग्य होना चाहिए। आम तौर पर, ऐसा “उचित कारण” रक्षा कर से प्राप्त बुरी सलाह पर आधारित है पेशेवर, लेकिन यह उन स्थितियों में भी उत्पन्न हो सकता है जहां अमेरिकी व्यक्ति चले गए जन्म के तुरंत बाद अमेरिका, जबकि एक बच्चा, बस बाहर पैदा हुआ था अमेरिका से किसी भी संबंध के बिना अमेरिका का अमेरिका से कोई संबंध नहीं है चूंकि, और यह जानने का कोई तरीका नहीं था कि उनके पास अमेरिकी फाइलिंग दायित्व था। वहां हाल ही में कई मामले सामने आए हैं, कुछ परस्पर विरोधी हैं, जैसे कि क्या होता है उचित कारण और संबंधित दंड की गणना कैसे करें। स्पष्टीकरण इस प्रक्रिया के माध्यम से आईआरएस को प्रस्तुत करना बहुत महत्वपूर्ण है और इसका न्याय किया जाएगा, कुछ हद तक, विषयगत रूप से। इस प्रकार, यदि आईआरएस में व्यक्ति स्पष्टीकरण पढ़ना इसे पसंद नहीं करता है, वे बस उपयोग को अयोग्य घोषित कर सकते हैं इस विशेष प्रकटीकरण कार्यक्रम के बारे में और अमेरिकी व्यक्ति को इससे गुजरने की आवश्यकता है नियमित प्रशासनिक कर जमा करने की प्रक्रिया, जो बहुत लंबी हो सकती है।

कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या वे अपनी अमेरिकी नागरिकता को छोड़ सकते हैं और बच सकते हैं यह पूरी गड़बड़ी। इस विषयगत निवेश क्या है? दृष्टिकोण के साथ दो मुख्य समस्याएं हैं। सबसे पहले, IRS यह प्रदर्शित किया है कि यह ऐसे व्यक्ति को फ्रीज करने में सक्षम है गैर-अमेरिकी खाते अगर उसे कर चोरी या कुछ हद तक जानबूझकर किए जाने का संदेह है गैर-अनुपालन। दूसरा, IRS ऐसे पर निकास कर लगा सकता है व्यक्तियों। आमतौर पर, एग्जिट टैक्स केवल तभी लागू होता है जब किसी व्यक्ति का ग्लोबल नेट हो मूल्य $2 मिलियन अमरीकी डालर से अधिक है, लेकिन यह तब भी लागू होता है जब कोई व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता सकारात्मक रूप से घोषणा करें कि वे पिछले पांच के अनुरूप रहे हैं अमेरिकी टैक्स फाइलिंग के वर्ष। यदि निकास कर लगाया जाता है, तो यह अनिवार्य रूप से उस व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार करता है जैसे कि उन्होंने अपनी पूरी वैश्विक संपत्ति को नष्ट कर दिया हो, जिससे कुछ निश्चित सीमाओं से अधिक, कुल लाभ पर कर लगाना। आगे, ऐसा व्यक्ति भविष्य में अन्य अमेरिकी व्यक्तियों को कभी भी संपत्ति उपहार में नहीं दे सकता है ऐसे अमेरिकी व्यक्तियों को लगभग 40% के उपहार कर के अधीन करना।

अगर आप कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे आपके कर अनुपालन में सुधार करने की आवश्यकता है, आपको संभवतः इसकी आवश्यकता होगी अपने को समझने के लिए (1) एक वकील और CPA के साथ काम करें समग्र स्वामित्व संरचना, यह देखते हुए कि अमेरिका के बारे में निर्धारण संस्थाओं और ट्रस्टों के साथ व्यवहार करने की आवश्यकता होगी; (2) अपनी वार्षिक पहचान करें आपकी समग्र स्वामित्व संरचना के आधार पर दायित्व दाखिल करना; (3) अपनी पहचान करें छूटी हुई और अधूरी फाइलिंग, उनके संभावित जोखिम और दंड के साथ; (4) समाधानों की पहचान करें - पसंदीदा प्रकार की रिपोर्टिंग या प्रकटीकरण कार्यक्रम के साथ IRS; और (5) आपके अनुपालन को सुधारने के लिए चुने गए समाधान में संलग्न हैं। मेक सुनिश्चित करें कि आप ऐसे पेशेवरों को शामिल करते हैं जिनके साथ काम करने का पर्याप्त अनुभव है बहुराष्ट्रीय परिवार और उनकी कर संबंधी जरूरतें।

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