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क्या होता है हॉर्स ट्रेडिंग का मतलब, सियासत में क्‍या मायने? हिमाचल में कांग्रेस को भी डर

राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाती है. वैसे इस पूरे मामले में घोड़ों को खरीदने और बेचने की बात तो कहीं भी नहीं आती, फिर भी हॉर्स ट्रेडिंग शब्द का इस्तेमाल क्यों किया जाता है. ऐसे में आज हम आपको ये ही बताने जा रहे हैं कि आखिर ये हॉर्स ट्रेडिंग क्या है, इसका इतिहास क्या है और भारतीय राजनीति में उथल-पुथल के दौर में इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है और इस हॉर्स ट्रेडिंग की पूरी कहानी क्या है. (what is horse trading) (Himachal Pradesh Election 2022)

डेस्क रिपोर्ट: हॉर्स ट्रेडिंग. ये वो शब्द है जिसे आपने पिछले कुछ दिनों में कहीं न कहीं जरूर सुना या पढ़ा होगा. अखबार में किसी खबर के हेडलाइन में पढ़ा भी होगा. पिछले कुछ दिनों में हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले ही कांग्रेस को अपने MLA की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग ) का डर सताने लगा है. इसलिए उसने अभी से अपने विधायकों को बाड़ेबंदी में ले जाने का प्लान तैयार कर लिया है. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे मुकेश अग्निहोत्री और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू वगैरह इस पर दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मीटिंग कर चुके हैं. ऐसे में इस शब्द का उपयोग बढ़ गया है. लेकिन इसका मतलब क्या होता है और राजनीति से इसका आखिर क्या लेना-देना है. यहां समझिए. (what is horse trading) (Himachal Pradesh Election 2022)

आखिर इसका मतलब क्या है?: दरअसल, हॉर्स ट्रेडिंग का मतलब 'घोड़ों की बिक्री' से है. असल ट्रेडिंग विचार में इस शब्द की शुरुआत कैंम्ब्रिज डिक्शनरी से हुई थी. करीब 18वीं शताब्दी में इस ट्रेडिंग विचार शब्द का इस्तेमाल घोड़ों की बिक्री के दौरान व्यापारी करने लगे, लेकिन इसके साथ किस्से जुड़े कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जाने लगे.18वीं शताब्दी की शुरुआत यानी 1820 के करीब जब घोड़ों के व्यापारी अच्छी नस्ल के घोड़ों की खरीद-फरोक्त करते थे और कुछ अच्छा पाने के लिए किसी तरह के जुगाड़ या चालाकी के लिए जो तकनीक अपनाते थे, उसे ही हॉर्स ट्रेडिंग कहा गया. बताया जाता है कि इस दौरान व्यापारी अपने घोड़ों की कहीं पर छुपा देते थे, कहीं पर बांध देते थे या फिर किसी और अस्तबल में पहुंचा देते थे. फिर अपनी चालाकी, पैसों के लेन-देन के दमपर सौदा किया जाता था. (History of Horse Trading) (horse trading in himachal) (Horse Trading In Politics)

इसके अलावा पुराने जमाने में जब भारत के व्यापारी अपने कारिंदों को अरब देश में घोड़े खरीदने के लिए भेजते थे. तो ट्रेडिंग विचार वापस आते वक्त कुछ घोड़े मर जाते थे, लेकिन अपने मालिकों को संतुष्ट करने के लिए वो घोड़ों की पूंछ दिखाकर ही गिनती पूरी कर लिया करते थे. यानी 100 घोड़े खरीदे, तो 90 दिखाए बाकी 10 की पूंछे दिखाकर कहा कि वो तो मर गए. मालिक यकीन कर लेते थे. तो बाद में कारिंदों ने 100 के पैसे लेना शुरू किया और सिर्फ 90 ही घोड़े खरीदे. मतलब 10 घोड़ों का फायदा उठाना शुरू कर दिया. इसे भी हॉर्स ट्रेडिंग के किस्सों से जोड़ा गया.

राजनीति में हॉर्स ट्रेडिंग क्या है?: यूं तो राजनीति में इस शब्द का कोई औचित्य नहीं होता है, लेकिन पिछले कुछ समय में ट्रेडिंग विचार इसका इस्तेमाल बढ़ा है. जब राजनीति में नेता दल बदलते हैं, या फिर किसी चालाकी के कारण कुछ ऐसा खेल रचा जाता है कि दूसरी पार्टी के नेता आपका समर्थन कर दें तब राजनीति में इसे हॉर्स ट्रेडिंग कहा जाता है. भारत में इसे दल-बदलना, दल-बदलू भी कहते हैं. इसको लेकर अपने देश में कानून भी है.

क्या कहता है एंटी डिफेक्शन लॉ (दल-बदल निषेध कानून)?

अनुसूची के दूसरे पैराग्राफ में एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत अयोग्य करार दिए जाने का आधार स्पष्ट किया गया है.

  1. यदि कोई विधायक स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता त्याग दे.
  2. अगर वह पार्टी द्वारा जारी किए गए निर्देश के खिलाफ जाकर वोट करे या फिर वोटिंग से दूर रहे.
  3. निर्दलीय उम्मीदवार अयोग्य करार दे दिए जाएंगे अगर वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो जाएं.

एक पार्टी का विलय दूसरी पार्टी में हो सकता है, लेकिन इसके लिए कम से कम पार्टी के दो-तिहाई विधायकों का वोट जरूरी है.

कांग्रेस के कई नेता जता चुके खरीद-फरोख्त की शंका: हिमाचल कांग्रेस के कई नेता बीते एक सप्ताह के दौरान खरीद-फरोख्त की अंदेशा जता चुके हैं. अन्य प्रदेशों के अनुभव को देखते सियासी गलियारों में भी यह चर्चा आम है कि यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाता है और कुछ निर्दलीय जीतकर आते हैं, तो उस सूरत कांग्रेस सरकार बनाने से चूक सकती है. ऐसे में भाजपा के सरकार बनाने के ज्यादा चांस रहेंगे. कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत जरूरी माना जा रहा है.

Muhurat Trading Time: दिवाली पर आज एक घंटे होगी मुहूर्त ट्रेडिंग, यहां चेक करें पूरा टाइमटेबल

Muhurat Trading Time: शेयर बाजार में ट्रेडिंग विचार दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा 50 वर्ष पुरानी है। दीपावली के दिन से निवेश की ट्रेडिंग विचार शुरुआत को शुभ माना जाता है। निवेशक मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन निवेश अधिक करते हैं। इस बार का मुहूर्त ट्रेडिंग खास है।

Muhurat Trading Time: दिवाली पर आज एक घंटे होगी मुहूर्त ट्रेडिंग, यहां चेक करें पूरा टाइमटेबल

Muhurat Trading Time: आज देशभर में दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। इस खास पर्व पर लोग देवी लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करते हैं। यह कामना करते हैं कि उनके घर पर सुख और समृद्धि बनी रहें। दीपावली का त्योहार शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बहुत शुभ होता है। हालांकि इस दिन शेयर मार्केट बंद ट्रेडिंग विचार रहता है, लेकिन शाम को लक्ष्मी पूजन के बाद एक घंटे के लिए दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग होती है। एक घंटे में शेयर बाजार में निवेशक पैसा लगाते हैं और निवेश की शुरुआत करते हैं।

मुहूर्त ट्रेडिंग को माना जाता है शुभ

शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा काफी पुरानी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दीपावली के दिन से निवेश की शुरुआत को शुभ माना जाता है। निवेशक मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन निवेश अधिक करते हैं। इस बार का मुहूर्त ट्रेडिंग खास है। इस साल धनतेरस शनिवार और रविवार को मनाया गया। ऐसे में निवेशक इस दिन इन्वेस्टमेंट नहीं कर सके हैं।

शेयर बाजार में चमक की उम्मीद

दीपावली के दिन 1 घंटे में शेयर मार्केट में जबरदस्त चमक रहने की उम्मीद है। मुहूर्त ट्रेडिंग के शुरुआत से पहले शेयर बाजार में भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके बाद मुहूर्त ट्रेडिंग को शुरू किया जाता है। उम्मीद है कि इस ट्रेडिंग में सेंसेक्स 60 हजार के पार जाएगा।

Option Trading- ऑप्शन ट्रेडिंग

ऑप्शन ट्रेडिंग
ऑप्शन ट्रेडिंग (Option Trading) एक कॉन्ट्रैक्ट है जो किसी विक्रेता द्वारा लिखा जाता है जो खरीदार को अधिकार देता है लेकिन भविष्य में विशिष्ट प्राइस (स्ट्राइक प्राइस/एक्सरसाइज प्राइस) पर किसी विशेष एसेट को खरीदने (एक कॉल ऑप्शन के लिए) या बेचने (एक पुट ऑप्शन के लिए) का दायित्व नहीं देता। ऑप्शन की मंजूरी देने के बदले में विक्रेता, खरीदार से एक भुगतान (एक प्रीमियम के रूप में) संग्रहित करता है।

एक्सचेंज ट्रेडेड ऑप्शंस की उपयोगिता
एक्सचेंज ट्रेडेड ऑप्शंस, ऑप्शंस के एक महत्वपूर्ण वर्ग हैं जिनके मानकीकृत कॉन्ट्रैक्ट फीचर्स होते हैं और पब्लिक एक्सचेंजों पर ट्रेड करते हैं जिससे निवेशकों को सुविधा होती है। ये इंस्ट्रूमेंट क्लियरिंग कॉरपोरेशन द्वारा गारंटीड निपटान प्रदान करते हैं जिससे काउंटरपार्टी जोखिम में कमी आती है। ऑप्शंस का उपयोग हेज के लिए, मार्केट के भविष्य की दिशा का अनुमान लगाने के लिए, आर्बिट्रेज के लिए या ट्रेडिंग विचार कार्यनीतियों को कार्यान्वित करने के लिए जिससे ट्रेडरों के लिए आय सृजित करने में मदद मिलती है, किया जा सकता है।

इंडेक्स ऑप्शंस क्या होते हैं?
ये ऐसे ऑप्शंस होते हैं, जिनमें अंडरलाइंग के रूप में इंडेक्स होता है। भारत में, रेगुलेटरों ने निपटान की यूरोपीय शैली को अधिकृत किया है। ऐसे ऑप्शंस के उदाहरणों में निफ्टी ऑप्शंस, बैंक निफ्टी ऑप्शंस आदि शामिल हैं ।

क्या होते हैं स्टॉक ऑप्शंस?
ये इंडीविजुअल स्टॉक पर ऑप्शंस होते हैं। कॉन्ट्रैक्ट धारक को विशिष्ट ट्रेडिंग विचार कीमत पर अंडरलाइंग शेयरों को खरीदने या बेचने का अधिकार देता है। रेगुलेटरों ने ऐसे ऑप्शंस के लिए निपटान की अमेरिकी शैली को भी अधिकृत किया है।

Muhurat Trading Time: दिवाली पर आज एक घंटे होगी मुहूर्त ट्रेडिंग, यहां चेक करें पूरा टाइमटेबल

Muhurat Trading Time: शेयर बाजार में दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा 50 वर्ष पुरानी है। दीपावली के दिन से निवेश की शुरुआत को शुभ माना जाता है। निवेशक मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन निवेश अधिक करते हैं। इस बार का मुहूर्त ट्रेडिंग खास है।

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Muhurat Trading Time: आज देशभर में दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। इस खास पर्व पर लोग देवी लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करते हैं। यह ट्रेडिंग विचार कामना करते हैं कि उनके घर पर सुख और समृद्धि बनी रहें। दीपावली का त्योहार शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बहुत शुभ होता है। हालांकि इस दिन शेयर मार्केट बंद रहता है, लेकिन शाम को लक्ष्मी पूजन के बाद एक घंटे के लिए दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग होती है। एक घंटे में शेयर बाजार में निवेशक पैसा लगाते हैं और निवेश की शुरुआत करते हैं।

मुहूर्त ट्रेडिंग को माना जाता है शुभ

शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा काफी पुरानी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दीपावली के दिन से निवेश की शुरुआत को शुभ माना जाता है। निवेशक मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन निवेश अधिक करते हैं। इस बार का मुहूर्त ट्रेडिंग खास है। इस साल धनतेरस शनिवार और रविवार को मनाया गया। ऐसे में निवेशक इस दिन इन्वेस्टमेंट नहीं कर सके हैं।

शेयर बाजार में चमक की उम्मीद

दीपावली के दिन 1 घंटे में शेयर मार्केट में जबरदस्त चमक रहने की उम्मीद है। मुहूर्त ट्रेडिंग के शुरुआत से पहले शेयर बाजार में भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके बाद मुहूर्त ट्रेडिंग ट्रेडिंग विचार को शुरू किया जाता है। उम्मीद है कि इस ट्रेडिंग में सेंसेक्स 60 हजार के पार जाएगा।

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