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डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें

डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें
LIC IPO to open on 4th May

JNU Times

धनतेरस 2022 पर खरीदें इन शुभ वस्तुओं में से एक समान लक्ष्मी जी की कृपा आप पर छप्पर फाड़कर होगी

माना जाता है की समुंद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान धनवंतरि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए भारतीय हिंदू संस्कृति में इस दिन बर्तन और शुभ वस्तुएं खरीदने की परंपरा चलती आ रही है।

धनतेरस को समान क्यों खरीदना चाहिए क्या है इसके पीछे का रहस्य

  • धनतेरस के दिन अगर आप कोई सामान खरीदते है तो उसका 13 गुना आपको वापस किसी न किसी रूप में वापस मिलता है।
  • इस दिन चांदी और किचेन के बर्तन और झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है और डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें इनके अलावा भी कुछ वस्तुएं है जिन्हे आप हमेशा छोड़ देते होंगे लेकिन आज हम इस लेख में उन वस्तुओं के बारे में ही बताएंगे।

धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?

चांदी का सिक्का

धनतेरस के दिन चांदी का सिक्का खरीदना बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है और हर राशि के लोग इसे खरीद सकते है इसलिए आपको एमेजॉन से ऑनलाइन ये गणेश जी और लक्ष्मी जी प्रिंट वाला चांदी डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें का सिक्का खरीद लेना चाहिए।

दीपावली के समय सभी हिंदू घरों में साफ सफाई की जाती है जिसके कारण धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है।

Shares या Stocks

सबसे पहले तो अगर आपके पास आज के डिजिटल भारत में भी डीमैट अकाउंट नही है तो आप बहुत पीछे है तो उसके लिए आपको डीमैट अकाउंट इस धनतेरस या उससे पहले जरूर खुलवा लेना चाहिए।

मिट्टी के दिए

धनतेरस के दिन मिट्टी के दिए लाने से माना जाता है की घर में लक्ष्मी का वास होता है आप इन्हे ऑनलाइन भी मंगवा सकते है।

नए कपड़े

इस दिन नए कपड़े लाना भी लाभकर माना जाता है और पूरे साल आप कभी कपड़े भले ही ना लाएं आपके पास दीवाली के लिए नए कपड़े होने चाहिए।

रसोई के बर्तन

रसोई के बर्तन वैसे तो जरूरत पड़े जब खरीद लेने चाहिए लेकिन उससे पहले भी आपको धनतेरस पर बर्तन जरूर खरीदना चाहिए।

LIC IPO: इस तरह कर सकते हैं आईपीओ में निवेश, जान लें रिस्क से जुड़ी ये जरूरी बातें

LIC IPO: पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, लाइफ इंश्योरेंस कार्पोरेशन (LIC) का IPO 4 मई से खुलेगा और आईपीओ के लिए बोली 9 मई तक चलेगी.

LIC IPO to open on 4th May

LIC IPO to open on 4th May

  • नई दिल्ली ,
  • 26 अप्रैल 2022,
  • (Updated 26 अप्रैल 2022, 10:46 AM IST)

4 मई को खुलेगा LIC का IPO

9 मई तक लगाई जाएगी बोली

पिछले काफी समय से भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की तैयारी चल रही हैं. इसके लिए भारत सरकार नें 13 फरवरी को ही ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) दाखिल कर दिया था. यह देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है.

LIC के IPO आने की घोषणा के बाद से ही लोग इसका इंतजार कर रहे हैं. और अब यह इंतजार खत्म होने वाला है. क्योंकि सोमवार को हुई कंपनी की बोर्ड मीटिंग के बाद जानकारी दी गई है कि LIC का IPO 4 मई 2020 को आएगा. जिसमें कोई भी निवेश कर सकता है.

कैसे करें IPO में निवेश

अब सवाल है कि कोई व्यक्ति IPO में कैसे निवेश कर सकता है. अगर आप शेयर मार्किट में इंवेस्ट करते हैं तो आपको कोई परेशानी नहीं होगी. क्योंकि इसमें भी आप LIC के शेयर्स के लिए ही इंवेस्ट करेंगे. हालांकि, पहली बार यह करने वालों के लिए भी प्रक्रिया डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें आसान है.

सबसे पहले आपको अपना डीमैट या ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होगा. इसके लिए आप ऑनलाइन ब्रोकरेज जैसे एचडीएफसी सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई डायरेक्ट और एक्सिस डायरेक्ट आदि में अकाउंट खोल सकते हैं.

इसके बाद आप अपने हिसाब से जिस कंपनी में निवेश करना चाहते हैं उसमें आवेदन करें. इंवेस्टमेंट के लिए आपके डीमैट अकाउंट से लिंक्ड बैंक अकाउंट में पर्याप्त धनराशि होनी चाहिए. जब आपको शेयर मिल जाएंगे तब आपके अकाउंट से पैसे कटेंगे.

हालांकि, IPO में आप अपनी मनमर्जी से शेयर नहीं खरीद सकते हैं. क्योंकि कंपनी का IPO आने से पहले 3 से 5 दिन तक का एक समय निश्चित किया जाता है. इसी अवधि में कंपनी का IPO ओपन रहता है. यहां आपको कंपनी के तय किए डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें लॉट में शेयर खरीदने होंगे. ये लॉट शेयर की कीमत के हिसाब से होता है.

इन बातों को रखें ख्याल

यह बात सब जानते हैं कि भारत सरकार LIC कंपनी में अपनी 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है. कंपनी के कर्मचारियों और पॉलिसीहोल्डर्स को खास कोटा दिया जाएगा. ऐसे में अगर आप पॉलिसीहोल्डर हैं और IPO में निवेश करना चाहते हैं तो आपकी पॉलिसी आपके पैन कार्ड से लिंक होनी चाहिए.

म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट कैसे करे – आसान हिन्दी में बेहतरीन आर्टिकल्स की एक शुरुआती गाइड

म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट हर एक इन्वेस्टर के बीच काफ़ी लोकप्रिय हैं । जिसका कारण है इससे मिलने वाले फायदे। इसके कईं फायदों में से कुछ सबसे महत्वपूर्ण फ़ायदे नीचे दिए हैं, जो इन्वेस्टर्स को अपनी ओर खींचते है और जिसकी वजह से –

  • इन्वेस्टर्स कितनी भी राशि के साथ शुरुआत कर सकते हैं ( 500 जितना कम भी )
  • इन्वेस्टर्स, अलग-अलग स्टॉक्स और डेट,गोल्ड जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं
  • हर महीने ऑटोमेटेड इन्वेस्मेंट्स शुरू कर सकते हैं (SIP)
  • डीमैट अकाउंट खोले बिना भी इन्वेस्ट कर सकते हैं

शुरुआती इन्वेस्टर्स के लिए इस म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट गाइड में हमने कुछ आर्टिकल्स को आपके लिए चुना है। जो म्युचुअल फंड को समझने में और कैसे इन्वेस्ट करना शुरू करें, इसमें आपकी मदद करेंगे। हम सुझाव देंगे कि आप इस पेज को बुकमार्क कर लें ताकि आप इन आर्टिकल्स को अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी पढ़ सकें।

1.म्युचुअल फंड्स की जानकारी

अगर आप म्युचुअल फंड्स और उसके प्रकारों के बारे में पहले से जानते हैं, तो आप सीधे अगले सेक्शन पर जा सकते है । ये 5 आर्टिकल्स, म्युचुअल फंड्स और उसके प्रकारों के बारे में सारी ज़रूरी जानकारी देंगे । हम टैक्स सेविंग फंड्स पर भी एक विशेष आर्टिकल दे रहे हैं।

    और ये कैसे काम करते हैं?
  • म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करना बनाम डायरेक्ट इक्विटी
  • . म्युचुअल फंड्स के फायदे और नुकसान
  • टैक्स सेविंग(ईएलएसएस) फंड्स

2.म्युचुअल फंड्स का एक पोर्टफ़ोलियो बनाना

म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें का सही तरीका है – सबसे पहले इसका पोर्टफोलियो बनाना । एक पोर्टफोलियो, म्युचुअल फंड का एक समूह होता है। यह आपको अपने इन्वेस्टमेंट के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा। आपका सारा रिटर्न् आपके पूरे पोर्टफोलियो पर टिका होता है, ना कि किसी एक विशेष फंड पर। इस सेक्शन में, हम यह सीखेंगे कि म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो कैसे तैयार किया जाता है।

  • पोर्टफोलियो इन्वेस्टिंग क्या है कैसे तैयार किया जाए
  • अपने पोर्टफोलियो के लिए सही म्युचुअल फंड चुनना
  • म्युचुअल फंड को कब बेचें

3.म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करना

कईं शुरुआती इन्वेस्टर्स म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने की प्रक्रिया को मुश्किल मानकर उसमें इन्वेस्ट करने से कतराते हैं। ये आर्टिकल्स ऐसे ही शुरुआती इन्वेस्टर्स को म्युचुअल फंड को समझने में और इन्वेस्टमेंट शुरू करने में मदद करेंगे।

    और ये म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने के लिए ज़रूरी क्यों है (SIP) के द्वारा इन्वेस्ट करना

4.कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियाँ

म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करते समय कुछ ज़रूरी बातें है, जिनकी जानकारी हर शुरुआती इन्वेस्टर को होनी चाहिए । इन बातों को समझे बिना इन्वेस्ट करने से, रिटर्न्स पर काफ़ी बुरा असर पड़ सकता है।

  • म्युचुअल फंड्स पर टैक्स
  • म्युचुअल फंड्स से पैसे निकालने पर एग्ज़िट लोड
  • म्युचुअल फंड्स का एक्सपेंस रेशो
  • इन्वेस्टमेंट से जुड़ी डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें भाषा की जानकारी

जहाँ म्युचुअल फंड्स की बात आती है वहाँ आमतौर पर लिस्ट में दिए गए इन शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है । हालाँकि शुरुआती इन्वेस्टर्स को इन सभी शब्दों को याद रखने की ज़रूरत नहीं है, आप किसी भी शब्द को सीखने के लिए, ग्लोसरी (डिक्शनरी) के तौर पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

30 सितंबर तक पूरा करें Demat Account से जुड़ा ये जरूरी काम, वरना नहीं कर पाएंगे शेयरों की खरीदी-बिक्री

1 अक्टूबर से डीमैट अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी

Demat Account: डीमैट अकाउंट होल्डर्स को 30 सितंबर तक टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन की प्रोसेस को पूरा करना होगा वरना आप डीमैट खा . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : September 18, 2022, 10:00 IST

हाइलाइट्स

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के लिए NSE ने जून में जारी किया था सर्कुलर
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन में फिंगरप्रिंट, चेहरे या आवाज की पहचान का उपयोग
सभी स्टॉक ब्रोकर्स ने अपने क्लाइंट्स को सूचना देना शुरू किया

नई दिल्ली. अगर आप शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. दरअसल डीमैट अकाउंट होल्डर्स को 30 सितंबर तक टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन की प्रोसेस को पूरा करना होगा वरना आप डीमैट खाते में लॉग इन नहीं कर पाएंगे. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने जून में इस बारे में सर्कुलर जारी किया था. इसके अनुसार मेंबर्स को अपने डीमैट अकाउंट में लॉगिन करने के लिए एक ऑथेंटिकेशन फैक्टर के तौर पर बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन का उपयोग करना होगा. वहीं दूसरा ऑथेंटिकेशन नॉलेज फैक्टर हो सकता है.

बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन में फिंगरप्रिंट स्कैनिंग, चेहरे की पहचान या आवाज की पहचान का उपयोग किया जाता है. जबकि नॉलेज फैक्टर में पासवर्ड, पिन या कोई पजेशन फैक्टर हो सकता है जिनकी जानकारी सिर्फ यूजर को होती है. क्लाइंट्स को SMS और ई-मेल दोनों के जरिए ओटीपी हासिल करना होगा.

NSE ने जून में जारी किया सर्कुलर
एनएसई ने अपने सर्कुलर में कहा है कि अगर किसी वजह से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन संभव न हो तो यूजर्स को नॉलेज फैक्टर का इस्तेमाल करना होगा. जिसमें पासवर्ड/पिन, पजेशन फैक्टर और यूजर आईडी हो सकता है. इसका इस्तेमाल टू-फेस ऑथेंटिकेशन के तौर पर करना चाहिए. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर स्टॉक ब्रोकर्स सेकेंड ऑथेंटिकेशन फैक्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसमें पासवर्ड शामिल नहीं है.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने इस बारे में सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के 2018 के सर्कुलर का हवाला दिया है. दरअसल साइबर सिक्योरिटी से जुड़े इस सर्कुलर में ऑथेंटिकेशन फैक्टर्स के बारे में इस तरह का डीमैट अकाउंट कहां ओपन करें अंतर बताया है. इसलिए एनएसई ने लॉग इन के लिए 30 सितंबर से टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को जरूरी बना दिया गया है.

सभी स्टॉक ब्रोकर ने इस बारे में अपने क्लाइंट्स को सूचना देना शुरू कर दिया है. जिरोधा ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि एक्सचेंज के नए रेग्युलेशंस के अनुसार, 30 सितंबर से पहले डीमैट अकाउंट में लॉग इन के लिए ओटीपी टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी है. ऐसा नहीं होने पर ग्राहक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे.

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