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निवेश रणनीति

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Fund Ka Funda: आज इस निवेश रणनीति से सुधरेगी आपकी वित्तीय सेहत, जानें काम के टिप्स

Fund Ka Funda: यहां पर आपको बताया जाएगा कि आपके पैसे की जिम्मेदारी आपसे बेहतर कोई नहीं जान सकता है. पैसा आपका है और फंड आपका है, लिहाजा फंड भी आपका ही होना चाहिए.

By: ABP Live | Updated at : 19 Jul 2022 02:41 PM (IST)

Edited By: Meenakshi

Fund Ka Funda: फंड का फंडा में हम आपको हर बार बताते हैं वित्तीय बाजार से जुड़ी ऐसी बारीकियां जो आपके ट्रेडिंग और निवेश के लिए बेहद काम आ सकती हैं. यहां आपको शेयर बाजार से लेकर निवेश, म्यूचुअल फंड, बचत और कई आर्थिक पहलुओं पर वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेंद्र कुमार की एक्सपर्ट सलाह मिलेगी जिसे अपनाकर आप अपने वित्तीय प्रबंधन को अधिक कुशलता से संभाल सकेंगे.

यहां पर आपको बताया जाएगा कि आपके पैसे की जिम्मेदारी आपसे बेहतर कोई नहीं जान सकता है. पैसा आपका है और फंड आपका है, लिहाजा फंड भी निवेश रणनीति आपका ही होना चाहिए. पैसा बनाना एक मुश्किल काम है और पैसे से पैसा बनाना आपको जितना जल्दी हो सीख लेना चाहिए.

निवेश रणनीति कैसे बनाएं

वैल्यू रिसर्च के धीरेंद्र कुमार का कहना है कि अगर आप पैसा लगाने जा रहे हैं और कोई सलाहकार आपको वित्तीय बाजार में निवेश के जरिए चमत्कार के सपने दिखा रहा है तो इसे खतरे का संकेत मानें. बाजार में पैसा लगाने से पहले आप दूसरों की सलाह अवश्य ले सकते हैं पर पैसा आपका है तो फैसला भी आपका ही होना चाहिए.

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धीरेंद्र कुमार की दूसरी सलाह ये है कि अपने पैसे को निवेश करने से बाजार की थोड़ी स्टडी अवश्य कर लेनी चाहिए. ये नहीं होना चाहिए कि किसी ने कहा और आपने सिर्फ उसकी सलाह पर शेयरों, म्यूचुअल फंड या अन्य इंवेस्टमेंट विकल्पों में पैसा लगा दिया. थोड़ा खुद भी मेहनत करें क्योंकि आखिरकार पैसा आपका है और इसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी भी पूरी तरह आपकी है.

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Published at : 19 Jul 2022 02:41 PM (IST) Tags: Investment Stock Market shares Savings Fund Ka Funda हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

मौजूदा निवेश रणनीति से अगले दो दशक तक जारी रह सकती है 8% की तेज ग्रोथ: रेल मंत्री

केंद्रीय मंत्री के अनुसार इस तेज ग्रोथ से हर साल 1 से 1.5 करोड़ नये रोजगार दिये जा सकेंगे औरहर साल 3 से साढ़े 3 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला जा सकेगा.

मौजूदा निवेश रणनीति से अगले दो दशक तक जारी रह सकती है 8% की तेज ग्रोथ: रेल मंत्री

TV9 Bharatvarsh | Edited By: सौरभ शर्मा

Updated on: Mar 26, 2022 | 7:13 PM

सरकार की मौजूदा पूंजी निवेश रणनीति से भारत की अर्थव्यवस्था (Economy) अगले दो दशक में लगातार 8 प्रतिशत की ग्रोथ (GDP Growth) बनाए रख सकती है. ये भरोसा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जताया है. केन्द्रीय मंत्री के मुताबिक सरकार की पूंजी निवेश (capital investment) रणनीति से विकास दर को न केवल निरंतरता के साथ रफ्तार दी जा सकेगी साथ ही इसकी मदद से हर साल 1.5 करोड़ नौकरियां मिलेंगी और 3.5 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से बाहर निकाला जा सकेगा. रेल मंत्री ने ये बात एसोचैम की सालाना बैठक में कही. उन्होने कहा कि सरकार ने बजट में अगले 5 साल के लिये कैपिटल इनवेस्टमेंट का स्तर जीडीपी के 27 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है.

निवेश बढ़ने से तेज होगी ग्रोथ

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अगर हम कैपिटल इनवेस्टमेंट की रणनीति को अगले 5 से 6 साल और जारी रखते हैं तो हम अगले 20 सालों में 8 प्रतिशत की निरंतर ग्रोथ हासिल कर सकते हैं. इस ग्रोथ का मतलब होगा कि हम हर साल 1 से 1.5 करोड़ नये रोजगार दे सकेंगे और साथ ही हर साल 3 से साढ़े 3 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला जा सकेगा. इस रणनीति की मदद से हम अपने समाज में काफी बड़ा बदलाव ला सकेंगे. मंत्री ने कहा कि काफी समय से हम खपत आधारित अर्थव्यवस्था रहे हैं और अब प्रधानमंत्री ने कई बड़े अर्थशास्त्रियों की अनिच्छा के बावजूद पूंजी निवेश बढ़ाने का रास्ता अपनाया है. केन्द्रीय मंत्री के मुताबिक कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं बड़े अर्थशास्त्रियों की सलाहों पर चल रही थीं और अब वो बुरी स्थिति में हैं. हालांकि देश की सरकार ने अब निवेश, सीमित खर्च, सुधार और निजी कंपनियों को प्रोत्साहन का रास्ता अपनाया है. अमेरिका जापान, चीन और साउथ कोरिया पूंजी निवेश की इसी राह पर लगातार चल रहे हैं.

सरकार का पूंजी निवेश बढ़ाने पर फोकस

केन्द्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2021 के अंत तक देश की नॉमिनल जीडीपी 198 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर थी. जिसे बढ़ाकर 225 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य था. 198 लाख करोड़ रुपये में से करीब 116 लाख करोड़ रुपये खपत के जरिये आया था जो कि जीडीपी का 59 प्रतिशत है और 53 लाख करोड़ रुपये निवेश से आया था जो कि जीडीपी का 27 प्रतिशत है.सरकार ने यह विश्लेषण करने के बाद कि उसकी देनदारी सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 60 प्रतिशत है, पूंजी निवेश बढ़ाने का फैसला किया. पिछले साल के बजट में 5.5 लाख करोड़ रुपये पूंजी निवेश का फैसला लिया गया था उनके मुताबिक पिछले साल नॉमिनल जीडीपी 225 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार कर 232 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूंजी निवेश का असर अब दिख रहा है इसी वजह से सरकार ने अब पूंजी निवेश का स्तर बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में 22.5 लाख करोड़ रुपये जुड़ने का अनुमान है.

मौजूदा निवेश रणनीति से अगले दो दशक तक जारी रह सकती है 8% की तेज ग्रोथ: रेल मंत्री

केंद्रीय मंत्री के अनुसार इस तेज ग्रोथ से हर साल 1 से 1.5 करोड़ नये रोजगार दिये जा सकेंगे औरहर साल 3 से साढ़े 3 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला जा सकेगा.

मौजूदा निवेश रणनीति से अगले दो दशक तक जारी रह सकती है 8% की तेज ग्रोथ: रेल मंत्री

TV9 Bharatvarsh | Edited By: सौरभ शर्मा

Updated on: Mar 26, 2022 | 7:13 PM

सरकार की मौजूदा पूंजी निवेश रणनीति से भारत की अर्थव्यवस्था (Economy) अगले दो दशक में लगातार 8 प्रतिशत की ग्रोथ (GDP Growth) बनाए रख सकती है. ये भरोसा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जताया है. केन्द्रीय मंत्री के मुताबिक सरकार की पूंजी निवेश (capital investment) रणनीति से विकास दर को न केवल निरंतरता के साथ रफ्तार दी जा सकेगी साथ ही इसकी मदद से हर साल 1.5 करोड़ नौकरियां मिलेंगी और 3.5 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से बाहर निकाला जा सकेगा. रेल मंत्री ने ये बात एसोचैम की सालाना बैठक में कही. उन्होने कहा कि सरकार ने बजट में अगले 5 साल के लिये कैपिटल इनवेस्टमेंट का स्तर जीडीपी के 27 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है.

निवेश बढ़ने से तेज होगी ग्रोथ

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अगर हम कैपिटल इनवेस्टमेंट की रणनीति को अगले 5 से 6 साल और जारी रखते हैं तो हम अगले 20 सालों में 8 प्रतिशत की निरंतर ग्रोथ हासिल निवेश रणनीति कर सकते हैं. इस ग्रोथ का मतलब होगा कि हम हर साल 1 से 1.5 करोड़ नये रोजगार दे सकेंगे और साथ ही हर साल 3 से साढ़े 3 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला जा सकेगा. इस रणनीति की मदद से हम अपने समाज में काफी बड़ा बदलाव ला सकेंगे. मंत्री ने कहा कि काफी समय से हम खपत आधारित अर्थव्यवस्था रहे हैं और अब प्रधानमंत्री ने कई बड़े अर्थशास्त्रियों की अनिच्छा के बावजूद पूंजी निवेश बढ़ाने का रास्ता अपनाया है. केन्द्रीय मंत्री के मुताबिक कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं बड़े अर्थशास्त्रियों की सलाहों पर चल रही थीं और अब वो बुरी स्थिति में हैं. हालांकि देश की सरकार ने अब निवेश, सीमित खर्च, सुधार और निजी कंपनियों को प्रोत्साहन का रास्ता अपनाया है. अमेरिका जापान, चीन और साउथ कोरिया पूंजी निवेश की इसी राह पर लगातार चल रहे हैं.

सरकार का पूंजी निवेश बढ़ाने पर फोकस

केन्द्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2021 के अंत तक देश की नॉमिनल जीडीपी 198 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर थी. जिसे बढ़ाकर 225 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य था. 198 लाख करोड़ रुपये में से करीब 116 लाख करोड़ रुपये खपत के जरिये आया था जो निवेश रणनीति कि जीडीपी का 59 प्रतिशत है और 53 लाख करोड़ रुपये निवेश से आया था जो कि जीडीपी का 27 प्रतिशत है.सरकार ने यह विश्लेषण करने के बाद कि उसकी देनदारी सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 60 प्रतिशत है, पूंजी निवेश रणनीति निवेश बढ़ाने का फैसला किया. पिछले साल के बजट में 5.5 लाख करोड़ रुपये पूंजी निवेश का फैसला लिया गया था उनके मुताबिक पिछले साल नॉमिनल जीडीपी 225 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार कर 232 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूंजी निवेश का असर अब दिख रहा है इसी वजह से सरकार ने अब पूंजी निवेश का स्तर बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में 22.5 लाख करोड़ रुपये जुड़ने का अनुमान है.

काम की बात: बाजार की गिरावट में भी सही रणनीति बनाकर कर सकते हैं कमाई, इन 7 बातों का रखें ध्यान

इस हफ्ते शेयर मार्केट में 2943 पॉइंट्स यानी 5.41% की गिरावट देखी गई। इस गिरावट से निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है। हालांकि एक्सपर्ट्स के अनुसार इस गिरावट में सही स्ट्रैटेजी आपको अच्छा पैसा कमा के दे सकती है। हम आपको ऐसी 7 बातों के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप बाजार की गिरावट में पैसा कमा सकते हैं।

अनुशासन बनाए रखें
पोर्टफोलियो में नाटकीय रूप से बदलाव करते रहने से जोखिम बढ़ता है। ऐसी आदत लंबी अवधि के लक्ष्यों पर नकारात्मक असर डाल सकती है। बेहतर होगा कि बाजार में फौरी उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज करें और अनुशासन बनाए रखें। यदि पोर्टफोलियो में बदलाव जरूरी लगे तो छोटे-छोटे बदलाव करें।

SIP के जरिए करें निवेश
शेयर बाजार अपने ऊपरी स्तरों से काफी गिर गया है, लेकिन फिर भी यदि निवेशक अभी निवेश करना चाह रहे हों तो उन्हें एक मुश्त निवेश करने की बजाय किस्तों में करना चाहिए। इससे शेयर बाजार से संबंधित उतार चढ़ाव का जोखिम थोड़ा कम हो जाता है। आप थोड़ा संयम रखकर गिरते बाजार में भी फायदा कमा सकते हैं।

घबराहट में निर्णय न लें
हमेशा याद रखें कि अर्थव्यवस्था और बाजार का मिजाज चक्रीय होता है। जिस निवेश रणनीति तरह तेजी का दौर आता है, वैसा ही गिरावट का दौर भी बन सकता है। जाहिर है, गिरावट वाले दौर में घबराकर बिकवाली करना अच्छी रणनीति नहीं होगी। अच्छे शेयर अक्सर लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देते हैं।

पोर्टफोलियो में विविधता लाएं
पोर्टफोलियो में विविधता अस्थिर बाजार में निवेश की वैल्यू स्थिर रखने का अच्छा तरीका है। विविधता का मतलब है जोखिम उठाने की क्षमता और लक्ष्य के हिसाब से अलग-अलग एसेट में निवेश का बंटवारा करना। इसका फायदा यह है कि यदि एक एसेट (जैसे इक्विटी) में गिरावट आ रही हो तो उसी समय किसी दूसरे एसेट (जैसे सोने) में तेजी नुकसान को कम कर देगी।

निवेश को ट्रैक करते रहें
जब आप कई तरह के एसेट में निवेश करते हैं, तो हो सकता है कि सभी निवेश को नियमित रूप से ट्रैक नहीं कर रहे हों। ऐसे में बाजार का रुझान बदलने पर सटीक प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए यदि आप अपने निवेश को ट्रैक नहीं कर पा रहें तो एक विश्वसनीय वित्तीय सलाहकार की मदद लें।

नुकसान में न बेचें शेयर
उतार चढ़ाव शेयर बाजार का स्वभाव है। निवेशकों को शेयर बाजार में आई गिरावट से घबराना नहीं चाहिए। अगर आपने शेयर बाजार में पैसा लगा रखा है और इसमें आपको अभी नुकसान हुआ है तो भी आपको नुकसान में अपने शेयर बेचने से बचना चाहिए। क्योंकि लॉन्ग टर्म में मार्केट में रिकवरी की उम्मीद है। ऐसे में अगर आप अपने शेयर्स को लम्बे समय के लिए होल्ड करते हैं तो आपको नुकसान होने की उम्मीद कम हो जाएगी।

स्टॉक बास्केट रहेगी सही
आज कल स्टॉक बास्केट का कॉन्सेप्ट चल रहा है। इसके तहत आप शेयर्स का एक बास्केट बनाते हैं और अपने सभी शेयर्स में निवेश करते हैं। यानी अगर आप इस 5 शेयर्स में कुल 25 हजार निवेश करना चाहते हैं तो सभी में 5-5 हजार रुपए लगा सकते हैं। इससे जोखिम कम हो जाता है।

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