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बचत एवं निवेश की बुनियादी बातें

बचत एवं निवेश की बुनियादी बातें
–पूरे भारत में एक ब्रांड ‘भारत ब्रांड’

मेक इन इंडिया

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भारतीय अर्थव्यवस्था देश में मजबूत विकास और व्यापार के समग्र दृष्टिकोण में सुधार और निवेश के संकेत के साथ आशावादी रुप से बढ़ रही है । सरकार के नये प्रयासों एवं पहलों की मदद से निर्माण क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है । निर्माण को बढ़ावा देने एवं संवर्धन के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितम्बर 2014 को 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम की शुरुआत की जिससे भारत को महत्वपूर्ण निवेश एवं निर्माण, संरचना तथा अभिनव प्रयोगों के वैश्विक केंद्र के रुप में बदला जा सके।

'मेक इन इंडिया' मुख्यत: निर्माण क्षेत्र पर केंद्रित है लेकिन इसका उद्देश्य देश में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना भी है। इसका दृष्टिकोण निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाना, आधुनिक और कुशल बुनियादी संरचना, विदेशी निवेश के लिए नये क्षेत्रों को खोलना और सरकार एवं उद्योग के बीच एक साझेदारी का निर्माण करना है।

पेंशन कैलकुलेटर

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फिंतरा का रिटायरमेंट प्लानिंग कैलकुलेटर कुल सेवानिवृत्ति कोष, सेवानिवृत्ति पर उपलब्ध मासिक पेंशन और चक्रवृद्धि की बुनियादी बातों का उपयोग करके आपके सेवानिवृत्ति लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक मासिक बचत की गणना करता है।

फिंतरा पेंशन प्लानर के बारे में - सेवानिवृत्ति योजना कैलकुलेटर भारत

जब आप अपने जीवन के सेवानिवृत्ति चरण की योजना बना रहे होते हैं, तो इसमें व्यक्तिगत और वित्तीय नियोजन का मिश्रण शामिल बचत एवं निवेश की बुनियादी बातें होता है। व्यक्तिगत नियोजन की बात करें तो यह उसके सेवानिवृत्त जीवन के दौरान की संतुष्टि को निर्धारित करता है। दूसरी ओर, वित्तीय नियोजन किसी की योजना के आधार पर आय और व्यय के बजट में मदद करता है।

फिंतरा का रिटायरमेंट प्लानिंग कैलकुलेटर उस राशि को निर्धारित करने के लिए चक्रवृद्धि ब्याज नियमों का उपयोग बचत एवं निवेश की बुनियादी बातें करता है जो एक व्यक्ति परिपक्वता के बाद किए गए निवेश के अनुसार जमा कर सकता है। अद्वितीय कैलकुलेटर की तुलना व्यवसाय के अन्य सर्वश्रेष्ठ कैलकुलेटरों से की जा सकती है।

फिंतरा पेंशन प्लानर - सेवानिवृत्ति योजना कैलकुलेटर भारत का उपयोग कैसे करें?

फिंतरा पेंशन प्लानर कैलकुलेटर प्रत्येक व्यक्ति को यह गणना करने में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि उन्हें रिटायर होने के समय तक कितनी राशि जमा करनी होगी और वित्तीय रूप से खुद को सुरक्षित करने के लिए हर महीने कितनी धनराशि की आवश्यकता होगी।

कैलकुलेटर के लिए आपको अपनी सेवानिवृत्ति की सही गणना और योजना बनाने के लिए कुछ सवालों के जवाब देने होंगे। सटीक परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको निम्नलिखित डेटा प्रदान करने की आवश्यकता है:

जब सभी डेटा पेंशन प्लानर कैलकुलेटर में भर दिया गया है, तो "सबमिट" पर क्लिक करें, और तुरंत परिणाम प्रदर्शित होंगे।

पूछे जाने वाले प्रश्न

फिंतरा की पेंशन योजना (सेवानिवृत्ति योजना) कैलकुलेटर के क्या लाभ हैं?

सबसे विश्वसनीय ऑनलाइन पेंशन योजना और सेवानिवृत्ति योजना कैलकुलेटर की तरह, फिंतरा का कैलकुलेटर एक विशेष वित्तीय उपकरण है जिसे हर महीने बचाने के लिए आवश्यक सटीक रकम निर्धारित करने में आपकी सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह दीर्घकालिक निवेश योजना में भी सहायता करता है।

कुछ अन्य फायदे हैं:

* यह विश्वसनीय और उपयोग में आसान है।

*यह एक शांत सेवानिवृत्ति के लिए आवश्यक कोष का निर्धारण करने वाले एक मानकीकृत सूत्र का उपयोग करता है

यदि आप एक निजी स्वामित्व वाली कंपनी में काम कर रहे हैं, तो क्या आपके पास एक निजी सेवानिवृत्ति योजना होनी चाहिए?

इसका जवाब है हाँ। प्रत्येक व्यक्ति जो अपने भविष्य को सुरक्षित करने की योजना बना रहा है और सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद मन की शांति रखता है, उसके पास एक निजी सेवानिवृत्ति योजना होनी चाहिए।

Financial Tips : नए साल में पालन करें पैसे से जुड़े ये 5 नियम, नहीं होगी आर्थिक परेशानी

Follow these 5 rules related to money in 2021, there will be no financial trouble

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नया साल नई शुरुआत करने का अवसर प्रदान करता है। यह अपनी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन करने का अच्छा समय भी है, यानी आप अभी आर्थिक रूप से कहां खड़े हैं और वहां से कहां जाना चाहते हैं। जब धन प्रबंधन की बात आती है, तो हर व्यक्ति इसे अपनी विशिष्ट जरूरत के अनुसार तय करता है। लोगों को अपने जीवन की स्थिति के अनुसार बचत, निवेश, बीमा करना चाहिए या उधार लेना चाहिए। आपकी स्थिति चाहे जो भी हो, लेकिन अपनी प्रगति के लिए मानदंड निर्धारित करना उचित है। इससे यह पता चल पाएगा कि अत्यंत कम प्रयासों से न्यूनतम लक्ष्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं। इस संबंध में, आपके लक्ष्य की सामान्य दिशा में 'अनुभव पर आधारित सामान्य नियमों' द्वारा मार्गदर्शन प्राप्त करना प्रायः उपयोगी साबित होता है। परिभाषा के अनुसार, सामान्य नियम अनिश्चित हो सकते हैं। ये ऐसे व्यापक सिद्धांत हैं जिनके कोई स्थापित मानक नहीं होते। यह अपेक्षित है कि लोग इस सिद्धांत की अहमियत समझें और उसी बचत एवं निवेश की बुनियादी बातें अनुसार अपने जीवन की स्थिति के लिए मानक तय करें। यहां कुछ सामान्य नियम दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने जीवन के आर्थिक पहलू के लिए लागू कर सकते हैं।

50-30-20 का नियम

यह एक आनुपातिक नियम है जो दर्शाता है कि आपको अपनी डिस्पोजेबल इनकम का कितना प्रतिशत हिस्सा अपनी जरूरतों, इच्छाओं और बचत के लिए निर्धारित करना चाहिए। इस नियम के अनुसार, आपकी आय का 50% हिस्सा आपकी बुनियादी आवश्यकताओं जैसे कि किराया, ईएमआई, बीमा, भोजन, यूटिलिटी, परिवहन आदि के निमित्त होना चाहिए। अन्य 30% हिस्सा आपके डिस्क्रेशनरी (कम जरूरी) खर्चों जैसे कि बाहर खाना, खरीदारी, यात्रा और इसी तरह के अन्य खर्चों के लिए निर्धारित होना चाहिए। और कम से कम 20% हिस्से को आपातकालीन स्थिति और धन-सृजन (वेल्थ क्रिएशन) के लिए आवश्यक बचत और निवेश में लगाना चाहिए। मेरा सुझाव है 30% और 20% हिस्से की आपस में अदला-बदली करें - यानी डिस्क्रेशनरी खर्चे को कम कर कम-से-कम 30% हिस्से को बचत और निवेश में लगाएं। आप जितनी ज्यादा बचत करते हैं, उतना ही आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। ये बजटिंग के लिए कुछ व्यापक सुझाव हैं, लेकिन आप अपनी आर्थिक दशा के अनुसार यह तय कर सकते हैं कि सही अनुपात क्या हो।

बचत का 3X नियम

हर किसी के लिए आपातकालीन निधि (एमर्जेंसी फंड) आवश्यक है - यानी जिसकी मदद से आप नौकरी छूटने, बीमार होने जैसी घटनाओं का सामना कर सकें। यह आपकी बचत ही है जिसे आप किसी अन्य परिस्थिति में नहीं छूते। प्रश्न यह है कि इसके लिए कितनी राशि पर्याप्त है? इसके लिए कोई निश्चित राशि तय नहीं है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की अपनी विशिष्ट आवश्यकता और जिम्मेदारी होती है। लेकिन शुरुआत करने वाले के लिए, एक ऐसा फंड बनाना अच्छा होगा जो आपकी मासिक डिस्पोजेबल इनकम का कम से कम तीन गुना हो, और फिर धीरे-धीरे इसे छह गुना तक बढ़ाने की कोशिश करें। चूंकि बैंक खातों या फिक्स्ड डिपॉजिट में बचत पर कम रिटर्न मिलता है, इसलिए इसमें बहुत सारा पैसा डालना समझदारी नहीं होगी क्योंकि यह आपके वेल्थ क्रिएशन को धीमा कर देगा। लेकिन यह भी आम तौर पर देखा जाता है कि बचत करने के लिए लोग इसमें 12-24 गुना तक पैसा डालते हैं।

दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भारत

वहीं पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना महामारी से निपट रही है और दूसरी तरफ युद्ध तथा सैन्य कार्रवाइयों की विकट स्थितियों से प्रभावित हो रही है। “लेकिन इन सबके बीच विशेषज्ञ भविष्यवाणी कर रहे हैं कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ ये भी कह रहे हैं कि 90 के दशक से 30 वर्षों में जितना विकास हुआ है, उसके बराबर विकास अगले कुछ वर्षों में हो जाएगा। उन्होंने कहा, “इस धारणा का मुख्य कारण है बीते 8 वर्षों के दौरान देश में हुआ बदलाव। भारत ने पिछले 8 वर्षों में काम करने के अपने दृष्टिकोण को बदल दिया है। इन 8 वर्षों में गवर्नेंस की सोच के साथ-साथ नजरिए में भी बदलाव आया है।” उन्होंने कहा कि इस तब्दीली को बुनियादी ढांचे, सरकारी प्रक्रियाओं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और बाकी परिवर्तनों में देखा जा सकता है जो कि भारत के आकांक्षी समाज से प्रेरित हो रहे हैं।

2000 रुपये की यूरिया की बोरी 270 रुपये में उपलब्ध

पीएम ने उर्वरक क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के बारे में भी बात की और कहा कि नैनो यूरिया इस क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाएगा। उन्होंने कृषि के महत्व पर जोर दिया और जिक्र किया कि कैसे महामारी और युद्ध के कारण बढ़ी उर्वरकों की वैश्विक कीमतों का भार किसानों पर नहीं पड़ने दिया गया है। किसान को 2000 रुपये की यूरिया की बोरी 270 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4000 रुपये की कीमत वाले डीएपी के एक बैग पर 2500 रुपये की सब्सिडी दी जाती है।

पीएम ने जानकारी दी कि “बीते 8 वर्षों में केंद्र सरकार तकरीबन 10 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है ताकि किसानों पर उर्वरकों का बोझ न पड़े।” उन्होंने कहा कि भारत के किसानों के लिए सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने इस साल अब तक 2.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।<

किसान सम्मान निधि के 2.25 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर

इसके साथ ही केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के बैंक खातों में लगभग 2.25 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। कुछ समय पहले बाजार में उपलब्ध उर्वरकों के ढेर सारे ब्रांड दशकों से किसानों के लिए चिंता का विषय बने हुए थे। बचत एवं निवेश की बुनियादी बातें पीएम ने बताया कि यूरिया का अब भारत में केवल एक ब्रांड होगा और ये भारत ब्रांड कहलाएगा। इसकी गुणवत्ता और कीमत पहले से ही निर्धारित है।” ये इस बात का एक स्पष्ट उदाहरण है कि सरकार किस प्रकार इस क्षेत्र में सुधार कर रही है, खासकर छोटे किसानों के लिए।

हाल ही में तेलंगाना रामागुंडम में पहुंचे पीएम मोदी मे कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि भारत का उर्वरक क्षेत्र केंद्र सरकार के ईमानदार प्रयासों का प्रमाण है। जब भारत उर्वरकों की मांग पूरी करने के लिए विदेशों पर निर्भर करता था, उस समय को याद करते हुए पीएम ने कहा कि रामागुंडम संयंत्र सहित पहले जो कई उर्वरक संयंत्र स्थापित किए गए थे, वे अप्रचलित प्रौद्योगिकियों के कारण बंद होने के लिए मजबूर हो गए थे। उन्होंने कहा कि यूरिया जो अत्यधिक ऊंची कीमत पर आयात किया जाता था, उसकी किसानों तक पहुंचने के बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए कालाबाजारी कर दी जाती थी।

दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भारत

वहीं पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना महामारी से निपट रही है और दूसरी तरफ युद्ध तथा सैन्य कार्रवाइयों की विकट स्थितियों से प्रभावित हो रही है। “लेकिन इन सबके बीच विशेषज्ञ भविष्यवाणी कर रहे हैं कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ ये भी कह रहे हैं कि 90 के दशक से 30 वर्षों में जितना विकास हुआ है, उसके बराबर विकास अगले कुछ वर्षों में हो जाएगा। उन्होंने कहा, “इस धारणा का मुख्य कारण है बीते 8 वर्षों के दौरान देश में हुआ बदलाव। भारत ने पिछले 8 वर्षों में काम करने के अपने दृष्टिकोण को बदल दिया है। इन 8 वर्षों में गवर्नेंस की सोच के साथ-साथ नजरिए में भी बदलाव आया है।” उन्होंने कहा कि इस तब्दीली को बुनियादी ढांचे, सरकारी प्रक्रियाओं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और बाकी परिवर्तनों में देखा जा सकता है जो कि भारत के आकांक्षी समाज से प्रेरित हो रहे हैं।

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