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Pulses Procurement: इन 10 राज्य में इतने लाख टन मूंग की दाल खरीदेगी केंद्र सरकार, प्लान तैयार, किसानों को होगा सीधा फायदा

देश में दालों की कमी नहीं होगी. केंद्र सरकार 10 राज्यों से 4 लाख टन मूंग की दाल खरीदेगी. वहीं, उड़द और चने का भी भरपूर स्टॉक केंद्र सरकार के पास है

By: ABP Live | Updated at : 03 Dec 2022 12:28 PM (IST)

केंद्र सरकार 10 स्टेटोें से 4 लाख टन मूंग की दाल खरीदेगी

Pulses Production: देश में अनाज का भंडारण भरपूर है. दालों का प्रॉडक्शन भी देश में खूब होता है. चूंकि भारत में पॉपुलेशन अधिक है. ऐसे में डिमांड और सप्लाई का गणित कई बार बिगड़ जाता है. घरेलू खपत प्रॉपर बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार से विदेशों से भी दालों को आयात करती है. दाल हो या कोई अन्य फसल सभी के उत्पादन की जिम्मेदारी राज्यों पर होती है. देश के अलग अलग राज्यों में दालों की पैदावार ठीक ठाक स्थिति में हैं. केंद्र सरकार ने इन सभी राज्यों से दालों की खरीद भी शुरू कर दी है.

10 स्टेट से 4 टन मूंग खरीदेगी केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने दाल खरीद को अमली जामा पहनाना पहनाना शुरू कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कृषि मंत्रालय ने कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा, मोबाइल विपणन उत्तर प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत 10 राज्यों में 4,00,000 टन खरीफ मूंग की खरीद की जाएगी. इसके अलावा समर्थन मूल्य योजना पर केंद्र सरकार इस फसली सीजन में 24 हजार टन मूंग खरीद ली है.

2.94 टन मोबाइल विपणन उड़द और 14 लाख टन मूंगफली की होगी खरीद

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मूंग के अलावा अन्य दालों की खरीद की मंजूरी भी केंद्र सरकार दे रही है. कृषि मंत्रालय ने 2.94 टन उड़द और 14 लाख टन मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी हैं. ये दालें वर्ष 2022-23 खरीफ सत्र में उगाई जाने वाली हैं. वहीं, सरकार के पास समर्थन मूल्य योजना के तहत 2.5 लाख टन चना का भंडार भी हैं. केंद्र सरकार के अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन के दाल और अनाज भरपूर है. किसी भी योजना के संचालन में कोई दिक्कत नहीं आएगी.

कर्नाटक में खरीदी गई सबसे ज्यादा मूंग

अलग अलग राज्यों में मूंग की दाल की खरीद चल रही है. अभी तक जो 24 हजार टन मूंग खरीदी गई है. उसमें अकेले कर्नाटक में ही करीब 19 हजार टन खरीद ली गई हैं. केंद्र सरकार की एजेंसी नेफेड ( भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) खरीद की कार्रवाई कर रही है. छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भीदाल खरीद की जा रही हैं. हालांकि दक्षिण के राज्यों में दाल खरीद की स्थिति उत्तर भारत के मुकाबले अच्छी बताई जा रही हैं. केंद्र सरकार के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार घरेलू खपत की स्थिति बेहतर करने के लिए प्रॉपर स्टॉक करके चल रही है. किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Published at : 03 Dec 2022 12:28 PM (IST) Tags: pulses procurement pulses purchase हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Agriculture News in Hindi

Paddy Procurement: देश में बंपर हुआ धान, इन राज्यों ने 300 लाख टन से अधिक खरीद कर डाली

देश में धान खरीद चल रही है. उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में 300 लाख टन से अधिक धान खरीद ली गई है

By: ABP Live | Updated at : 29 Nov 2022 03:25 PM (IST)

देश में खरीफ सीजन में 306 लाख टन धान खरीद कर ली है

Paddy Management: देश में धान खरीद चल रही है. अलग अलग स्टेट में खरीद केंद्र और मंडियों आगे धान लेकर वाहन खड़े हैं. देश में हो रही बंपर धान खरीद से केंद्र सरकार खुश है. वहीं, किसानों को भी धान के रेट कहीं 48 घंटे तो कहीं 72 घंटे में ही उनके खाते में पहुंच रहे हैं. केंद्र सरकार स्टेट से आंकड़ा लेकर धान खरीद का ब्यौरा जुटा रहा है. पिछले साल की तुलना मेें इस साल धान का आंकड़ा बढ़ गया है. जिस तरह से धान खरीद की कार्रवाई चल रही है. उस हिसाब से आने वाले दिनों में यह और भी अधिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.

अभी तक 306 लाख टन हुई धान खरीद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2022-23 खरीफ सीजन में 27 नवंबर तक कुल धान खरीद बढ़कर 306.06 लाख टन हो गई है, जो एक साल पहले की अवधि में 280.51 लाख टन थी. आमतौर पर धान की खरीद अक्टूबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के तुरंत बाद शुरू होती है. हालांकि दक्षिणी राज्यों में विशेषकर केरल और तमिलनाडु में यह सितंबर में शुरु होती है.

पंजाब में धान खरीद घटी
आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में धान खरीद घट गई है. यहां 2.76 प्रतिशत घटकर 181.62 लाख टन रह गई. पिछले साल इसी अवधि में 186.79 लाख टन थी. पड़ोसी राज्य हरियाणा में अनाज की खरीद 8.18 प्रतिशत बढ़कर 58.96 लाख हो गई. हरियाणा में धान खरीद बंद कर दी गई है.

छत्तीसगढ़ में इतनी हुई धान खरीद
आंकड़ों में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में इस साल अभी तक धान की खरीद 16.88 लाख टन हो चुकी है. जबकि पिछले साल इस सीजन में अभी तक धान खरीद शुरू नहीं की गई थी.

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तेलंगाना, उत्तरप्रदेश में ये है धान खरीद मोबाइल विपणन की स्थिति
तेलंगाना में भी धान खरीद में तेजी आई है. पिछले साल धान खरीद इस समय तक 10.94 टन थी. इस साल यह बढ़कर 16.18 लाख टन हो गई है. उत्तर प्रदेश में उक्त अवधि में धान की खरीद 9.20 लाख टन से बढ़कर 10.28 लाख टन पहुंच गई है.

775 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य
केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2022-23 खरीफ सीजन (अक्टूबर-सितंबर) में 775.72 लाख टन धान की खरीद का है. पिछले खरीफ विपणन सीजन में खरीद रिकॉर्ड 759.32 लाख टन थी.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Published at : 29 Nov 2022 03:25 PM (IST) Tags: Paddy management Paddy Procurement हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे मोबाइल विपणन पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Agriculture News in Hindi

Delhi HC ने अवैध डॉग ब्रीडिंग के खिलाफ याचिका में डीएबीएडब्ल्यू से स्थिति रिपोर्ट मांगी !

Delhi HC ने अवैध डॉग ब्रीडिंग के खिलाफ याचिका में डीएबीएडब्ल्यू से स्थिति रिपोर्ट मांगी !

दिल्ली न्यूज डेस्क् . दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में दिल्ली पशु कल्याण सलाहकार बोर्ड (डीएबीएडब्ल्यू) से सभी अवैध प्रजनकों के खिलाफ एक याचिका पर रिपोर्ट मांगी है, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम (कुत्ते प्रजनन और विपणन) नियम, 2017 के नियमों का अनुपालन किया जा रहा है। डीएबीएडब्ल्यू की ओर से पेश वकील ने मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद को सूचित किया कि स्थिति रिपोर्ट तैयार की गई थी लेकिन यह रिकॉर्ड में नहीं थी।

कोर्ट ने डीएबीएडब्ल्यू को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो और हफ्ते का समय दिया है। याचिका में, यह उल्लेख किया गया था कि अवैध डॉग ब्रीडिंग होती रहती है और राज्य सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और यह किसी भी अवैध डॉग ब्रीडर को न्याय दिलाने में लगातार विफल रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली का कोई भी कुत्ता प्रजनक राज्य पशु कल्याण बोर्ड में पंजीकृत नहीं है। नियमों का पालन न करते हुए, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत बनाए गए पशु क्रूरता निवारण (कुत्ते प्रजनन और विपणन) नियम, 2017 का पूर्ण उल्लंघन करते हुए, उनकी व्यावसायिक गतिविधियां अनियमित रूप से जारी हैं।

दलील में कहा- अनुच्छेद 51ए (जी) के तहत, प्रत्येक नागरिक का मौलिक कर्तव्य है कि वह जीवित प्राणियों के लिए दया करे। इसके अलावा, स्वास्थ्य के अधिकार को अनुच्छेद 21 द्वारा संरक्षित जीवन के अधिकार के एक अनिवार्य हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त है। इससे पहले, भारत के पशु कल्याण बोर्ड बनाम ए. नागराज और अन्य (2014) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के साथ जीने के अधिकार की व्याख्या मोबाइल विपणन को पशुओं के अधिकार तक बढ़ाया जाना चाहिए ताकि उनके साथ क्रूर व्यवहार न किया जाए।

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