विदेशी मुद्रा पर पैसे कैसे बनाने के लिए?

एक सीमा आदेश क्या है

एक सीमा आदेश क्या है
Image Source : AP टीटीपी ने पाकिस्तान में हमलों का आदेश दिया

एक सीमा आदेश क्या है

दो दिसंबर (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने टायर विनिर्माताओं की कथित गुटबंदी के मामले में भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) को नया आदेश जारी करने का निर्देश दिया है।

एनसीएलएटी ने बृहस्पतिवार को जारी अपने आदेश में कहा कि घरेलू टायर उद्योग को बचाने के लिए सीसीआई की तरफ से टायर विनिर्माताओं पर लगाए गए जुर्माने की समीक्षा करने की जरूरत है। इसके अलावा जुर्माना लगाने में असावधानीवश हुई गलतियों और अंकगणितीय गणना पर भी पुनर्विचार करने को कहा है।

प्रतिस्पर्द्धा आयोग ने अगस्त, 2018 के अपने फैसले में टायर विनिर्माताओं पर गुटबंदी करने के एक मामले में 1,788 करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना लगाया था। हालांकि, उच्चतम न्यायालय की तरफ से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही टायर कंपनियों को फरवरी, 2022 में इस फैसले से अवगत कराया गया था।

उसके बाद ही टायर कंपनियों ने एनसीएलएटी में इसके खिलाफ अपील की। सिएट, अपोलो टायर्स, जेके टायर्स, एमआरएफ, बिड़ला टायर्स और उद्योग निकाय एटीएमए ने सीसीआई के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी।

एनसीएलएटी में न्यायमूर्ति राकेश कुमार और न्यायमूर्ति अशोक कुमार मिश्रा की पीठ ने सुनवाई के बाद दिए अपने फैसले में कहा है कि आयोग की जांच इकाई की तरफ से कीमतों में प्रतिशत वृद्धि की गणना में गलती हुई है।

इसके साथ ही पीठ ने कहा कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में घरेलू उद्योगों को दंडित किया जाना चाहिए लेकिन उनकी सेहत कमजोर करने के बजाय उन्हें स्थिति सुधारने का एक मौका भी दिया जाना चाहिए।

गलती से सीमा पार कर गया जवान, PAK रेंजर्स ने की कार्रवाई! जानिए क्या रहा BSF का एक्शन

बीएसएफ का जवान फेंसिंग के पार सर्च ऑपरेशन के दौरान भारतीय सीमा से धुंध की वजह से भटक कर पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गया था. बीएसएफ का कहना है कि, जब जवान को एक सीमा आदेश क्या है हिरासत में लिया गया, तब वह भारतीय सीमा के अंदर ही था.

गलती से सीमा पार कर गया जवान, PAK रेंजर्स ने की कार्रवाई! जानिए क्या रहा BSF का एक्शन

मोहित मलहोत्रा | Edited By: M. Nuruddin

Updated on: Dec 01, 2022 | 6:23 PM

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स यानी बीएसएफ के उस जवान को पाकिस्तान ने रिहा कर दिया है, जो भटक एक सीमा आदेश क्या है एक सीमा आदेश क्या है कर पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे. बीएसएफ जवान को पाक रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था. बीएसएफ का जवान फेंसिंग के पार सर्च ऑपरेशन के दौरान भारतीय सीमा से धुंध की वजह से भटक कर पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गया था. बीएसएफ का कहना है कि, जब जवान को हिरासत में लिया गया, तब वह भारतीय सीमा के अंदर ही था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीएसएफ का जवान पंजाब के अबोहर सेक्टर में पाकिस्तान की सीमाई इलाके में गलती से सरहद पार पहुंच गया था. बताया जा रहा है कि सुबह तड़के फेंसिंग के दूसरी तरफ जवानों को एक सर्च ऑपरेशन के लिए भेजा गया था. इस जत्थे में 8 जवान थे, जिनमें सभी वापस आ गए थे लेकिन एक कॉन्सटेबल वापस नहीं लौटा. हाजिरी लेने पर पता चला कि कॉन्सटेबल जत्थे में नहीं था. इसके बाद जवान की सर्चिंग की गई, लेकिन वह नहीं मिला. बाद में पता चला कि बीएसएफ जवान गलती से सीमा पार चला गया है.

ये भी पढ़ें

देश के 3 एयरपोर्ट्स पर आज से डिजी यात्रा की सुविधा, जानें कैसे सफर होने वाला है आसान

देश के 3 एयरपोर्ट्स पर आज से डिजी यात्रा की सुविधा, जानें कैसे सफर होने वाला है आसान

गुजरात चुनाव: 13000 से ज्यादा मतदान केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग, ट्रांसपेरेंसी पर EC का आदेश

गुजरात चुनाव: 13000 से ज्यादा मतदान केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग, ट्रांसपेरेंसी पर EC का आदेश

अप्रैल के बाद कभी भी हो सकता है विधानसभा चुनाव, केंद्र ने जम्मू-कश्मीर पर मांगी रिपोर्ट

अप्रैल के बाद कभी भी हो सकता है विधानसभा चुनाव, केंद्र ने जम्मू-कश्मीर पर मांगी रिपोर्ट

कर्नाटक का झंडा लहराया तो मराठी स्टूडेंट ने कर दी पिटाई, बेलगावी स्कूल में जमकर तोड़फोड़

कर्नाटक का झंडा लहराया तो मराठी स्टूडेंट ने कर दी पिटाई, बेलगावी स्कूल में जमकर तोड़फोड़

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान धुंध की वजह से जवान गलती से पाकिस्तान के इलाके में चला गया, जिसे पाक रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया. बीएसएफ और पाक रेंजर्स के अफसरों की फ्लैग मीटिंग के बाद जवान को वापस देने पर बनी सहमति. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि जवान के साथ पाक रेंजर्ज की तरफ से टॉर्चर भी किया गया या नहीं. समय रहते बीएसएफ अधिकारियों ने पाक रेंजर्स को संपर्क किया और फ्लैग मीटिंग के बाद जवान की रिहाई पर सहमति बनी. इसके बाद रिपोर्ट के मुताबिकपाक रेंजर्स ने जवान को गुरुवार 1.50 बजे रिहा कर दिया.

खूंखार संगठन TTP ने खत्म किया संघर्ष विराम समझौता, पूरे पाकिस्तान में हमले करने का दिया आदेश, क्या खत्म हो जाएगा हमारा पड़ोसी देश?

TTP Pakistan: पाकिस्तान के आतंकी संगठन टीटीपी ने पूरे देश में हमले करने का आदेश दिया है। उसने इसी के साथ सरकार के साथ किया सीजफायर समझौता भी खत्म कर दिया है।

Shilpa

Written By: Shilpa @Shilpaa30thakur
Published on: December 02, 2022 7:27 IST

टीटीपी ने पाकिस्तान में हमलों का आदेश दिया- India TV Hindi

Image Source : AP टीटीपी ने पाकिस्तान में हमलों का आदेश दिया

आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान अब एक और मुसीबत में फंस गया है। उसे अपने ही देश के भीतर मौजूद एक आतंकी संगठन से लड़ना पड़ रहा है। आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने अपने आतंकियों को पूरे पाकिस्तान में हमले करने का आदेश दिया है। ये वही एक सीमा आदेश क्या है आतंकी संगठन है, जिसने मलाला यूसुफजई पर हमला किया था। इसके अलावा 2014 में पेशावर आर्मी स्कूल में भी टीटीपी ने ही हमला किया था। जिसमें 130 छात्रों सहित 150 लोगों की मौत हो गई थी। दिसंबर 2007 से वजूद में आया यह आतंकी संगठन पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बन गया है। पाकिस्तान सरकार को कई बार इस आतंकी संगठन से युद्धविराम के लिए बातचीत करनी पड़ी है। पिछली बार अनिश्चितकालीन युद्धविराम समझौता हुआ था लेकिन एक बार फिर टूट गया।

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) क्या है?

टीटीपी का गठन करीब 14 साल पहले हुआ था। यह कई छोटे उग्रवादी समूहों से बना संगठन है। बैतुल्लाह महसूद के नेतृत्व में 13 समूह एक साथ आए और तहरीक (अभियान) चलाने का फैसला किया। अगस्त 2009 में, यह बताया गया कि बैतुल्हला महसूद एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया है, लेकिन बाद में संगठन ने अपने नेता के मारे जाने की खबर का खंडन किया। 2013 में इसके नेता हकीमुल्लाह महसूद के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने की भी खबर आई थी। संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक उमर खालिद खोरासानी करीब चार महीने पहले अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में एक कार विस्फोट में मारा गया था।

टीटीपी पाकिस्तान में कट्टरपंथी इस्लामिक कानून लागू करने की वकालत करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीटीपी अफगानिस्तान की सीमा से लगे कबाइली (आदिवासी) इलाकों पर अपना वर्चस्व चाहती है, इसलिए वह लगातार मांग कर रही है कि उन जगहों से सेना हटा ली जाए और संगठन के सदस्यों को रिहा कर दिया जाए। फाटा और खैबर पख्तूनख्वा जैसे कबायली इलाकों में अपनी सरकार चलाने की मंशा के चलते टीटीपी पाकिस्तानी सेना से लड़ती रहती है। इन इलाकों में शिया पठान अल्पसंख्यक हैं। टीटीपी की और उनकी नहीं बनती। टीटीपी का अफगानिस्तान के तालिबान के साथ वैचारिक संबंध है। टीटीपी अमेरिकी सेना से लड़ने में अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क का समर्थन करता रहा है।


क्या कह कर आतंकी संगठन ने सीजफायर तोड़ा?

28 नवंबर को टीटीपी के रक्षा प्रमुख मुफ्ती मुजाहिम ने एक पत्र के माध्यम से पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ संघर्ष विराम की समाप्ति की घोषणा की। टीटीपी के बयान में कहा गया है कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू और लक्की मारवात इलाकों में पाकिस्तान की सेना द्वारा संगठन के खिलाफ गैरजवाबदेह हमले किए जा रहे हैं, इसलिए पांच महीने पुराने संघर्ष विराम को समाप्त किया जा रहा है। बयान में कहा गया है कि टीटीपी सेना की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन की चेतावनी देता रहा है और बिना जवाबी कार्रवाई के संयम बरतता रहा है ताकि उस पर शांति भंग करने का आरोप न लगे। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियों ने टीटीपी की चुप्पी का फायदा उठाया और उसके सदस्यों पर हमले जारी रखे। संगठन ने आगे कहा कि अब वह बदले की कार्रवाई शुरू एक सीमा आदेश क्या है कर रहा है और इसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी।

टीटीपी के सीजफायर तोड़ने के पाकिस्तान को कैसा नुकसान?

टीटीपी ने ऐसे वक्त में सीजफायर तोड़ा है, जब पाकिस्तान में राजनीतिक उठापटक चरम पर है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान सत्तारूढ़ पीएमएल-एन गठबंधन सरकार के खिलाफ एक लंबे मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं और आसिम मुनीर पाकिस्तान सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं। अगले आम चुनाव में भी ज्यादा समय नहीं बचा है। पाकिस्तान में अगले साल आम चुनाव हो सकते हैं। वहीं 17 साल बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम पाकिस्तान में अपनी पहली टेस्ट सीरीज खेलने आई है। इन विकट परिस्थितियों को देखते हुए टीटीपी का संघर्षविराम तोड़कर देशव्यापी हमले शुरू करने का ऐलान पाकिस्तान की सरकार और सेना के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

India TV पर हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज़ Hindi News देश-विदेश की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ें और अपने आप को रखें अप-टू-डेट। Asia News in Hindi के लिए क्लिक करें विदेश सेक्‍शन

खूंखार संगठन TTP ने खत्म किया संघर्ष विराम समझौता, पूरे पाकिस्तान में हमले करने का दिया आदेश, क्या खत्म हो जाएगा हमारा पड़ोसी देश?

TTP Pakistan: पाकिस्तान के आतंकी संगठन टीटीपी ने पूरे देश में हमले करने का आदेश दिया है। उसने इसी के साथ सरकार के साथ किया सीजफायर समझौता भी खत्म कर दिया है।

Shilpa

Written By: Shilpa @Shilpaa30thakur
Published on: December 02, 2022 7:27 IST

टीटीपी ने पाकिस्तान में हमलों का आदेश दिया- India TV Hindi

Image Source : AP टीटीपी ने पाकिस्तान में हमलों का आदेश दिया

आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान अब एक और मुसीबत में फंस गया है। उसे अपने ही देश के भीतर मौजूद एक आतंकी संगठन से लड़ना पड़ रहा है। आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने अपने आतंकियों को पूरे पाकिस्तान में हमले करने का आदेश दिया है। ये वही आतंकी संगठन है, जिसने मलाला यूसुफजई पर हमला किया था। इसके अलावा 2014 में पेशावर आर्मी स्कूल में भी टीटीपी ने ही हमला किया था। जिसमें 130 छात्रों सहित 150 लोगों की मौत हो गई थी। दिसंबर 2007 से वजूद में आया यह आतंकी संगठन पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बन गया है। पाकिस्तान सरकार को कई बार इस आतंकी संगठन से युद्धविराम के लिए बातचीत करनी पड़ी है। पिछली बार अनिश्चितकालीन युद्धविराम समझौता हुआ था लेकिन एक बार फिर टूट गया।

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) क्या है?

टीटीपी का गठन करीब 14 साल पहले हुआ था। यह कई छोटे उग्रवादी समूहों से बना संगठन है। बैतुल्लाह महसूद के नेतृत्व में 13 समूह एक साथ आए और तहरीक (अभियान) चलाने का फैसला किया। अगस्त 2009 में, यह बताया गया कि बैतुल्हला महसूद एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया है, लेकिन बाद में संगठन ने अपने नेता एक सीमा आदेश क्या है के मारे जाने की खबर का खंडन किया। 2013 में इसके नेता हकीमुल्लाह महसूद के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने की भी खबर आई थी। संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक उमर खालिद खोरासानी करीब चार महीने पहले अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में एक कार विस्फोट में मारा गया था।

टीटीपी पाकिस्तान में कट्टरपंथी इस्लामिक कानून लागू करने की वकालत करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीटीपी अफगानिस्तान की सीमा से लगे कबाइली (आदिवासी) इलाकों पर अपना वर्चस्व चाहती है, इसलिए वह लगातार मांग कर रही है कि उन जगहों से सेना हटा ली जाए और संगठन के सदस्यों को रिहा कर दिया जाए। फाटा और खैबर पख्तूनख्वा जैसे कबायली इलाकों में अपनी सरकार चलाने की मंशा के चलते टीटीपी पाकिस्तानी सेना से लड़ती रहती है। इन इलाकों में शिया पठान अल्पसंख्यक हैं। टीटीपी की और उनकी नहीं बनती। टीटीपी का अफगानिस्तान के तालिबान के साथ वैचारिक संबंध है। टीटीपी अमेरिकी सेना से लड़ने में अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क का समर्थन करता रहा है।


क्या कह कर आतंकी संगठन ने सीजफायर तोड़ा?

28 एक सीमा आदेश क्या है नवंबर को टीटीपी के रक्षा प्रमुख मुफ्ती मुजाहिम ने एक पत्र के माध्यम से पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ संघर्ष विराम की समाप्ति की घोषणा की। टीटीपी के बयान में कहा गया है कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू और लक्की मारवात इलाकों में पाकिस्तान की सेना द्वारा संगठन के खिलाफ गैरजवाबदेह हमले किए जा रहे हैं, इसलिए पांच महीने पुराने संघर्ष विराम को समाप्त किया जा रहा है। बयान में कहा गया है कि टीटीपी सेना की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन की चेतावनी देता रहा है और बिना जवाबी कार्रवाई के संयम बरतता रहा है ताकि उस पर शांति भंग करने का आरोप न लगे। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियों ने टीटीपी की चुप्पी का फायदा उठाया और उसके सदस्यों पर हमले जारी रखे। संगठन ने आगे कहा कि अब वह बदले की कार्रवाई शुरू कर रहा है और इसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी।

टीटीपी के सीजफायर तोड़ने के पाकिस्तान को कैसा नुकसान?

टीटीपी ने ऐसे वक्त में सीजफायर तोड़ा है, जब पाकिस्तान में राजनीतिक उठापटक चरम पर है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान सत्तारूढ़ पीएमएल-एन गठबंधन सरकार के खिलाफ एक लंबे मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं और आसिम मुनीर पाकिस्तान सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं। अगले आम चुनाव में भी ज्यादा समय नहीं बचा है। एक सीमा आदेश क्या है पाकिस्तान में अगले साल आम चुनाव हो सकते हैं। वहीं 17 साल बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम पाकिस्तान में अपनी पहली टेस्ट सीरीज खेलने आई है। इन विकट परिस्थितियों को देखते हुए टीटीपी का संघर्षविराम तोड़कर देशव्यापी हमले शुरू करने का ऐलान पाकिस्तान की सरकार और सेना के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

India TV पर हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज़ Hindi News देश-विदेश की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ें और अपने आप को रखें अप-टू-डेट। Asia News in Hindi के लिए क्लिक करें विदेश सेक्‍शन

रेटिंग: 4.91
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 81
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *