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मुद्रा आउटलुक

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Key Points

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक का शुभारंभ

12 अक्टूबर, 2021 को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक लॉन्च किया। जारी रिपोर्ट ने वर्ष 2021 में लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई अर्थव्यवस्था के विकास के पूर्वानुमान में सुधार किया है।

रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष:

'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट’ कौन जारी करता है?

Key Points

  • वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा जारी किया गया है।
  • IMF एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान है, जिसका मुख्यालय USA के वाशिंगटन डी.सी. में स्थित है।
  • यह 1945 में बनाया गया था और यह उन 189 देशों के प्रति जवाबदेह है जो इसकी लगभग वैश्विक सदस्यता बनाते हैं।
  • भारत27 दिसंबर 1945 को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में शामिल हुआ।

Additional Information

  • विश्व बैंक एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो विकासशील देशों को वित्तपोषण, सलाह और अनुसंधान प्रदान करने के लिए समर्पित है, ताकि उनकी आर्थिक उन्नति हो सके। विश्व बैंक 1944 में बनाया गया था।
  • विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष को ब्रेटन वुड्ससमझौते के तहत एक साथ स्थापित किया गया था, जो आमतौर पर वैश्विक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय सरकारों की मदद करने के लिए समान ध्यान केंद्रित करता है।
  • विश्व बैंक और I MF का मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. में है।
  • एशियाई विकास बैंक (ADB) की स्थापना 19 दिसंबर 1966 को की गई थी, एक क्षेत्रीय विकास बैंक है, जिसका मुख्यालय फिलीपींस के मेट्रो मनीला के मंडलायुंग में स्थित ऑर्टिगस सेंटर में है।
  • अंतर्राष्ट्रीय मजदूर संघ (ILO), संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक विशेष अभिकरण, जो दुनिया भर में श्रम की स्थिति और जीवन स्तर में सुधार के लिए समर्पित है।
  • यह 1919 में वर्साय की संधि द्वारा लीग ऑफ नेशंस की मुद्रा आउटलुक एक संबद्ध अभिकरण के रूप में स्थापित किया गया था।
  • ILO 1946 में UN की पहली संबद्ध विशिष्ट अभिकरण बन गई।
  • अपनी गतिविधियों की मान्यता में, ILO को 1969 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया।

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Last updated on Oct 18, 2022

The HPPSC HPAS Provisional Answer Key is out. This is with reference to HPPSC HPAS prelims exam that was conducted on 16th October 2022 for the 2021 cycle. The candidates can raise the objections in the provisional answer key till 25th October 2022 after which the board will release a final answer key. The candidates who will clear the first stage will appear for second stage of selection process. The candidates must go through the HPPSC HPAS Previous Years’ Paper to have an idea of the questions asked in the exam.

IMF Report: भारत की रैंकिंग नहीं सुधरी, दुनिया धीमी पड़ गई है! सिक्के का दूसरा पहलू देखिए

IMF World Economic Outlook, October 2022: इंटरनैशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का अनुमान है कि भारत 2022-23 में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली टॉप 3 अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक होगा।

IMF World Economic Outlook 2022

2001-11 में 3.7 गुना बढ़ी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था, अगले 10 साल में सिर्फ 1.7 गुना।

हाइलाइट्स

  • 2001-11 के बीच सबसे तेजी से बढ़ी थी भारत की अर्थव्‍यवस्‍था
  • उस वक्‍त की उभरती अर्थव्यवस्‍थाओं मुकाबले धीमी रही रफ्तार
  • 2011-21 में भारत की रफ्तार घटी, बाकी दुनिया और सुस्‍त हुई
  • 2023 में 6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी भारत की इकॉनमी: IMF

यह वही दशक था जब भारत की अर्थव्‍यवस्‍था सबसे तेजी से बढ़ी। यह बात अलग है कि उस दौर में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार दुनिया की बाकी उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं के मुकाबले धीमी थी। उससे पहले के दशकों, 1991-2001 और 1981-91 के बीच भारत की रफ्तार बाकी विकासशील अर्थव्‍यवस्‍थाओं के औसत से बेहतर रही या फिर थोड़ी सी कम।

धीमी पड़ी दुनिया के आर्थिक व‍िकास की रफ्तार
ध्‍यान रहे कि यह रिलेटिव ग्रोथ रैंकिंग्‍स हैं, एब्‍सॉल्‍यूट ग्रोथ फिगर्स नहीं। यानी 2011-21 के बीच भारत का बेहतर प्रदर्शन रहना लेकिन 2001-11 में नहीं, इसमें तारतम्‍य नहीं है क्‍योंकि आर्थिक विकास की रफ्तार पिछले दशक में धीमी पड़ी है। भारत की रैंकिंग में सुधार के पीछे दुनिया की रफ्तार धीमी होना प्रमुख फैक्‍टर है। डॉलर्स के लिहाज से देखें तो 2001-11 के बीच भारत की अर्थव्‍यवस्‍था का आकार 3.7 गुना बढ़ा जबकि 2011-21 के के बीच केवल 1.7 गुना।

IMF India Economy Growth Report Analysis

पिछले दशक में धीमी रही अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार

IMF के आंकड़ों में छिपा है इशारा
2022 मुद्रा आउटलुक में (भारत के लिए 2022-23) अर्थव्‍यवस्‍था के 6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। इसी दौरान, बाकी उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाएं 3.7% की औसत रफ्तार से बढ़ेंगी। 3 प्रतिशत से ज्‍यादा का यह अंतर 2023 में 2.4 पर्सेंटेज पॉइंट्स रह सकता है। ऐसा होना लगभग तय है क्‍योंकि चीन की आर्थिक रफ्तार तेजी से मंदी पड़ रही है जिसका असर उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं के औसत पर पड़ेगा। ऐडवांस्‍ड अर्थव्‍यवस्‍थाओं की रफ्तार की 3.4% से घटकर अगले साल 1.1 प्रतिशत रहे जाने का अनुमान है। एक तरह से, बिना कहे IMF 'डीकपलिंग' जैसे हालात की ओर इशारा कर रहा है। अगर आंशिक रूप से ऐसा होता है और भारत की वृद्धि का आंकड़ा अनुमानों से थोड़ा कम भी रहता है तो भी भारत का 'अंधकार से घिरे क्षितिज में एक उज्ज्वल स्थान' (IMF ने यही कहा है) लंबे वक्‍त तक बरकरार रह सकता है।

IMF World Economic Growth Outlook 2022

आर्थिक अनुमानों पर IMF की ताजा रिपोर्ट

तेल से संपन्‍न सऊदी अरब को किनारे कर दें तो भारत के साथ-साथ बांग्‍लादेश और वियतनाम सही दिशा में बढ़ते नजर आ रहे हैं। कहना गलत नहीं होगा कि देर से ही सही, ये देश वही करने की कोशिश कर रहे हैं जो पूर्वी एशियाई देश पहले के दशकों में करके दिखा चुके हैं। फिर चाहे वह साउथ कोरिया हो या फिर ताइवान। वियतनाम की प्रति व्‍यक्ति आय भारत से 60% ज्‍यादा है और फिलीपींस से भी। 2022 के अनुमानों में फिलीपींस का नंबर टॉप 3 के ठीक बाद है। ये चारों देश उन अंतरराष्‍ट्रीय कारोबारों की निगाह में रहे हैं जो चीन+1 रणनीति के तहत अपने प्रॉडक्‍शन बेसेज को चीन से दूर ले जाना चाहते हैं।

IMF के चार दशकों का डेटा क्‍या बताता है?
सभी चार दशकों (1981-2021) को साथ देखें तो IMF के आंकड़े बताते हैं कि केवल तीन देश ही भारत से बेहतर कर पाए। चीन अलग लीग में मुद्रा आउटलुक है, उसकी अर्थव्‍यवस्‍था इस दौरान 62 गुना बड़ी (वर्तमान डॉलर रेट के हिसाब से) हो गई। मुद्रा आउटलुक साउथ कोरिया की अर्थव्‍यवस्‍था का आकार 25 गुना बढ़ा और फिर वियतनाम का नंबर आता है। भारत, इजिप्‍ट, श्रीलंका, बांग्‍लादेश और ताइवान की अर्थव्‍यवस्‍था में इन दौरान 16 गुना का इजाफा हुआ। मुद्रा आउटलुक थाइलैंड और मलेशिया ज्‍यादा पीछे नहीं हैं। मतलब यह कि हमारा आर्थ‍िक रिकॉर्ड अच्‍छा भले रहा हो, यह उतना शानदार नहीं है। फिर भी एक पॉजिटिव आंकड़ा जेहन में बैठाते जाइए। दुनिया की GDP में भारत की हिस्‍सेदारी 1981-91 वाले दशक में 1.7 से घटकर 1.1 प्रतिशत पर आ गई थी। 2011 तक यह बढ़कर 2.5 प्रतिशत हो गई और 2021 में 3.3 प्रतिशत। संकेत यही हैं कि यह आंकड़ा और ऊपर चढ़ेगा।

IMF ने घटाया भारत का जीडीपी ग्रोथ अनुमान, FY23 में रहेगी 8.2%

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों और ऊंची महंगाई दर के बीच एक और बुरी खबर आई है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटा दिया है. अब ये 8.2% पर रह सकती है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अप्रैल 2022,
  • (अपडेटेड 20 अप्रैल 2022, 10:55 AM IST)
  • पहले 9% था IMF का अनुमान
  • World Bank घटा चुका है अनुमान
  • गिरेगी दुनिया की आर्थिक वृद्धि दर

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारत को लेकर अपने इकोनॉमिक ग्रोथ फोरकास्ट में कटौती की है. अपनी नई वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में IMF ने चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 8.2% रहने का अनुमान जताया है.

पहले 9% था IMF का अनुमान

इससे पहले आईएमएफ ने जब जनवरी में अपनी रिपोर्ट जारी की थी, तब उसने चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 9% रहने का अनुमान जताया था. इतना ही नहीं IMF ने अगले वित्त वर्ष के इकोनॉमिक ग्रोथ रेट फोरकास्ट (अनुमान) को भी कम किया है.

पहले IMF ने वित्त वर्ष 2023-24 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.1% रहने का अनुमान जताया था, इसे अब 0.2% कम करके 6.9% कर दिया गया है.

अगले साल घटेगी महंगाई!

हालांकि IMF की रिपोर्ट अगले साल महंगाई घटने के संकेत देती है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की महंगाई दर 6.1% रह सकती है, जबकि अगले वित्त वर्ष 2023-24 में इसके 4.8% पर रहने का अनुमान है.

World Bank घटा चुका है अनुमान

IMF के आर्थिक वृद्धि दर अनुमान में कटौती से पहले World Bank भी भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ का फोरकास्ट घटा चुका है. विश्वबैंक का अनुमान है कि 2022-23 में इंडिया की आर्थिक वृद्धि दर 8% रहेगी. वहीं भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति की घोषणा करते वक्त इसके 7.2% रहने की बात कही थी.

गिरेगी दुनिया की आर्थिक वृद्धि दर

IMF ने अपनी रिपोर्ट में रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के चलते ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ रेट में करीब 1% की गिरावट आने की बात कही है. वहीं चीन की ग्रोथ रेट 2022 में 4.4%, 2023 में 5.1% रह सकती है.

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट‚ जुलाई 2022

प्रश्न – 26 जुलाई‚ 2022 को जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट‚ जुलाई‚2022 से संबंधित निम्न कथनों पर विचार कीजिए?
(i) यह रिपोर्ट विश्व बैंक समूह द्वारा प्रकाशित की गई। सिद्धांत
(ii) इसके अनुसार‚ वर्ष 2022 में वैश्विक विकास दर 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
(iii) वर्ष 2022 में भारत की विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/सें कथन सही हैं/है?
(a) केवल (i) एवं (ii)
(b) केवल (ii) एवं (iii)
(c) केवल (i) एवं (iii)
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर—(b)
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