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पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें

पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें
Paytm IPO comprised a fresh issue of equity shares worth Rs 8,300 crore and an offer for sale (OFS) of shares worth up to Rs 10,000 crore. (File)

कुर्बानी करना चाहते हैं तो जान लें पहले ये नियम-अलहाज शाहिद अंसारी ।

प्रमुख कार्पेट व्यवसायी अलहाज मो0 शमीम अंसारी ने कहा कि मुस्लिम संप्रदाय में बकरीद को कुर्बानी के त्योहार के रूप में मनाए जाने की परंपरा है। पैगंबर इब्राहिम ने अल्लाह के आदेश पर अपने 10 साल के पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें बेटे की कुर्बानी देना कुबूल किया था, तभी से कुर्बानी की परंपरा चली आ रही है। ईद उल अजहा के दिन हर कोई अल्लाह को कुर्बानी देना चाहता है लेकिन कुर्बानी के कुछ नियम हैं।

इन नियमों के आधार पर ही अल्लाह को कुर्बानी दी जा सकती है। जनाब अंसारी ने बताया है कि बकरे की कुर्बानी से बहुत बड़ी है, इस्लाम में गरीबों और मजलूमों का खास ध्यान रखने की परंपरा है। बकरीद पर अल्लाह के पास ह‌ड्ड‌ियां, मांस या फिर खून नहीं पहुंचता है, उनके पास खुशी पहुंचती है, यानी देने का जज्‍बा। आप समाज की भलाई के लिए क्या और कितना कर सकते हैं। किसी भी जानवर की कुर्बानी केवल एक प्रतिकात्मक कुर्बानी है।

बताया कि कुर्बानी के लिए जानवर जैसे बकरा आदि की कोई कीमत नहीं होती है। कुर्बानी के लिए जानवर को आप चाहें 200 का खरीदें या फिर 2000 का, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। अल्लाह के यहां हर कोई बराबर होता है
1-- नियम के अनुसार, जिसके पास 613 से 614 ग्राम चांदी हो या आज के हिसाब से इतनी चांदी की कीमत के बराबर धन हो। केवल वही लोगों को कुर्बानी का फर्ज है यानी उसे कुर्बानी देनी चाहिए।

2– अगर कोई व्यक्ति पहले से कर्ज में है तो वह कुर्बानी नहीं दे सकता। कुर्बानी केवल वही दे सकता है, जो किसी भी कर्ज में ना हो। अगर आप कर्ज में हैं तो पहले उसको चुकता करें तभी आपकी कुर्बानी मंजूर होगी।
3– अगर आप अपनी कमाई पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें का ढाई फीसदी दान में देते हैं। साथ ही समाज की भलाई के लिए हमेशा खुद और धन को आगे रखते हैं। उनके लिए कुर्बानी जरूरी नहीं है। समाज की भलाई का कार्य हमेशा अल्लाह को खुश करता है।

4– कुर्बानी देने से पहले ध्यान रखें कि आप जिस जानवर की कुर्बानी देने जा रहे हों, उसे कोई शारीरिक बीमारी या फिर भैंगापन ना हो, सींग या कान का अधिकतर भाग टूटा ना हो नहीं दी जा सकती। साथ ही अगर पशु छोटा है तो उसकी भी कुर्बानी मान्य नहीं होगी।
5– ईद की नमाज के बाद कुर्बानी के गोश्त के तीन हिस्से किए जाते हैं। पहला हिस्सा खुद के इस्तेमाल के लिए, दूसरा गरीबों के लिए और तीसरा अपने संबंधियों के /लिए किया जाता है। वैसे ज्यादातर लोग सभी हिस्सों को गरीबों में बांट देते हैं।

SBI अकाउंट से करते हैं ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर, तो जान लें ये 4 काम की बातें

अगर आप जॉब की तलाश में हैं और आप SBI के साथ एक कुछ काम करने का प्लान कर रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं एक शानदार मौके के बारे में जिसके जरिए आप SBI के बैंक मित्र बन जाएंगे. देश के सबसे बड़े बैंक SBI को देश के 8 राज्‍यों में बैंक मित्रों की तलाश है. तो आप भी कर सकते हैं बैंक मित्र बनने के लिए अप्लाई. अगली स्लाइड में जानिए सारी जानकारी कैसे और कौन कर सकता है अप्लाई.

अगर आप जॉब की तलाश में हैं और आप SBI के साथ एक कुछ काम करने का प्लान कर रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं एक शानदार मौके के बारे में जिसके जरिए आप SBI के बैंक मित्र बन जाएंगे. देश के सबसे बड़े बैंक SBI को देश के 8 राज्‍यों में बैंक मित्रों की तलाश है. तो आप भी कर सकते हैं बैंक मित्र बनने के लिए अप्लाई. अगली स्लाइड में जानिए सारी जानकारी कैसे और कौन कर सकता है अप्लाई.

हम आपको कई अहम जानकारियां दे रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद आप घर पर बैठकर सभी बैंकिंग सेवाओं का फायदा उठा पाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated : July 03, 2018, 10:25 IST

देश के अन्य बैंकों की तरह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराता हैं. इसके जरिये आप घर बैठे वो सभी काम कर सकते हैं, जिसके लिए आपको बैंक जाना होता हैं. आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों में कई लोगों ने एसबीआई से इंटरनेट बैंकिंग को लेकर कई सवाल पूछें हैं, इसीलिए आज हम आपको इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी काम की बातें बता रहे हैं.

(1) इंटरनेट बैंकिंग- इंटरनेट बैंकिंग के लिए आपको बैंक की वेबसाइट www.onlinesbi.com पर लॉग इन करना होगा. (ये भी पढ़ें-अगर पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें SBI में है सेविंग अकाउंट तो जान लें काम की ये 7 बातें)

(2) रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (RTGS) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सिस्टम (NEFT) के जरिये आप किसी को भी पैसे भेज सकते हैं.

RTGS- यह एक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली है जिसमें बैंकों के बीच भुगतान दिन भर में, एक वास्तविक समय के आधार पर, व्यक्तिगत रूप से और लगातार होते है. यह सुविधा 2.00 लाख रुपये के लेन - देन मूल्य के लिए और ऊपर की राशि के लिए उपलब्ध है.(ये भी पढ़ें-SBI के इन 8 बैंक अकाउंट पर लागू नहीं होता है मिनिमम बैलेंस नियम)

NEFT- यह एक अन्य इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली है. जिसमें बैंकों के बीच भुगतान निर्देश दिन भर में निर्धारित समय पर डिफरड नेट सेटलेमेंट (डीएनएस) के आधार पर निपटाया जाता है. इस सुविधा का उपयोग करने के लिए लेन – देन व्यवहार की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है.

नोट: आरटीजीएस और एनईएफटी सिस्टम रविवार और राज्य भर में आम राष्ट्रीय छुट्टियों को छोड़कर सभी दिन काम करते हैं. (ये भी पढ़ें-SBI के ATM से रोजाना निकाल सकते हैं इतना कैश, मुफ्त हैं ये सर्विस)

(3) ऑनलाइन बैंकिंग के जरिये कर सकते हैं ये काम

>> उपयोगी सेवाओं के बिलों का भुगतान
>> सड़क, रेल और हवाई यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग
>> भारतीय जीवन बीमा निगम एवं अन्य बीमा प्रीमियम भुगतान
>> स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य म्युचुअल फंड निवेश
>> स्टेट बैंक ऑफ पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें इंडिया और अन्य क्रेडिट कार्ड बकाया भुगतान
>> आय, सेवा, राज्य सरकार कर भुगतान
>> सीमा शुल्क भुगतान
>> ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ([email protected])
>> आईपीओ के लिए ऑनलाइन आवेदन
>> आईआईटी और एनआईटी सहित शिक्षण संस्थानों का चयन करने के लिए शुल्क भुगतान

बैंक की वेबसाइट 'वेरी साइन' द्वारा प्रमाणित है जो इस बात का प्रमाण है कि यह साइट ऑनलाइन लेन-देन करने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है. (ये भी पढ़ें-ATM को लेकर नाराज RBI ने बैंकों को दिया नया आदेश, अगस्त के बाद होगी कार्रवाई)

(4) पूछें गए ये सवाल:-

सवाल: RTGS के जरिये जिस अकाउंट में पैसा भेजा जाता है, वहां कब पहुंचता है?
जवाब: सामान्य परिस्थितियों में बैंक द्वारा पैसा ट्रांसफर करते ही रियल टाइम में (तत्काल) खाताधारक की बैंक शाखा में पहुंचा जाता है.

सवाल: NEFT के जरिये जिस अकाउंट में पैसा भेजा जाता है, वहां कब पहुंचता है?
जवाब: आरबीआई को हर घंटे के अंतराल पर अगले उपलब्ध बैच में पैसा ट्रांसफर करती हैं. जिसके अकाउंट में पैसा पहुंचेगा, वह क्रेडिट मिलने में लगने वाला समय इस बात पर निर्भर करेगा कि हिताधिकारी बैंक भुगतान प्रक्रिया के लिए कितना समय लेता है.

सवाल: अगर RTGS के जरिये भेजा पैसा भेजे जाने वालों को नहीं मिलता तो वापस कब तक मिलेगा?

जवाब: जी हां, किसी वजह से भेजे जाने वाले के खाते में रकम ट्रांसफर नहीं होती तो बैंक को ढे़ड घंटे में धन वापस करना होगा. पैसे भेजने वाले बैंक को पैसे वापस मिलने पर, वह उसे उस अकाउंट में ही भेजता है जिस अकाउंट से पैसा ट्रांसफर हुआ था.

सवाल: अगर NEFT के जरिये भेजा पैसा भेजे जाने वालों को नहीं मिलता तो वापस कब तक मिलेगा?

जवाब: जी हां, किसी वजह से भेजे जाने वाले के खाते में रकम ट्रांसफर नहीं होती तो बैंक को अगले दो बैचों अर्थात् (बी+2) में धन भेजने वाले बैंक को धन वापस करना होगा. धन भेजने वाले बैंक को धन वापस मिलने पर वह उसे उस अकाउंट में ही भेजता है जिस अकाउंट से पैसा ट्रांसफर हुआ था.

सवाल: दिन/सप्ताह के दौरान किस समय आरटीजीएस तथा एनइएफटी सेवा उपलब्ध है?
आरटीजीएस लेन-देन निम्नलिखित समयानुसार आरबीआई को भेजा जाएगा.

सोमवार से शुक्रवार: सुबह 8:00 बजे से 16:30 बजे तक
शनिवार: सुबह 8:00 बजे से 2:00 बजे तक

NEFT
कार्यदिवस पर 9.00 बजे से 19.00 बजे तक प्रत्येक घंटे के अंतराल पर निपटान
शनिवार को 9.00 बजे से 1.00 बजे तक प्रत्येक घंटे के अंतराल पर निपटान

सवाल: क्या भारत में सभी बैंक शाखाएं आरटीजीएस / एनइएफटी सेवा उपलब्ध कराती है?
जवाब: नहीं, आरटीजीएस सुविधा भारत की कुछ विशेष शाखाओं में उपलब्ध है. आप इन शाखाओं की सूची आरबीआई की वेबसाइट www.rbi.org.in/Scripts/Bs_viewRTGS.aspx

सवाल: RTGS और NEFT भुगतान के लिए क्या अनिवार्य जानकारी चाहिए?
जवाब: पैसे भेजने वाले को इन सभी चीजों की जानकारी होनी चाहिए
>> ट्रांसफर की जाने वाली राशि
>> खाता नंबर जिसमें पैसे जमा करना है
>> बेनेफिशरी बैंक का नाम
>> बेनेफिशरी ग्राहक का नाम
>> प्राप्तकर्ता शाखा का आईएफएससी कोड
>> पैसे भेजने वाले का मोबाइल नंबर
>> केवल खाता नंबर के आधार पर ही खाते में राशि जमा की जाएगी. इसलिए इलेक्ट्रानिक माध्यम से मनी ट्रांसफर करते समय धन-भेजने वाले को खाता संख्या ध्यानपूर्वक देना चाहिए.

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डीमैट अकाउंट क्या है, इसके प्रकार और Demat Account खोलने की प्रक्रिया 2022

जब कुछ साल पहले आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते थे, तो वो कंपनी आपको उन शेयर से जुड़े कुछ कागज़ात भेजती थी। वो कागज़ इस बात का सबूत होते थे की आपने उस कंपनी में निवेश किया है, कंपनी में शेयर खरीद रखें है पर Demat Account के आगमन के बाद से सब बदल सा गया है।

अब किसी भी कंपनी में शेयर खरीदने के बाद यानि किसी कंपनी में निवेश करने पर आपको जो सर्टिफिकेट और आपके शेयर की जानकारी इसी डीमैट अकाउंट के द्वारा दी जाती है। आप अपने मोबाइल में डीमैट अकाउंट लॉगिन करके ऑनलाइन सारी जानकारी देख सकते हैं। आइये जानते हैं, इसकी पूरी जानकरी विस्तार से.

आखिर ये डीमैट अकाउंट क्या है और ये इतना जरुरी क्यूँ है ?

जब कोई पहली बार बॉन्ड, स्टॉक, शेयर या सम्बंधित अन्य चीजों में निवेश करने का निर्णय लेते हैं, तो उनके सामने एक नया पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें शब्द आता है Demat Account. डीमैट से आपके सारे दस्तावेज सुरक्षित रहते हैं, आप ट्रेडिंग से जुड़े धोखाधड़ी के नुकसान से भी राहत मिलती है इससे आप आसानी से लोन भी ले सकते हैं और ऑनलाइन ट्रेडिंग से समय की काफी बचत होती है। आप आसानी से शेयर्स को ट्रैक कर सकते हैं। यदि आप भी शेयर बाजार की यात्रा शुरू करना चाहते हैं, तो आज ही अपना डीमैट खाता खोलें।

डीमैट खाता का अर्थ क्या है या यह आपकी सहायता कैसे कर सकता है। इस बारे में तो इस पोस्ट में चर्चा आगे करेंगे, उससे पहले कुछ महत्वपूर्ण बाते आपको जान लेनी चाहिए ।

डीमैट अकाउंट क्या है ?

शेयर खरीदने, बेचने और शेयर की जानकारी रखने के लिए जिस प्लेटफार्म की आवश्यकता होती है उसे डीमैट अकाउंट ( Demat Account ) कहते हैं।

डीमैट अकाउंट यानि डीमटेरियलाइज्ड अकाउंट एक प्रकार का अकाउंट है जो किसी निवेशक के पास शेयर और सिक्योरिटीज़ की संख्या रिकॉर्ड करता है। सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें द्वारा यह अनिवार्य है कि शेयर ट्रांज़ैक्शन ( शेयर की खरीद – बिक्री ) से पहले आपके पास एक डीमैट अकाउंट हो। डीमैट अकाउंट में कुछ न्यूनतम शुल्क जैसे डीमैट ओपनिंग फीस, वार्षिक मेंटेनेंस शुल्क (एएमसी), कस्टोडियन फीस और ट्रांज़ैक्शन शुल्क शामिल हैं।

अकाउंट धारक डिपॉजिटरी प्रतिभागी के मध्यस्थता के साथ डीमैट अकाउंट का संचालन करता है। डिपॉजिटरी के कामकाज, रेगुलेशन और निरीक्षण को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग में डिपॉजिटरी एक महत्वपूर्ण फर्म है। यह एक ट्रेडर या निवेशक को बहुत ही कम समय में डीमैट अकाउंट से स्टॉक / शेयर बेचने की अनुमति देता है।

उदहारण : डीमैट अकाउंट क्या है ?

जिस प्रकार आपका किसी बैंक में अकाउंट होता है, ठीक उसी प्रकार बहुत सारी कंपनी है, जो डीमैट अकाउंट खोलती है। फर्क इतना सा होता है, बैंक अकाउंट में पैसे जमा रखते हैं, demat account में आपके द्वारा खरीदे गए कम्पनीज़ के शेयर होते हैं। बैंक में पैसे जमा करके पैसे निकालते हैं तो वहीं इसमें पैसे से शेयर खरीदते हैं और शेयर बेच कर पैसे कमाते हैं।

जिस तरह आप किसी एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं, वैसे आप शेयर भौतिक रूप से नहीं निकाल सकते हैं, हाँ किसी व्यक्ति को बेचते हैं तो शेयर का पैसा आपके demat account से लिंक बैंक अकाउंट में आता है।

डीमैट अकाउंट के प्रकार

मुख्य रूप से 3 प्रकार के डीमैट अकाउंट होते हैं। डीमैट अकाउंट का उपयोग भारतीय निवासियों और गैर-निवासी भारतीयों (NRI) द्वारा किया जा सकता है। अपनी आवासीय पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें स्थिति के आधार पर, इन्वेस्टर उनके लिए उपयुक्त डीमैट अकाउंट चुन सकते हैं।

  • रेगुलर डीमैट अकाउंट : रेगुलर डीमैट अकाउंट केवल निवेशकों के लिए उपलब्ध हैं जो आवासीय भारतीय हैं। नियमित डीमैट अकाउंट उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो अपने स्वयं के शेयरों से निपटते हैं। नियमित डीमैट अकाउंट निवेशकों को शेयरों के त्वरित ट्रांज़ैक्शन करने की अनुमति देता है।
  • रिपेट्रिएबल डीमैट अकाउंट : रिपेट्रिएबल डीमैट अकाउंट NRI के लिए है। नियमित डीमैट अकाउंट धारकों के विपरीत, प्रत्यावर्ती डीमैट अकाउंट धारकों को डीमैट अकाउंट के साथ अपने NRE (अनिवासी बाहरी) अकाउंट को लिंक करना होता है। NRI को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के नियमों का पालन करना होता है।
  • नॉन-रिपेट्रिएबल डीमैट अकाउंट : नॉन-रिपेट्रिएबल डीमैट अकाउंट NRI के लिए उपलब्ध दूसरा डीमैट अकाउंट विकल्प है। हालांकि, नॉन-रिपेट्रिएबल डीमैट अकाउंट NRI को विदेश में फंड ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं देता है। प्रभावी ऑपरेशन के लिए डीमैट अकाउंट से अपने NRO (नॉन-रेजिडेंट ऑर्डिनरी) सेविंग अकाउंट को लिंक करने के लिए इन्वेस्टर को अपने NRO (नॉन-रेजिडेंट ऑर्डिनरी) सेविंग अकाउंट की आवश्यकता होती है। Note : NRI की स्थिति प्राप्त करने से पहले, नियमित डीमैट वाले इन्वेस्टर बिना किसी शेयर के भारत छोड़ने के बाद नॉन-रिपेट्रिएबल डीमैट अकाउंट कैटेगरी में ट्रांसफर कर सकते हैं या नए अकाउंट को पूरी तरह से खोलने का विकल्प चुन सकते हैं।

Demat Account खोलने की प्रक्रिया

डीमैट खाता खोलना बिल्कुल आसान है। यह दो तरीकों से किया जा सकता है: ऑफ़लाइन और ऑनलाइन। आइए यहाँ हम ऑनलाइन डीमैट खाता कैसे खोलें, इस पर नजर पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें डालते है। नोट : Demat Account खोलने से पहले शेयर मार्केट से पैसे कैसे कमाए जरुर पढ़ लें। ताकि आपको ट्रेडिंग से सम्बंधित सभी चीजों का ज्ञान हो।

यहां पर ऑनलाइन डीमैट खाता खोलने के लिए कुछ चरण दिए गए हैं:

Step 1. अपनी पसंदीदा डीपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। जैसे : Angel One, Zerodha, ICICI Direct, Upstox और अन्य।

Step 2. अपना नाम, फोन नंबर और निवास के शहर के लिए पूछने वाले सरल लीड फॉर्म को भरें, इसके बाद आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा।

Step 3. आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जहाँ ओटीपी दर्ज करें। अपने केवाईसी विवरण जैसे कि जन्म तिथि, पैन कार्ड विवरण, संपर्क विवरण, बैंक खाता विवरण भरें।

Step 4. आपका डीमैट खाता अब खुल गया है! आपको डीमैट खाता नंबर जैसे विवरण अपने ईमेल और मोबाइल पर प्राप्त होंगे।

Step 5. इसके बाद आपको सभी अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक केवाईसी विवरण प्रदान करना होता है।

स्वीकृत केवाईसी दस्तावेजों की सूची

एक डीमैट खाता खोलने के लिए, आपको कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी,आपको पहचान के एक प्रमाण और पते के एक प्रमाण की आवश्यकता होगी। यहां स्वीकृत दस्तावेजों की एक सूची दी गई है जो इसके लिए कार्य कर सकती है:

पहचान का प्रमाण

2. ड्राइविंग लाइसेंस

5. बिजली/फोन बिल की सत्यापित प्रति

8.केंद्रीय या राज्य सरकारी निकाय द्वारा जारी एक फोटो आईडी कार्ड

9.आईसीएआई, आईसीडब्ल्यूएआई, आईसीएसआई, बार परिषद आदि, तस्वीर के साथ जारी पहचान पत्र

पते का प्रमाण

4. ड्राइविंग लाइसेंस

5. बैंक पासबुक/ बैंक स्टेटमेंट

6. छुट्टी और लाइसेंस अनुबंध/बिक्री का अनुबंध

7. आवासीय टेलीफोन/बिजली बिलों की सत्यापित प्रतियां

8. उच्च न्यायालय/सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों द्वारा स्व-घोषणा

9. केंद्रीय या राज्य सरकारी निकाय द्वारा जारी किए गए पते के साथ एक फोटो आईडी कार्ड

10. आईसीएआई, आईसीडब्ल्यूएआई, आईसीएसआई, बार काउंसिल आदि द्वारा जारी किया गया, तस्वीर और पते के साथ पहचान पत्र।

एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंडों के बारे में ये 5 बातें जान लें, होगा फायदा

ईटीएफ म्यूचुअल फंड जैसे होते हैं. लेकिन, दोनों में बड़ा अंतर यह है कि ईटीएफ को किसी शेयर की तरह स्टॉक एक्सचेंज से खरीदा या बेचा जा सकता है.

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2. ईटीएफ म्यूचुअल फंड जैसे होते हैं. लेकिन, दोनों में बड़ा अंतर यह है कि ईटीएफ को किसी शेयर की तरह स्टॉक एक्सचेंज से खरीदा या बेचा जा सकता है. यानी शेयर बाजारों में इनकी ट्रेडिंग होती है. जिस तरह आप शेयरों को खरीदते-बेचते हैं. ठीक वैसे ही आप एक्सचेंज के कारोबारी घंटों के दौरान ईटीएफ को भी खरीद-बेच सकते हैं. ईटीएफ की पेशकश पहले एनएफओ के रूप में होती है. फिर ये शेयर बाजार में लिस्ट होते हैं. ट्रेडिंग पोर्टल या स्टॉक ब्रोकर के जरिये शेयर बाजार पर ईटीएफ की खरीद-फरोख्त होती है.

3. देश में 3 तरह के ईटीएफ हैं. इनमें इक्विटी ईटीएफ, डेट ईटीएफ और गोल्‍ड ईटीएफ शामिल हैं. तीनों तरह के ईटीएफ में अपनी जरूरत के अनुसार आप निवेश कर सकते हैं. जिस तरह दूध के दाम बढ़ जाने से पनीर और घी महंगे हो जाते हैं. ठीक वैसे ही ईटीएफ में भी इंडेक्स के चढ़ने-उतरने का असर होता है. यानी ईटीएफ का रिटर्न और रिस्क बीएसई सेंसेक्स जैसे इंडेक्स या सोने जैसे एसेट में उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है.

4. निवेश की लागत के लिहाज से ईटीएफ सस्‍ता विकल्‍प है. इनके साथ मुख्‍य रूप से तीन तरह की कॉस्‍ट जुड़ी होती है. इनमें ट्रांजेक्‍शन का ब्रोकरेज, एसटीटी और ईटीएफ का एक्‍सपेंस रेशियो शामिल है.

5. यह डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में निवेश का लागत कुशल विकल्‍प है. ईटीएफ के मूल्य वास्तविक समय में पता चल जाते हैं. यानी लेनदेन के समय ही इनके दामों का भी पता लग जाता है. जबकि म्यूचुअल फंडों के एनएवी के साथ यह नहीं होता है. एनएवी का कैलकुलेशन दिन के अंत में होता है.

इस पेज की सामग्री सेंटर फॉर इंवेस्टमेंट एजुकेशन एंड लर्निंग (सीआईईएल) के सौजन्य से. गिरिजा गादरे, आरती भार्गव और लब्धि मेहता का योगदान.

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Paytm IPO: पेटीएम के रिकॉर्ड आईपीओ में पैसे लगाए या नहीं, एक्सपर्ट की ये है राय; इश्यू से जुड़ी सभी डिटेल्स यहां देखें

Paytm IPO: पेटीएम का आईपीओ 18300 करोड़ रुपये का है जिसमें करीब 30 फीसदी हिस्सा चीन की दिग्गज कंपनी एंट ग्रुप का है यानी कि एंट ग्रुप की दो कंपनियां इश्यू के जरिए करीब 5490 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री करेंगी.

Paytm IPO: पेटीएम के रिकॉर्ड आईपीओ में पैसे लगाए या नहीं, एक्सपर्ट की ये है राय; इश्यू से जुड़ी सभी डिटेल्स यहां देखें

Paytm IPO comprised a fresh issue of equity shares worth Rs 8,300 crore and an offer for sale (OFS) of shares worth up to Rs 10,000 crore. (File)

Paytm IPO: देश की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनी पेटीएम का आईपीओ आज खुल गया है. 18300 करोड़ रुपये का यह आईपीओ देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है. इससे पहले यह रिकॉर्ड दिग्गज सरकारी कंपनी कोल इंडिया (Coal India) के नाम पर था जिसका आईपीओ 2010 में आया था और यह 15475 करोड़ रुपये का था. पेटीएम का आईपीओ 18300 करोड़ रुपये का है जिसके तहत 8300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे. इसमें निवेश के लिए निवेशकों को तय प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से कम से कम 12,900 रुपये का निवेश करना होगा. पेटीएम के 18300 करोड़ पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें रुपये के आईपीओ में करीब 30 फीसदी हिस्सा चीन की दिग्गज कंपनी एंट ग्रुप का है यानी कि एंट ग्रुप की दो कंपनियां इश्यू के जरिए करीब 5490 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री करेंगी. ग्रे मार्केट में इसके शेयर प्राइस बैंड के अपर प्राइस से महज 3 फीसदी प्रीमियम यानी कि 2210 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हैं. हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स ने लांग टर्म के लिए इसमें निवेश की सलाह दी है.

वन97 कम्यूनिकेशंस (One97 Communications) की पेमेंट ऐप कंपनी पेटीएम की ब्रांड वैल्यू Kantar BrandZ India 2020 Report के मुताबिक 630 करोड़ डॉलर (46753.15 करोड़ रुपये) है जो सभी पेमेंट्स ब्रांड्स में सबसे अधिक है. इस ऐप के न जरिए सिर्फ पैसों का लेन-देन और शॉपिंग ही नहीं होता है बल्कि दुकानदार इसका इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट्स के विज्ञापन इत्यादि के लिए भी करते हैं.

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One 97 Communications Limited IPO (Paytm IPO)

  • देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm का 18,300 करोड़ रुपये का आईपीओ आज खुल गया है और यह 10 नवंबर तक खुला रहेगा.
  • इश्यू के तहत 8300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे जबकि 10 हजार करोड़ रुपये के शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बिक्री होगी.
  • 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयरों के लिए प्राइस बैंड 2080-2150 रुपये प्रति इक्विटी शेयर रखा गया है.
    पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने 6 शेयरों का लॉट साइज तय किया है यानी कि निवेशकों को कम से कम 12900 रुपये का निवेश करना होगा.
  • अलॉटमेंट 15 नवंबर को फाइनल हो सकता है जबकि शेयर एक्सचेंज पर पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें 18 नवंबर को लिस्ट हो सकते हैं.
  • इश्यू के लिए लिंक इनटाइम इंडिया को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है.
  • आईपीओ के जरिए जुटाए गए 4300 करोड़ रुपये से कंपनी अपने इकोसिस्टम को और मजबूत करेगी. दो हजार करोड़ रुपये को नए कारोबार या अधिग्रहण या रणनीतिक साझेदारी में निवेश किया जाएगा. इसके अलावा पैसों का इस्तेमाल आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा.

चीन की दिग्गज कंपनी की कम होगी हिस्सेदारी

आईपीओ के जरिए 10 हजार करोड़ रुपये के शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बिक्री होगी. इसमें सबसे अधिक बिक्री एंट ग्रुप की कंपनियां करेंगी. कंपनी द्वारा दाखिल आरएचपी (रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) के मुताबिक एंट ग्रुप की एंटफाइनेंस (नीदरलैंड) 4704.43 करोड़ रुपये और अलीबाबाडॉटकॉम सिंगापुर ई-कॉमर्स 784.82 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री करेगी. सेबी के पास दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक एंटफिन (नीदरलैंड्स) होल्डिंग बीवी की कंपनी में 27.9 फीसदी और अलीबाबाडॉटकॉम सिंगापुर ई-कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड की 6.8 फीसदी हिस्सेदारी है, ये दोनों कंपनियां 5489.25 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री करेंगी जो कुल इश्यू का करीब 30 फीसदी है. कंपनी के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर वर्मा के पास इसमें 14.7 फीसदी इक्विटी होल्डिंग है और वह 402.65 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री करेंगे.

निवेश को लेकर एक्सपर्ट की ये है राय

  • रिलायंस सिक्योरिटीज के मुताबिक पेटीएम के आईपीओ की वैल्यू वित्त वर्ष 2021 की बिक्री के मुकाबले 43.7 गुने और वित्त वर्ष 2022 की अनुमानित बिक्री के मुकाबले 36.7 गुने पर है जोकि हाल ही में लिस्ट हुी यूनीकॉर्न जोमैटो के मुकाबले 12 फीसदी डिस्काउंट पर है. महामारी के बावजूद पेटीएम की ग्रॉस मर्चेंटाइज वैल्यू वित्त वर्ष 2019-21 के बीच 33 फीसदी की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें से बढ़ी है और वित्त वर्ष 2021-26 के बीच वैल्यू टर्म्स में इसके डिजिटल पेमेंट्स कारोबार में 17 फीसदी की सीएजीआर से बढ़ोतरी का अनुमान है. इन सबसे आधार पर रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट विकास जैन ने निवेशकों को लांग टर्म के लिए पेटीएम के आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है.
  • सैंक्टम हेल्थ के डायरेक्टर रिसर्च आशीष चतुरमोहता के मुताबिक अगले पांच वर्षों में डिजिटल कारोबार तीन गुना से अधिक बढ़ सकता है और कैशलेस सोसयटी की तरफ तेजी से बढ़ रहे एरा में मोबाइल ऐप पेमेंट्स की भूमिका बढ़ रही है. पेटीएम का आईपीओ 49.7 एमकैप/वित्त वर्ष21 रेवेन्यू पर उपलब्ध है. हाई वैल्यूएशन के बावजूद डिजिटल फाइनेंस स्पेस में पेटीएम की मजबूत मौजूदगी है. इसके चलते सैंक्टम वेल्थ ने इसे सब्सक्राइब की रेटिंग दी है.

किसी भी वित्त वर्ष में पेटीएम को मुनाफा नहीं

कंपनी के करीब 33.3 करोड़ ग्राहक हैं और 11.4 करोड़ एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स और 2.10 करोड़ रजिस्टर्ड मर्चेंट्स हैं. कंपनी के वित्तीय स्थिति की बात करें तो पेटीएम जब से शुरू हुई है, इसे किसी भी वित्त वर्ष में मुनाफा नहीं हुआ है. पिछले तीन वित्त वर्ष में मुनाफा (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) तो नहीं हुआ है लेकिन नुकसान में कमी आई है. वित्त वर्ष 2019 में कंपनी को 4230.9 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2020 में घटकर 2942.4 करोड़ रुपये और फिर अगले वित्त वर्ष 2021 में घटकर 1701 करोड़ रुपये रह गया.पहले ट्रेडिंग से जुड़ी बातें जान लें

(स्टोरी में दिए गए स्टॉक रिकमंडेशन संबंधित रिसर्च एनालिस्ट व ब्रोकरेज फर्म के हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. पूंजी बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन हैं. निवेश से पहले अपने सलाहकार से जरूर परामर्श कर लें.)

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